Seraikela Raid: बालू माफिया पर बड़ी स्ट्राइक, सरायकेला में 11 हाईवा और ट्रक ब्लैकलिस्ट, ईचागढ़ में आधी रात को जिला प्रशासन का एक्शन देख मची खलबली

सरायकेला-खरसावां के ईचागढ़ में उपायुक्त के निर्देश पर अवैध बालू परिवहन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। 11 चिन्हित वाहनों को JIMMS पोर्टल पर ब्लॉक करने और उन पर भारी जुर्माने की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप भी खनन विभाग के इस 'डिजिटल लॉक' सिस्टम के नए पावर को समझने से चूक जाएंगे।

Jan 23, 2026 - 14:09
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Seraikela Raid: बालू माफिया पर बड़ी स्ट्राइक, सरायकेला में 11 हाईवा और ट्रक ब्लैकलिस्ट, ईचागढ़ में आधी रात को जिला प्रशासन का एक्शन देख मची खलबली
Seraikela Raid: बालू माफिया पर बड़ी स्ट्राइक, सरायकेला में 11 हाईवा और ट्रक ब्लैकलिस्ट, ईचागढ़ में आधी रात को जिला प्रशासन का एक्शन देख मची खलबली

सरायकेला/ईचागढ़, 23 जनवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध बालू उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' शुरू कर दी है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के कड़े रुख के बाद ईचागढ़ और चौका थाना क्षेत्र के वीरडीह और जारगोडीह में खनन विभाग ने एक बड़ी दबिश दी। इस औचक निरीक्षण अभियान में न केवल बालू लदे वाहनों को पकड़ा गया, बल्कि 11 गाड़ियों को डिजिटल रूप से 'ब्लैकलिस्ट' कर उनके चालान पर तब तक के लिए रोक लगा दी गई है जब तक कि वे भारी जुर्माना नहीं भर देते।

आधी रात का ऑपरेशन: वीरडीह और जारगोडीह में दबिश

22 जनवरी की देर रात जिला खनन पदाधिकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने ईचागढ़ के संवेदनशील इलाकों में घेराबंदी की।

  • चेकिंग का जाल: पुलिस निरीक्षक (चांडिल), खान निरीक्षक और ईचागढ़-चौका थाना प्रभारी ने स्थानीय पुलिस बल के साथ बालू लदे वाहनों को रोककर कागजात खंगाले।

  • पकड़ी गई चालाकी: जांच के दौरान पाया गया कि कई वाहन चालक परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। इनमें खनिजों को बिना तिरपाल के ले जाना और सबसे गंभीर—अपनी नंबर प्लेट (Registration Number) को जानबूझकर मिटाना या छिपाना शामिल था।

  • डिजिटल लॉक: अनियमितता पाते ही जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इन सभी 11 वाहनों को JIMMS पोर्टल पर 'लॉक' कर दिया है। अब भविष्य में इन वाहनों के लिए तब तक चालान जारी नहीं हो सकेगा, जब तक ये विभाग का दंड नहीं भुगत लेते।

इन 11 वाहनों पर गिरी गाज (Blacklisted Vehicles)

प्रशासन ने जिन गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की है, उनकी सूची जारी कर दी गई है:

JH05AN4391, JH05CM0964, JH05CL6211, JH05BR8908, JH05CG8611, JH01BM7176, JH02AT7414, JH01DB5233, JH02AW1529, JH10AV7901 एवं JH16A9226।

सरायकेला माइनिंग एक्शन: मुख्य विवरण (Action Snapshot)

विवरण कार्रवाई की जानकारी (Live Status)
कुल ब्लैकलिस्ट वाहन 11 (हाईवा और ट्रक)
कार्रवाई का स्थान वीरडीह एवं जारगोडीह (ईचागढ़)
मुख्य उल्लंघन नंबर प्लेट छिपाना, बिना तिरपाल परिवहन
डिजिटल ब्लॉक JIMMS पोर्टल पर स्थायी लॉक
अगली कार्रवाई परिवहन विभाग (DTO) द्वारा लाइसेंस और परमिट पर कार्रवाई

इतिहास का पन्ना: स्वर्णरेखा की रेत और सरायकेला का 'पीला सोना'

सरायकेला-खरसावां जिला ऐतिहासिक रूप से अपनी स्वर्णरेखा और खरकई जैसी नदियों के लिए प्रसिद्ध रहा है। 19वीं शताब्दी में इन नदियों की रेत में सोने के कण मिलने की किंवदंतियां प्रचलित थीं, जिससे इसका नाम 'स्वर्णरेखा' पड़ा। इतिहास गवाह है कि कभी स्थानीय लोग अपनी जरूरतों के लिए सीमित मात्रा में रेत निकालते थे, लेकिन 1990 के दशक में जब जमशेदपुर और आदित्यपुर में निर्माण क्रांति (Construction Boom) आई, तब रेत की मांग 'पीले सोने' में बदल गई। ईचागढ़ और चांडिल के इलाके इस अवैध कारोबार के केंद्र बन गए क्योंकि यहाँ की रेत की गुणवत्ता निर्माण कार्यों के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। पूर्व में बालू माफिया केवल रात के अंधेरे का फायदा उठाते थे, लेकिन अब तकनीकी युग में नंबर प्लेट छिपाकर प्रशासन को चकमा देने का 'नया इतिहास' रचा जा रहा था, जिसे 2026 की इस डिजिटल कार्रवाई ने ध्वस्त कर दिया है।

उपायुक्त का कड़ा संदेश: "शून्य सहनशीलता"

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि खनिजों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • परिवहन विभाग को निर्देश: जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को इन वाहनों के परमिट रद्द करने के लिए पत्राचार किया गया है।

  • नियमित गश्त: चौका और ईचागढ़ पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे बालू घाटों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखें।

  • माफिया में खलबली: इस कार्रवाई से बालू सिंडिकेट के बीच हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब केवल गाड़ी पकड़ना ही नहीं बल्कि उनका 'डिजिटल अस्तित्व' ही खतरे में डाल दिया गया है।

डिजिटल युग में भागना नामुमकिन

खनन विभाग की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराधी भले ही नंबर प्लेट मिटा लें, लेकिन कानून की नजरों से नहीं बच सकते। ईचागढ़ में हुई यह छापेमारी सरायकेला में अवैध खनन के अंत की शुरुआत मानी जा रही है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।