Seraikela Raid: सरायकेला में शराब माफिया पर बड़ा प्रहार, चांडिल में 1100 किलो जावा महुआ और भट्टियां तबाह, डीसी के निर्देश पर आधी रात को गूंजा प्रशासन का बुलडोजर
सरायकेला-खरसावां के चांडिल में जिला प्रशासन ने अवैध शराब के अड्डों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 1100 किलो जावा महुआ की बर्बादी और नीलकंठ के पास चार भट्टियों को जमींदोज किए जाने की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शराब सिंडिकेट के खिलाफ सरकार की इस 'जीरो टॉलरेंस' नीति के प्रभाव को समझने से चूक जाएंगे।
सरायकेला/चांडिल, 21 जनवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में अवैध शराब के सौदागरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने 'ऑपरेशन क्लीन' शुरू कर दिया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के सख्त आदेश के बाद आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने चांडिल के जंगलों और गांवों में छिपे अवैध शराब के अड्डों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस सघन छापेमारी में 1100 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही विनष्ट किया गया, जबकि भारी मात्रा में तैयार शराब को जब्त कर माफिया के आर्थिक नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई है।
चार गांवों में एक साथ दबिश: नीलकंठ के पास मचा हड़कंप
प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि चांडिल थाना क्षेत्र के सुदूर इलाकों में चोरी-छिपे महुआ शराब का बड़ा कारोबार फल-फूल रहा है।
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टारगेट एरिया: टीम ने नीलकंठ के समीप स्थित सोनरोडीह, हमसदा, रोला एवं जड़िगाड़ीह गांवों को चारों तरफ से घेरा।
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भट्टियां तबाह: कार्रवाई के दौरान कुल चार अवैध महुआ शराब भट्टियों का पता चला। पुलिस ने वहां लगे बड़े कड़ाहों, पाइपों और भट्ठियों को तोड़कर बेकार कर दिया।
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भारी बरामदगी: मौके से 1100 किलो सड़ा हुआ जावा महुआ मिला, जिसे जमीन में बहा दिया गया। साथ ही 50 लीटर तैयार चुलाई शराब जब्त की गई है।
डीसी का सख्त रुख: "बख्शे नहीं जाएंगे माफिया"
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जिले में अवैध नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जीरो टॉलरेंस: प्रशासन अब शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रहा है। अवैध शराब अड्डा संचालकों पर झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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सीमावर्ती निगरानी: चांडिल और ईचागढ़ जैसे सीमावर्ती इलाकों में अब चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पड़ोसी राज्यों से होने वाली तस्करी पर भी लगाम लग सके।
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औचक छापेमारी: उपायुक्त ने साफ कर दिया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में यह और भी तेज होगा।
चांडिल शराब छापेमारी: मुख्य आंकड़े (Raid Snapshot)
| विवरण | कार्रवाई की जानकारी (Statistics) |
| विनष्ट जावा महुआ | 1100 किलोग्राम |
| जब्त चुलाई शराब | 50 लीटर |
| कुल तबाह भट्टियां | 04 (सोनरोडीह, हमसदा, रोला, जड़िगाड़ीह) |
| लागू कानून | झारखंड उत्पाद अधिनियम (Jharkhand Excise Act) |
| अभियान का नेतृत्व | जिला प्रशासन एवं उत्पाद विभाग |
इतिहास का पन्ना: सरायकेला के जंगलों में 'महुआ' और अवैध शराब का पुराना खेल
सरायकेला-खरसावां का इतिहास अपनी लोक कला 'छऊ' और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। ऐतिहासिक रूप से महुआ का फूल यहाँ के समुदायों के लिए केवल एक पेय नहीं, बल्कि आजीविका और परंपरा का हिस्सा रहा है। 19वीं शताब्दी में राजा-रजवाड़ों के दौर में महुआ का उपयोग केवल सीमित मात्रा में 'हड़िया' बनाने के लिए किया जाता था। लेकिन इतिहास गवाह है कि 1980 के दशक के बाद जब यहाँ उद्योगों का विस्तार हुआ, तो महुआ शराब ने एक 'अवैध उद्योग' का रूप ले लिया। चांडिल का इलाका एनएच-33 और बंगाल सीमा के करीब होने के कारण तस्करों के लिए एक 'ट्रांजिट पॉइंट' बन गया। साल 2010 के बाद सिंथेटिक गुड़ और रसायनों का उपयोग कर बनाई जाने वाली यह शराब जानलेवा हो गई। 2026 की यह कार्रवाई उस ऐतिहासिक समस्या को जड़ से मिटाने की कोशिश है जिसने न केवल राजस्व को नुकसान पहुँचाया, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य को भी बर्बाद कर दिया है।
प्रशासनिक संदेश: अपराधियों की खैर नहीं
झारखंड उत्पाद विभाग अब उन लोगों की सूची तैयार कर रहा है जो इन भट्टियों को फंड देते हैं।
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अगली कार्रवाई: पुलिस अब उन 'व्हाट्सएप ग्रुप्स' और नेटवर्क को ट्रेस कर रही है जिनके जरिए इन गांवों से शराब की सप्लाई चांडिल शहर और जमशेदपुर तक की जाती थी।
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जनता की सुरक्षा: डीसी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में संचालित ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना गोपनीय रूप से प्रशासन को दें।
माफिया के खात्मे की शुरुआत
सरायकेला प्रशासन की इस कार्रवाई ने शराब माफिया में डर पैदा कर दिया है। 1100 किलो महुआ का विनष्ट होना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों जिंदगियों को बचाने का प्रयास है जो इस जहरीली शराब के सेवन से खतरे में थीं।
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