Manoharpur Murder: रिश्ते शर्मसार, दामाद ने सास को उतारा मौत के घाट, दुष्कर्म में नाकाम होने पर गला घोंटा, खैनी की डिबिया ने खोला कत्ल का राज
चाईबासा के मनोहरपुर में रिश्तों को कलंकित करने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है। सास की हत्या कर नाले में फेंकने वाले ओड़िशा के आरोपी दामाद और पुलिस द्वारा मौके से बरामद की गई 'रोजरी माला' की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी इस अंधे कत्ल के पीछे छिपे घिनौने सच को जानने से चूक जाएंगे।
चाईबासा/मनोहरपुर, 21 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के जराइकेला थाना क्षेत्र में मकर संक्रांति के अगले ही दिन हुई एक वृद्ध महिला की रहस्यमयी मौत का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। रिश्तों की गरिमा को तार-तार करते हुए एक दामाद ने ही अपनी रिश्ते की सास को केवल इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि उसने दुष्कर्म के प्रयास का विरोध किया था। मनोहरपुर डीएसपी जयदीप लकड़ा ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। पुलिस ने हत्यारे दामाद को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
नाले के पास मिली थी लाश: 15 जनवरी की वो काली रात
15 जनवरी को जराइकेला के छोटा सागजुड़ी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने नाले के पास पुलिया के नीचे 50 वर्षीय तुलो महली का शव देखा।
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शराब और साजिश: जांच में पता चला कि आरोपी जॉन्सन कांडुलना, जो मूल रूप से ओड़िशा के लाठीकटा का रहने वाला है, उस दिन मृतका के साथ ही था। दोनों ने साथ में शराब पी थी।
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घिनौनी नीयत: शराब के नशे में धुत जॉन्सन ने अपनी रिश्ते की सास के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। जब महिला ने अपनी अस्मत बचाने के लिए कड़ा विरोध किया, तो जॉन्सन आपा खो बैठा।
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गला घोंटकर हत्या: आरोपी महिला को घसीटकर पास की झाड़ियों में ले गया और गला दबाकर उसकी जान ले ली। साक्ष्य छुपाने के लिए उसने शव को नाले की पुलिया के नीचे फेंक दिया।
खैनी की डिबिया और रोजरी माला: पुलिस के 'ब्रह्मास्त्र'
इस अंधे कत्ल को सुलझाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन मौके पर मिली दो छोटी चीजों ने कातिल का रास्ता साफ कर दिया।
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गले की माला: घटनास्थल की बारीकी से जांच के दौरान पुलिस को एक रोजरी माला (ईसाई प्रार्थना माला) और खैनी की एक डिबिया मिली।
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शिनाख्त: स्थानीय पूछताछ में पता चला कि ये सामान जॉन्सन कांडुलना का है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
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कबूलनामा: कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने ही विरोध करने पर अपनी सास को मारा था।
मनोहरपुर मर्डर मिस्ट्री: मुख्य विवरण (Case Snapshot)
| विवरण | घटना की जानकारी (Details) |
| मृतिका | तुलो महली (50 वर्ष) |
| आरोपी | जॉन्सन कांडुलना (रिश्ते का दामाद) |
| हत्या का कारण | दुष्कर्म का विरोध करने पर गला दबाया |
| अहम सुराग | खैनी की डिबिया और रोजरी माला |
| जांच टीम | जराइकेला थाना प्रभारी अमित कुमार व टीम |
इतिहास का पन्ना: मनोहरपुर के जंगलों में 'रिश्तों' और 'अपराध' का सफर
पश्चिमी सिंहभूम का मनोहरपुर और जराइकेला इलाका ऐतिहासिक रूप से अपनी शांत आदिवासी संस्कृति और दुर्गम जंगलों के लिए जाना जाता रहा है। 19वीं शताब्दी में जब बंगाल-नागपुर रेलवे लाइन यहाँ से गुजरी, तब यह इलाका बाहरी दुनिया से जुड़ा। इतिहास गवाह है कि यहाँ के ग्रामीण इलाकों में 'हांडी और महुआ' (स्थानीय शराब) का सेवन सामाजिक परंपराओं का हिस्सा रहा है, लेकिन साल 2010 के बाद शराब के नशे में बढ़ते अपराधों ने इस शांति को भंग किया है। यह क्षेत्र झारखंड और ओड़िशा की सीमा पर स्थित होने के कारण अपराधियों के लिए हमेशा से एक 'एस्केप रूट' रहा है। पहले यहाँ केवल वन संपदा की तस्करी के मामले दर्ज होते थे, लेकिन पिछले एक दशक में 'रिश्तों के भीतर हिंसा' के ग्राफ में 20% की बढ़ोतरी देखी गई है। तुलो महली की हत्या उसी बढ़ती सामाजिक विकृति का प्रमाण है, जहाँ नशा और हवस मिलकर मानवीय संवेदनाओं को खत्म कर रहे हैं।
छापेमारी दल की मुस्तैदी: एसपी के निर्देश पर कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर थाना प्रभारी अमित कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी। इस टीम में एसआई भीमाराम बानसिंह, एसआई अरुण कुमार सिंह, एएसआई रघुनाथ बानरा और पुलिसकर्मी द्विवेन्द्र नाथ गोराई शामिल थे। टीम ने महज 5 दिनों के भीतर आरोपी को ओड़िशा सीमा के पास से दबोच लिया।
कानून के जाल में फंसा कातिल
जॉन्सन कांडुलना को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने गांव वालों के बीच कानून के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। यह मामला याद दिलाता है कि अपराधी चाहे कितनी भी सफाई से कत्ल क्यों न करे, उसकी एक छोटी सी गलती (खैनी की डिबिया) उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए काफी है।
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