Burmamines Celebration : बर्मामाइंस में गूंजा 'जय भीम', गोंड आदिवासी संघ ने मनाई 135वीं जयंती, बाबा साहब के विचारों से समाज को जोड़ने का संकल्प

जमशेदपुर के बर्मामाइंस में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम से मनाई है। अटल सामुदायिक भवन में आयोजित इस गरिमामय समारोह की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 14, 2026 - 16:04
 0
Burmamines Celebration : बर्मामाइंस में गूंजा 'जय भीम', गोंड आदिवासी संघ ने मनाई 135वीं जयंती, बाबा साहब के विचारों से समाज को जोड़ने का संकल्प
Burmamines Celebration : बर्मामाइंस में गूंजा 'जय भीम', गोंड आदिवासी संघ ने मनाई 135वीं जयंती, बाबा साहब के विचारों से समाज को जोड़ने का संकल्प

जमशेदपुर/बर्मामाइंस, 14 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बर्मामाइंस क्षेत्र में आज संविधान शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के तत्वावधान में ईस्ट प्लांट बस्ती स्थित अटल सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एकजुट होकर बाबा साहब के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण 'जय भीम-जय भीम' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा, जो समाज में बढ़ती जागरूकता और एकता का प्रतीक बना।

श्रद्धांजलि और संकल्प: माल्यार्पण के साथ हुआ समारोह का आगाज

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण और केक काटकर की गई।

  • अध्यक्षता: कार्यक्रम की कमान दिनेश साह ने संभाली, जिन्होंने समाज के हर वर्ग को एकजुट करने का संदेश दिया।

  • मुख्य संदेश: वक्ताओं ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों को याद किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा साहब का मूल मंत्र 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' आज भी आदिवासी और वंचित समाज के लिए सबसे बड़ा हथियार है।

  • शिक्षा पर जोर: कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने और अंधविश्वास से दूर रहकर समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही।

सक्रिय भागीदारी: महिलाओं और बच्चों ने बढ़ाया उत्साह

इस जयंती समारोह की सबसे खास बात बच्चों और महिला समिति की सक्रिय भागीदारी रही।

  1. महिला समिति: श्रीमती नीतू कुमारी और अंजू देवी के नेतृत्व में महिला समिति ने समाज में महिलाओं की भागीदारी और उनके अधिकारों पर चर्चा की।

  2. युवा शक्ति: अश्मित कुमार और रेयांश साह जैसे युवाओं ने बाबा साहब के विचारों को सोशल मीडिया और आधुनिक दौर में प्रचारित करने का संकल्प लिया।

  3. उपस्थित गणमान्य: समारोह में रामानंद प्रसाद, मुन्ना प्रसाद, उमेश साह, मनोज प्रसाद, किशोर साह, रामेश्वर प्रसाद, बॉबी साह, राम बच्चन ठाकुर, सोहन साह और आंचल कुमारी सहित बड़ी संख्या में बस्तीवासी उपस्थित रहे।

अगली राह: जागरूकता और सामाजिक उत्थान

अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने इस अवसर पर भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया।

  • साप्ताहिक चर्चा: अटल सामुदायिक भवन में अब नियमित रूप से युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग और सामाजिक जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।

  • सांस्कृतिक संरक्षण: समाज की पारंपरिक कला और संस्कृति को बाबा साहब के आधुनिक विचारों के साथ जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा।

  • एकता का संदेश: संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बर्मामाइंस की यह एकजुटता आने वाले समय में गोंड समाज को एक नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।

बर्मामाइंस में मनाई गई अंबेडकर जयंती केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज के भीतर सोई हुई चेतना को जगाने का प्रयास था। दिनेश साह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया कि गोंड आदिवासी संघ अब शिक्षा और एकता के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अटल सामुदायिक भवन में गूँजे 'जय भीम' के नारे आने वाले समय में सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिखेंगे। अब देखना यह है कि बाबा साहब के विचारों की यह मशाल समाज के अंतिम व्यक्ति तक कितनी जल्दी पहुँचती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।