Jharkhand Weather : झारखंड में ठंड का 'एंडगेम', चाईबासा में पारा 30 पार और रांची में खिली चटक धूप, कनकनी के बीच अब गर्मी दिखाएगी अपना असली रंग
झारखंड में कड़ाके की ठंड की विदाई और तापमान में आए 3 डिग्री के उछाल की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है। चाईबासा में 30.4 डिग्री के साथ शुरू हुई गर्मी और पलामू-खूंटी में बरकरार सुबह की कनकनी के पीछे के कारणों को विस्तार से पढ़िए वरना आप बदलते मौसम की इस दोहरी मार से बचने का तरीका जानने से चूक जाएंगे।
रांची/जमशेदपुर, 23 जनवरी 2026 – झारखंड के मौसम ने एक ऐसी करवट ली है जिसने राज्यवासियों को एक साथ दो ऋतुओं का अहसास करा दिया है। पिछले कई दिनों से हड्डी कंपाने वाली ठंड अब अपने 'अंतिम दौर' में पहुंच चुकी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। जहां सूरज की तपिश अब स्वेटर उतरवा रही है, वहीं सुबह-शाम की कनकनी अभी भी अपनी मौजूदगी का अहसास करा रही है। चाईबासा और जमशेदपुर जैसे शहरों में तो पारा अब सामान्य से ऊपर भागने लगा है।
गर्मी की धमक: चाईबासा ने छुआ 30 डिग्री का आंकड़ा
झारखंड में इस बार ठंड की विदाई काफी नाटकीय अंदाज में हो रही है। अधिकतम तापमान में अचानक आई 2 से 3 डिग्री की वृद्धि ने दोपहर के समय माहौल को गर्म कर दिया है।
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चाईबासा का रिकॉर्ड: राज्य के दक्षिण हिस्से में स्थित चाईबासा में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा।
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जमशेदपुर में राहत: लौहनगरी में न्यूनतम तापमान चढ़कर 13.6 डिग्री पहुंच गया है, जिससे रात के समय अब हीटर और भारी कंबलों की जरूरत कम होने लगी है।
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राजधानी का मिजाज: रांची में पारा 9.8 डिग्री रहा, जहां अब लोग दिन में केवल हल्के ऊनी कपड़ों में नजर आ रहे हैं।
सावधान: इन 7 जिलों में अभी भी 'कनकनी' का पहरा
भले ही दिन में धूप तीखी हो रही हो, लेकिन झारखंड के कुछ हिस्सों में अभी भी बर्फीली हवाओं का असर कम नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सात जिलों में न्यूनतम तापमान अभी भी 10 डिग्री से नीचे रहेगा।
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प्रमुख जिले: गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, सिमडेगा और पलामू में रातें अभी भी सर्द हैं।
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खूंटी का हाल: खूंटी में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री और डाल्टनगंज में 6.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम है।
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दोहरी मार: वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन की गर्मी और रात की ठंड का यह 'कॉम्बिनेशन' स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए फिलहाल सावधानी बरतनी जरूरी है।
झारखंड वेदर रिपोर्ट: तापमान का पूरा गणित (Current Statistics)
| शहर/जिला | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | वर्तमान स्थिति |
| चाईबासा | 12.4 | 30.4 | दोपहर में हल्की गर्मी |
| जमशेदपुर | 13.6 | 29.2 | बड़ी राहत |
| रांची | 9.8 | 27.5 | खुशनुमा दोपहर |
| खूंटी | 6.1 | 26.0 | भारी कनकनी |
| पलामू | 6.9 | 26.8 | कड़ाके की ठंड का अंत |
इतिहास का पन्ना: झारखंड में 'माघ' की ठंड और बदलते मौसम का इतिहास
ऐतिहासिक रूप से झारखंड का मौसम अपनी स्थिरता के लिए जाना जाता रहा है। 1950 और 60 के दशक में रांची को अपनी ठंडी जलवायु के कारण बिहार की 'ग्रीष्मकालीन राजधानी' बनाया गया था। इतिहास गवाह है कि जनवरी के महीने में रांची और नेतरहाट जैसे इलाकों में तापमान अक्सर 2 से 3 डिग्री के बीच झूलता था। पुराने बुजुर्ग बताते हैं कि पहले 'सरस्वती पूजा' (बसंत पंचमी) तक लोग भारी रजाई का इस्तेमाल करते थे। लेकिन साल 2015 के बाद ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से हुए शहरीकरण ने झारखंड के 'तापमान ग्राफ' को पूरी तरह बदल दिया है। 2026 की यह स्थिति, जहाँ जनवरी के तीसरे हफ्ते में ही चाईबासा का पारा 30 डिग्री पार कर गया, एक ऐतिहासिक बदलाव की ओर इशारा कर रहा है। यह दर्शाता है कि अब शीतकाल छोटा हो रहा है और ग्रीष्मकाल ने अपना दायरा बढ़ा लिया है।
डॉक्टरों की सलाह: वायरल इंफेक्शन से बचें
तापमान में अचानक आए इस उतार-चढ़ाव के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
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तापमान का अंतर: दिन और रात के तापमान में 15 से 20 डिग्री का अंतर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
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सतर्कता: पलामू और लातेहार जैसे क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंडी और तेज हवाएं चल रही हैं, जो सीधे फेफड़ों पर असर कर सकती हैं।
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भविष्यवाणी: आने वाले 4-5 दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे और बढ़ोतरी होगी, जिससे ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी।
विदाई की दहलीज पर कड़ाके की ठंड
झारखंड में अब भारी जैकेटों को पैक करने का समय आ गया है। चाईबासा की गर्मी और रांची की गुनगुनी धूप ने यह साफ कर दिया है कि बसंत का आगमन हो चुका है। हालांकि, सुबह की कनकनी अभी कुछ दिन और अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।
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