Chaibasa Raid: मझगांव में उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन, 1000 किलो जावा महुआ और शराब बरामद, पुलिस को देख तस्करों में मची भगदड़
चाईबासा के मझगांव में अवैध शराब के अड्डों पर उत्पाद विभाग की टीम ने अचानक धावा बोल दिया है। 1000 किलो जावा महुआ की बरामदगी और एक तस्कर की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस खौफनाक छापेमारी और फरार आरोपी के राज से चूक जाएंगे।
चाईबासा, 5 फरवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मझगांव थाना क्षेत्र के खड़पोस और ब्रह्मापानी गांवों में गुरुवार को विभाग की टीम ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तरह छापेमारी की। इस दौरान 1000 किलो जावा महुआ और भारी मात्रा में अवैध शराब नष्ट की गई। उत्पाद निरीक्षक निर्भय सिन्हा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। जबकि एक आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच चुका है, दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
खड़पोस और ब्रह्मापानी में 'हड़कंप': जब पुलिस ने घेरा गांव
उत्पाद अधीक्षक रंजन तिवारी को गुप्त सूचना मिली थी कि मझगांव के सुदूर इलाकों में बड़े पैमाने पर महुआ शराब की भट्ठियां धधक रही हैं।
-
पहली गिरफ्तारी: खड़पोस गांव में घेराबंदी कर टीम ने रमेश गोप को धर दबोचा। उसके पास से शराब बनाने के उपकरण और तैयार शराब बरामद हुई।
-
चकमा देकर फरार: ब्रह्मापानी गांव में जैसे ही टीम पहुँची, आरोपी असरल तिरिया को भनक लग गई और वह पुलिस को चकमा देकर घने जंगलों की ओर भाग निकला।
-
भारी बरामदगी: कार्रवाई के दौरान लगभग 1000 किलो जावा महुआ (जिसे शराब बनाने के लिए सड़ाया गया था) और 40 लीटर तैयार अवैध शराब जब्त की गई। मौके पर ही शराब बनाने की भट्टियों को ध्वस्त कर दिया गया।
भविष्य की चेतावनी: "रुकेगा नहीं अभियान"
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल शुरुआत है। मझगांव और आसपास के जंगलों में छिपे हर अवैध अड्डे को नेस्तनाबूद किया जाएगा। फरार असरल तिरिया के खिलाफ वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चाईबासा शराब छापेमारी: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| क्षेत्र | मझगांव थाना (खड़पोस और ब्रह्मापानी गांव) |
| बरामद जावा महुआ | 1000 किलोग्राम (नष्ट किया गया) |
| अवैध शराब | 40 लीटर (जब्त) |
| गिरफ्तार आरोपी | रमेश गोप |
| फरार आरोपी | असरल तिरिया |
प्रशासन का कड़ा रुख: "स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि"
उत्पाद विभाग के अनुसार, इन अवैध भट्टियों में शराब को नशीला बनाने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं। खड़पोस की कार्रवाई के बाद अब पुलिस उन 'बड़े वितरकों' (Distributors) का पता लगा रही है जो गांवों से शराब खरीदकर शहरों में खपाते हैं।
माफियाओं के गढ़ में पुलिस की सेंध
रमेश गोप की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में सामग्री की बरामदगी ने मझगांव के शराब सिंडिकेट में डर पैदा कर दिया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।
What's Your Reaction?


