East Singhbhum Relief Day: उपायुक्त ने 16 सितंबर को सुनी जन शिकायतें, कई समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान
पूर्वी सिंहभूम में 16 सितंबर 2025 को जन शिकायत निवारण दिवस मनाया गया। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और कई आवेदन मौके पर ही हल किए। जानिए कौन-कौन से मुद्दे उठे और प्रशासन ने क्या आश्वासन दिया।
पूर्वी सिंहभूम जिले में जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में किया गया। इसमें जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। नागरिकों ने व्यक्तिगत, सामाजिक और जनहित से जुड़ी समस्याओं को सीधे उपायुक्त के समक्ष रखा। कई लोगों ने लिखित आवेदन भी सौंपे। उपायुक्त ने सभी आवेदकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में समाधान करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर भूमि विवाद, आर्म्स लाइसेंस, कचरा निस्तारण, चिकित्सा सहायता, सड़क निर्माण, स्कूल फीस माफी, लंबित वेतन भुगतान, अवैध कब्जा, भूमि अधिग्रहण, मंइयां सम्मान योजना में पंजीकरण, घर का कब्जा, आपदा राहत लाभ, जाति प्रमाण पत्र में देरी, चौकीदार भर्ती, बिजली समस्या, सीमांकन, पार्किंग विवाद, वृद्धा पेंशन भुगतान, तथा बाबा साहब की मूर्ति स्थानांतरण जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। कई समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान भी कर दिया गया।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता को उनके मुद्दों का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लें और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने के लिए त्वरित निष्पादन जरूरी है।
इस दिन कई नागरिकों ने प्रशासन के कामकाज की सराहना की। साथ ही, कई लोगों ने शिकायत की कि लंबित मामलों में देरी हो रही है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदन का समाधान नियमानुसार किया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से सहयोग करने की अपील की ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
इस कार्यक्रम में प्रशासन की तत्परता और नागरिकों की भागीदारी दोनों देखने को मिली। कई समस्याएं मौके पर हल हो गईं और बाकी के लिए समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। यह आयोजन जिले में प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का माध्यम बना। इससे यह संदेश गया कि आम नागरिक की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता है और प्रशासन उनकी सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
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