West Singhbhum Mystery: जंगल में लाश, बंदगांव के भंडरा में महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद, जानवरों ने चेहरा नोचा
पश्चिमी सिंहभूम के अति नक्सल प्रभावित बंदगांव में एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई है। जंगली जानवरों द्वारा चेहरा नोचे जाने और हाट-बाजार से जुड़े इस मौत के रहस्य की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी भंडरा के जंगलों में छिपे इस खौफनाक सच से हमेशा अनजान रह जाएंगे।
बंदगांव/चक्रधरपुर, 12 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले का अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र बंदगांव सोमवार को एक बार फिर दहल उठा। ग्राम भंडरा के घने जंगलों के भीतर एक अज्ञात महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन महिला की पहचान और मौत की वजह अब भी एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है।
जंगल के भीतर मिला शव: जानवरों ने बना लिया था निवाला
घटना बंदगांव के कारूडीह से बारी जाने वाली मुख्य सड़क के पास की है। सड़क से महज 200 मीटर अंदर जंगल में ग्रामीणों ने कुछ ऐसा देखा जिसने उनके होश उड़ा दिए।
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क्षत-विक्षत चेहरा: मृतका (लगभग 40 वर्ष) का चेहरा जंगली जानवरों ने बुरी तरह नोच खाया था। पहचान मिटाने की कोशिश या कुदरत का कहर, पुलिस दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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पहनावा: महिला ने गुलाबी रंग की साड़ी और लाल रंग का ब्लाउज पहना हुआ था। शव के पास से फिलहाल कोई ऐसा सामान नहीं मिला है जिससे उसकी शिनाख्त हो सके।
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ग्रामीणों की सक्रियता: शव देखते ही ग्रामीणों ने ग्राम मुंडा को सूचना दी, जिसके बाद बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
साप्ताहिक हाट और नशे का कनेक्शन: क्या है सच्चाई?
जंगल में लाश मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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हाट बाजार का लिंक: ग्रामीणों का अनुमान है कि महिला पिछले बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में आई होगी।
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नशा और ठंड: चर्चा है कि महिला नशे की हालत में रास्ता भटक कर जंगल की ओर चली गई होगी और कड़ाके की ठंड की वजह से उसने दम तोड़ दिया होगा।
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पुलिस की थ्योरी: थाना प्रभारी मनीष कुमार का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी। हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
बंदगांव जंगल कांड: मुख्य विवरण (Investigation Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| शव का स्थान | भंडरा जंगल, बंदगांव (नक्सल प्रभावित क्षेत्र) |
| मृतका की उम्र | लगभग 40 वर्ष (अज्ञात) |
| शव की स्थिति | चेहरा जंगली जानवरों द्वारा क्षत-विक्षत |
| पोस्टमार्टम | चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेजा गया |
| जांच अधिकारी | थाना प्रभारी मनीष कुमार |
नक्सल प्रभावित क्षेत्र: जांच में चुनौतियां
चूँकि यह इलाका 'अति नक्सल प्रभावित' श्रेणी में आता है, इसलिए पुलिस के लिए जंगल के भीतर गहन सर्च ऑपरेशन चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
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सुरक्षा प्रोटोकॉल: पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद आसपास के इलाकों में 'एंटी-नक्सल' प्रोटोकॉल के तहत भी जांच की है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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पहचान की कोशिश: पुलिस अब आसपास के थानों (टेबो, चक्रधरपुर, खूंटी) में लापता महिलाओं की सूची खंगाल रही है ताकि मृतका का नाम और पता मालूम किया जा सके।
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फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार: चेहरे के क्षत-विक्षत होने के कारण अब फिंगरप्रिंट्स और डीएनए सैंपलिंग ही पहचान का आखिरी रास्ता बचे हैं।
जंगल में छिपे हैं कई राज
गुलाबी साड़ी वाली इस महिला की मौत महज एक हादसा है या कोई गहरी साजिश, इसका खुलासा होना अभी बाकी है। बंदगांव की शांत वादियों में मिली यह लाश कई सवाल छोड़ गई है।
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