Chaibasa Blast: सेल खदान के ट्रांसफार्मर में तेल डालते वक्त लगी भीषण आग, जिंदा जलने से बाल-बाल बचा ठेका मजदूर बिरसा, राउरकेला रेफर
चाईबासा के किरीबुरू स्थित सेल खदान में ट्रांसफार्मर में तेल डालने के दौरान भयंकर आग लग गई। ठेका श्रमिक बिरसा के गंभीर रूप से झुलसने और सुरक्षा मानकों पर उठते सवालों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप सिंहभूम की यह सबसे बड़ी खबर मिस कर देंगे।
चाईबासा/किरीबुरू, 25 फरवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की खदान से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार को खदान के सर्विस सेंटर में एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ ट्रांसफार्मर में तेल भरने के दौरान अचानक भयंकर आग लग गई। इस अग्नितांडव में ठेका मजदूर बिरसा बुरी तरह झुलस गया है। फिलहाल उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए राउरकेला रेफर किया गया है। यह घटना सेल जैसे बड़े संस्थान में काम करने वाले हजारों श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गहरा दाग लगाती है।
स्पार्क और फिर धमाका: आँखों देखी खौफनाक दास्तां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किरीबुरू के आरसी सिंह हाटिंग निवासी बिरसा रोजाना की तरह बुधवार को अपनी ड्यूटी पर तैनात था।
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लापरवाही या हादसा: बिरसा सर्विस सेंटर में लगे ट्रांसफार्मर में तेल डाल रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली के तारों में जोरदार स्पार्क (Short Circuit) हुआ।
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आग की लपटें: तेल की ज्वलनशीलता के कारण स्पार्क होते ही आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते बिरसा आग की लपटों से घिर गया।
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मची भगदड़: सर्विस सेंटर में अचानक हुए इस हादसे के बाद वहां मौजूद अन्य श्रमिकों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
किरीबुरू से राउरकेला तक: जिंदगी और मौत की जंग
आग की चपेट में आने से बिरसा का शरीर काफी हद तक झुलस गया है।
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प्राथमिक उपचार: घायल श्रमिक को आनन-फानन में सेल के किरीबुरू जनरल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत इलाज शुरू किया।
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IGH रेफर: बिरसा की हालत लगातार बिगड़ती देख उसे उन्नत चिकित्सा सुविधा के लिए इस्पात जनरल अस्पताल (IGH), राउरकेला रेफर कर दिया गया है।
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गंभीर स्थिति: सूत्रों की मानें तो बिरसा की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टर उसे बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
किरीबुरू खदान हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| पीड़ित श्रमिक | बिरसा (ठेका मजदूर) |
| स्थान | सेल खदान सर्विस सेंटर, किरीबुरू |
| कारण | ट्रांसफार्मर तेल डालते समय स्पार्क |
| अस्पताल | IGH, राउरकेला (रेफर) |
| सुरक्षा स्थिति | जांच के घेरे में |
मैनेजमेंट के दावों की खुली पोल: क्या होगी कार्रवाई?
घटना के बाद सेल प्रबंधन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
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सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: सवाल यह उठ रहा है कि क्या बिरसा को उचित पीपीई किट (PPE Kit) दी गई थी? क्या वहां अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम थे?
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आक्रोश: श्रमिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और बेहतर इलाज की मांग की है।
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जांच की सुगबुगाहट: किरीबुरू पुलिस और सेल के अधिकारी अब इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि स्पार्क की मुख्य वजह क्या थी और क्या इसे टाला जा सकता था।
सुलगती सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
खदानों में काम करना हमेशा से जोखिम भरा रहा है, लेकिन जब सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के कारण किसी गरीब मजदूर की जान दांव पर लग जाए, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। बिरसा का परिवार अब केवल उसके सलामत लौटने की दुआ कर रहा है।
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