Tata Steel Theft Case : टाटा स्टील प्लांट में घुसे चार शातिर अपराधी गिरफ्तार, कॉपर केबल बरामद, सुरक्षा टीम ने आधी रात को घेरा
टाटा स्टील प्लांट के भीतर चोरी की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है। सुरक्षा टीम ने अलग-अलग जोनों में छापेमारी कर चार संदिग्धों को दबोचा है, जिनके पास से भारी मात्रा में कॉपर केबल बरामद हुआ है। आधी रात को हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और पकड़े गए आरोपियों की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/लौहनगरी, 18 मार्च 2026 – दुनिया की सबसे सुरक्षित औद्योगिक इकाइयों में शुमार टाटा स्टील (Tata Steel) के जमशेदपुर प्लांट के भीतर चोरों के एक गिरोह ने सेंधमारी की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा विभाग की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। मंगलवार की तड़के और सोमवार की देर रात प्लांट के अलग-अलग जोनों में चलाए गए 'क्लीन-अप' ऑपरेशन में सुरक्षा टीम ने चार आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। इनमें से कुछ के पास से कीमती कॉपर केबल बरामद हुए हैं, जबकि कुछ को प्रतिबंधित क्षेत्रों में संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पकड़ा गया। टाटा स्टील की अभेद्य सुरक्षा दीवार को चुनौती देने वाले इन सभी आरोपियों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
आधी रात का ऑपरेशन: रेलवे ट्रैक से स्क्रैपयार्ड तक घेराबंदी
टाटा स्टील की सुरक्षा टीम (Security Team) ने अलग-अलग समय पर तीन बड़ी कार्रवाइयां कीं, जिससे चोरों में हड़कंप मच गया।
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रेलवे ट्रैक पर बिछा जाल: मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे, जब पूरा शहर सो रहा था, सुरक्षा कर्मी जोन-3 के सीएसडी रेलवे ट्रैक क्षेत्र में गश्ती कर रहे थे। यहाँ उन्होंने दो युवकों, विक्रम प्रधान (23) और मोहम्मद बिलाल (17) को संदिग्ध हालत में देखा। तलाशी लेने पर उनके पास से लगभग 38 किलोग्राम इंसुलेटेड कॉपर केबल बरामद हुआ, जिसे वे अवैध रूप से प्लांट से बाहर ले जाने की फिराक में थे।
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स्टोर एरिया में दबोचा: सोमवार रात करीब 1:00 बजे एलडी-3 टीएससीआर स्टोर के पास से 17 वर्षीय विकाश घोष को पकड़ा गया। हालांकि उसके पास से कोई सामान नहीं मिला, लेकिन प्रतिबंधित क्षेत्र में उसकी मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था की मुस्तैदी को साबित कर दिया।
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स्क्रैपयार्ड में 'काशिम' गिरफ्तार: रात 10:00 बजे जोन-4 के टीएसडीपीएल स्क्रैपयार्ड से 46 वर्षीय मोहम्मद काशिम को पकड़ा गया। वह स्क्रैपयार्ड के प्रतिबंधित इलाके में संदिग्ध गतिविधियां कर रहा था।
बरामदगी की सूची: कीमती धातु पर थी नजर
सुरक्षा विभाग ने इन कार्रवाइयों में निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
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38 किलो कॉपर केबल: इसकी बाजार में कीमत काफी अधिक है और औद्योगिक इकाइयों में इसकी बहुत मांग रहती है।
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संदिग्ध औजार: केबल काटने और दीवार फांदने में इस्तेमाल होने वाले कुछ औजार भी जब्त किए गए हैं।
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पुलिस को सुपुर्द: सभी चारों आरोपियों को कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस को सौंप दिया गया है, ताकि उनके गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
पुलिस की जांच: क्या यह किसी बड़े गिरोह का काम है?
पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।
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सफेदपोश मददगार: पुलिस को शक है कि प्लांट के भीतर से ही कोई इन चोरों को यह जानकारी दे रहा था कि केबल कहाँ रखी है और सुरक्षा गश्ती का समय क्या है।
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उम्र का इस्तेमाल: गिरफ्तार आरोपियों में दो किशोर (17 वर्ष) शामिल हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि मास्टरमाइंड अब कम उम्र के लड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पकड़े जाने पर सजा से बचा जा सके।
टाटा स्टील प्लांट के भीतर हुई ये गिरफ्तारियां सुरक्षा टीम की जीत हैं, लेकिन यह शहर के बाहरी इलाकों में पनप रहे कबाड़ गिरोहों की सक्रियता की ओर भी इशारा करती हैं। 38 किलो कॉपर केबल का बरामद होना बताता है कि चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं। टाटा स्टील की सुरक्षा टीम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कंपनी की एक-एक ईंट और तार की सुरक्षा के लिए वे किसी भी समय मुस्तैद हैं।
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