Tatanagar Raid: टाटानगर स्टेशन पर 16 किलो गांजा जब्त, ओडिशा से बिहार जा रहे दो तस्कर गिरफ्तार
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 8 लाख रुपये की कीमत वाले 16 किलो गांजा के साथ बिहार के दो तस्करों को दबोच लिया है। ओडिशा से बेतिया तक फैले इस नार्को-सिंडिकेट की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप ट्रेनों में चल रहे नशों के इस खौफनाक कारोबार के सच से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर/टाटानगर, 13 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का टाटानगर रेलवे स्टेशन गुरुवार की रात नार्को-तस्करों और सुरक्षा बलों के बीच 'चूहे-बिल्ली' के खेल का गवाह बना। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 16 किलो अवैध गांजा बरामद किया है। इस मामले में बिहार के दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है।
उड़नदस्ता दल की पैनी नजर: स्टेशन पर ऐसे बिछा जाल
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी शंकर कुटी के सख्त आदेश के बाद स्टेशन परिसर में सुरक्षा घेरा पहले से ही कड़ा था।
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संदिग्ध गतिविधि: स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दो युवक भारी बैगों के साथ संदिग्ध स्थिति में घूम रहे थे। उड़नदस्ता दल (Flying Squad) की नजर उन पर पड़ी।
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तलाशी में खुलासा: जब उन्हें हिरासत में लेकर उनके बैगों की तलाशी ली गई, तो कपड़ों के नीचे छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट बरामद हुए।
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जब्ती: कुल 16 किलो गांजा वजन किया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया।
ओडिशा से बिहार का 'डेथ रूट': तस्करों ने उगला सच
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तबरेज आलम और नेयाज अहमद के रूप में हुई है। ये दोनों बिहार के पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के भीतहा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
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सप्लाई चेन: पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह खेप ओडिशा के रूपरा रोड रेलवे स्टेशन से लेकर आए थे।
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टारगेट: उनकी योजना टाटानगर से पटना होते हुए बेतिया तक इस माल की सप्लाई करने की थी।
टाटानगर नारकोस केस: मुख्य विवरण (Seizure Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| अभियान का नाम | ऑपरेशन नारकोस (Operation Narcos) |
| कुल बरामदगी | 16 किलोग्राम गांजा |
| बाजार मूल्य | लगभग 8 लाख रुपये |
| गिरफ्तार तस्कर | तबरेज आलम और नेयाज अहमद (बेतिया, बिहार) |
| स्रोत और गंतव्य | ओडिशा से बिहार वाया टाटानगर |
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि तबरेज और नेयाज तो सिर्फ 'कूरियर' (ढोने वाले) हैं। असली मास्टरमाइंड ओडिशा और बेतिया में बैठे हैं। इस तस्करी नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने के लिए बिहार और ओडिशा पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है। स्टेशन पर लगातार गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके।
यात्रियों से सहयोग की अपील
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यदि वे ट्रेन या स्टेशन पर किसी लावारिस बैग या संदिग्ध व्यक्ति को देखें, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर पर सूचना दें। फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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