Adityapur Shootout: आदित्यपुर गोलीकांड का सनसनीखेज खुलासा, मां के प्रेम प्रसंग के प्रतिशोध में दागी गई थी गोलियां
सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर में राजवीर सिंह पर हुई गोलीबारी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हमले के पीछे मां के प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश की खौफनाक कहानी सामने आई है। पुलिस ने शुभम सरकार और राज लोहार को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
आदित्यपुर/सरायकेला, 12 मार्च 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में 2 मार्च को हुए सनसनीखेज गोलीकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को हथियारों के बड़े जखीरे के साथ दबोच लिया है। गुरुवार को एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हमले के पीछे की जो कहानी बताई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। यह हमला केवल आपसी विवाद नहीं, बल्कि पारिवारिक प्रतिष्ठा और प्रतिशोध की गहरी साजिश का नतीजा था।
2 मार्च की वो खौफनाक शाम
घटना 2 मार्च की है, जब 19 वर्षीय राजवीर सिंह उर्फ लालू अपने साथी आशीष दीप के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
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पीछे बैठे युवक को लगी गोली: हमले में मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे राजवीर सिंह को गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
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टीएमएच में इलाज: घायल राजवीर को तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया, जहाँ वह मौत से जूझ रहा था। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस पर हमलावरों को पकड़ने का भारी दबाव था।
मां का प्रेम प्रसंग और खूनी प्रतिशोध
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा है। मुख्य आरोपी शुभम सरकार के इस आत्मघाती कदम के पीछे एक गहरी टीस थी।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: शुभम के पिता पिछले तीन वर्षों से मानगो के एक मर्डर केस में जेल में बंद हैं।
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विवाद की जड़: पिता के जेल जाने के बाद शुभम की मां का संबंध आकाश दीप नामक व्यक्ति से हो गया। आकाश उसकी मां को लेकर गुजरात चला गया, जिसे शुभम अपनी और अपने परिवार की बदनामी मान रहा था।
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गलत निशाना: इसी रंजिश के चलते शुभम ने आकाश दीप के करीबियों (राजवीर और आशीष) को सबक सिखाने की ठानी और उन पर गोलियां दाग दीं।
पुलिस की स्ट्राइक: हथियारों का मिला जखीरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ समीर सर्वैया के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Tracking) और गुप्तचरों की मदद से शुभम सरकार और उसके साथी राज लोहार उर्फ कालू को घेर लिया।
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बरामदगी: अपराधियों के पास से पुलिस ने एक देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, 20 जिंदा कारतूस (16 पिस्टल और 4 कट्टा के), एक मैगजीन और घटना में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है।
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जेल भेजे गए आरोपी: पुलिस ने बताया कि इन अपराधियों के पास से दो मोबाइल फोन भी मिले हैं, जिनसे कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
आदित्यपुर का आपराधिक इतिहास और पुलिस की चुनौती
आदित्यपुर क्षेत्र झारखंड के औद्योगिक हब के साथ-साथ कई बार आपराधिक गुटों की शरणस्थली भी रहा है।
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सोनारी-आदित्यपुर लिंक: इस केस का जुड़ाव मानगो और सोनारी के पुराने आपराधिक मामलों से भी दिख रहा है।
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अवैध हथियारों का बढ़ता चलन: जिस तरह से 19-20 साल के युवकों के पास से देसी पिस्टल और कट्टे मिल रहे हैं, वह प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है।
आदित्यपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने शहर में एक बड़े गैंगवार की संभावना को टाल दिया है। पारिवारिक रंजिश में जिस तरह युवाओं ने अपराध का रास्ता चुना, वह समाज के लिए एक चेतावनी है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन्हें हथियार सप्लाई किए थे।
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