Dhanbad Smuggling: गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के AC कोच में चल रहा था 'मयखाना', RPF ने दबोचे 3 हाईप्रोफाइल तस्कर
धनबाद से पटना जा रही गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के AC कोच में छिपाई गई शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई है। फतुहा और बोकारो के तस्करों ने जिस चालाकी से इकोनॉमी कोच को गोदाम बना रखा था, उसका पूरा सच यहाँ मौजूद है वरना आप ट्रेनों में चल रहे इस खतरनाक सिंडिकेट की अगली चाल से अनजान रह जाएंगे।
धनबाद, 18 फरवरी 2026 – कोयलांचल की लाइफलाइन कही जाने वाली गंगा-दामोदर एक्सप्रेस मंगलवार रात अचानक उस समय चर्चा में आ गई, जब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक हाईप्रोफाइल शराब तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया। ट्रेन के थर्ड एसी इकोनॉमी कोच में आम यात्रियों के बीच वीआईपी बनकर सफर कर रहे तस्करों के पास से विदेशी शराब की 59 बोतलें बरामद की गईं। धनबाद और तेतुलमारी स्टेशन के बीच चली इस छापेमारी ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में बढ़ते अवैध कारोबार पर एक बार फिर मुहर लगा दी है।
एसी कोच बना 'स्मगलिंग हब': ऐसे बिछाया जाल
आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि धनबाद से पटना जाने वाली ट्रेन में शराब की बड़ी खेप भेजी जा रही है।
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चेकिंग के दौरान हड़कंप: जैसे ही एसआई आभाष चंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने एसी कोच की जांच शुरू की, एक यात्री की हरकतें संदिग्ध लगीं।
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पिट्ठू बैग का राज: फतुहा निवासी शिव कुमार के पास मौजूद सफेद थैले और पिट्ठू बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से अलग-अलग ब्रांड की महंगी अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुईं।
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तेतुलमारी में दूसरी स्ट्राइक: इसी कड़ी में तेतुलमारी स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी गई, जहाँ दो और तस्कर—आनंद कुमार (चंद्रपुरा) और नीरज कुमार (फुसरो)—को रंगे हाथों दबोचा गया।
बिहार में 'होम डिलीवरी' का था मास्टरप्लान
पूछताछ में तस्करों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे झारखंड और पश्चिम बंगाल के सस्ते ठेकों से शराब खरीदते थे और ट्रेन के सुरक्षित कोच (AC) का सहारा लेकर उसे बिहार ले जाते थे। वहां शराबबंदी होने के कारण इन बोतलों को तीन से चार गुना ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। अधिक मुनाफे के लालच में इन युवकों ने रेलवे को तस्करी का जरिया बना लिया था।
गंगा-दामोदर एक्सप्रेस रेड: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| ट्रेन का नाम | 13329 गंगा-दामोदर एक्सप्रेस |
| गिरफ्तार तस्कर | शिव कुमार (पटना), आनंद (बोकारो), नीरज (फुसरो) |
| कुल बरामदगी | 59 बोतलें (विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब) |
| टीम का नेतृत्व | एसआई आभाष चंद्र सिंह एवं अन्य |
| एक्शन | आरोपियों को उत्पाद विभाग के हवाले किया गया |
कार्रवाई: उत्पाद विभाग को सौंपी गई कमान
आरपीएफ ने जब्त शराब और तीनों आरोपियों को धनबाद उत्पाद विभाग को सौंप दिया है। इस सफल अभियान में एसआई आभाष चंद्र सिंह के साथ बबुलेश कुमार, संजीव कुमार, प्रमोद, अमित और अश्विनी कुमार की अहम भूमिका रही। रेलवे पुलिस ने साफ कर दिया है कि होली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर अब सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों में विशेष तलाशी अभियान (Special Drive) चलाया जाएगा।
यात्रियों का बढ़ा भरोसा
एसी कोच में इस तरह की कार्रवाई से आम यात्रियों ने राहत की सांस ली है। सुरक्षा एजेंसियों की इस मुस्तैदी ने साफ संदेश दिया है कि पटरियों पर गैरकानूनी गतिविधियों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
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