Godda Conspiracy: गोड्डा में जज ने दी अपनी ही पत्नी की सुपारी, गांधी ग्राम चौक पर गोलीबारी का सनसनीखेज खुलासा, भागलपुर से शूटर गिरफ्तार
गोड्डा के पथरगामा में वंदना साह पर हुए जानलेवा हमले का खौफनाक सच सामने आ गया है। बिहार न्यायिक सेवा में कार्यरत जज पति द्वारा दी गई 2 लाख की सुपारी और भागलपुर से पकड़े गए तीन भाड़े के अपराधियों की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी न्याय के रक्षक के भक्षक बनने की इस सबसे बड़ी साजिश को जानने से चूक जाएंगे।
गोड्डा, 21 जनवरी 2026 – झारखंड के गोड्डा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न्याय व्यवस्था और रिश्तों की पवित्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पथरगामा थाना क्षेत्र के गांधी ग्राम चौक पर 17 जनवरी को महिला वंदना साह पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई अपराधी नहीं, बल्कि बिहार न्यायिक सेवा में कार्यरत जज और वंदना के पति संतोष कुमार साह निकले। महज अपनी पत्नी से छुटकारा पाने के लिए एक जज ने अपराधियों को 2 लाख रुपये की सुपारी दे डाली। गोड्डा पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में बिहार के भागलपुर से तीन शूटर्स को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गांधी ग्राम चौक पर मची थी चीख-पुकार: क्या थी घटना?
17 जनवरी की शाम महागामा-गोड्डा मुख्य पथ पर स्थित गांधी ग्राम चौक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा था।
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घात लगाकर हमला: वंदना साह बाइक से गोड्डा जा रही थीं, तभी पीछे से आए बाइक सवार अपराधियों ने उनकी जान लेने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी।
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गंभीर चोट: वंदना को गोलियां लगीं और वे खून से लथपथ होकर गिर पड़ीं। वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है, लेकिन उनके द्वारा दर्ज कराए गए बयान (कांड संख्या 13/26) ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी।
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विशेष टीम का गठन: गोड्डा एसपी के निर्देश पर बनी SIT ने जब तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Location & CDR) को खंगाला, तो तार सीधे बिहार के भागलपुर और न्यायिक सेवा से जुड़े संतोष साह से जा मिले।
2 लाख की सुपारी और जज का 'किलर' प्लान
गिरफ्तार अपराधियों—श्याम कुमार साह, सुबोध कुमार साह और मो. आरिफ (सभी कहलगांव, बिहार निवासी)—ने पुलिस के सामने जो कबूलनामा किया, वह चौंकाने वाला है।
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पारिवारिक विवाद: संतोष कुमार साह और वंदना के बीच गोड्डा परिवार न्यायालय में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
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छुटकारा पाने की सनक: जज संतोष अपनी पत्नी से पीछा छुड़ाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने पेशेवर अपराधियों से संपर्क किया और हत्या के लिए 2 लाख रुपये का सौदा तय किया।
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हथियार बरामद: पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार और अन्य सामान भी जब्त कर लिया है।
गोड्डा मर्डर कॉन्स्पिरेसी: केस प्रोफाइल (Case at a Glance)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| पीड़ित महिला | वंदना साह (गंभीर रूप से घायल) |
| मुख्य साजिशकर्ता | संतोष कुमार साह (जज, बिहार न्यायिक सेवा) |
| गिरफ्तार शूटर | श्याम साह, सुबोध साह, मो. आरिफ (भागलपुर) |
| सुपारी की रकम | ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) |
| वारदात की जगह | गांधी ग्राम चौक, पथरगामा |
इतिहास का पन्ना: गोड्डा और भागलपुर के बीच 'अपराध का गलियारा'
गोड्डा और भागलपुर (बिहार) का भौगोलिक और ऐतिहासिक रिश्ता सदियों पुराना है। 19वीं शताब्दी में अंग महाजनपद का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे कहलगांव और गोड्डा के बीच व्यापारिक संबंध थे। लेकिन इतिहास गवाह है कि पिछले तीन दशकों में इस सीमावर्ती क्षेत्र का उपयोग अपराधियों ने 'सेफ एग्जिट' के तौर पर किया है। 1990 के दशक में जब बिहार और झारखंड (तब बिहार का हिस्सा) में अपराध चरम पर था, तब भागलपुर के गिरोह गोड्डा और साहिबगंज में वारदातों को अंजाम देकर सीमा पार कर जाते थे। आज की यह घटना उसी ऐतिहासिक 'क्राइम कॉरिडोर' की याद दिलाती है, जहाँ कानून का ज्ञान रखने वाले एक व्यक्ति ने ही कानून की कमियों का फायदा उठाकर पड़ोसी राज्य के शूटरों को किराए पर लिया। एक जज द्वारा सुपारी किलिंग जैसी साजिश रचना गोड्डा के न्यायिक और सामाजिक इतिहास में एक काला अध्याय है।
न्याय की कुर्सी से सलाखों तक का सफर
गोड्डा पुलिस अब इस मामले में संतोष कुमार साह की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए बिहार सरकार और संबंधित उच्च न्यायालय को पत्राचार करने की तैयारी में है।
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पुलिस की मुस्तैदी: गोड्डा पुलिस ने महज 4 दिनों के भीतर हाई-प्रोफाइल साजिश का पर्दाफाश कर अपनी कार्यक्षमता साबित की है।
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कठोर कार्रवाई: अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि जज ने उन्हें सटीक लोकेशन और समय की जानकारी दी थी ताकि हत्या को अंजाम दिया जा सके।
कानून के हाथ लंबे होते हैं
यह मामला उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो पद और पावर के नशे में कानून को अपनी जेब में समझते हैं। गोड्डा पुलिस की इस कार्रवाई ने वंदना साह को इंसाफ की उम्मीद दी है और एक रसूखदार अपराधी के चेहरे से नकाब उतार दिया है।
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