Seraikela Hit and Run: उषा कॉलेज मोड़ पर तेज रफ्तार वाहन ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को मारी टक्कर, मौत

बड़ाकाकड़ा उषा कॉलेज मोड़ पर तेज रफ्तार वाहन ने 45 वर्षीय भागीरथी महतो को मारी टक्कर, मौत, पुलिस CCTV खंगाल रही है।

May 5, 2026 - 14:15
 0
Seraikela Hit and Run: उषा कॉलेज मोड़ पर तेज रफ्तार वाहन ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को मारी टक्कर, मौत
Seraikela Hit and Run: उषा कॉलेज मोड़ पर तेज रफ्तार वाहन ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को मारी टक्कर, मौत

Seraikela Shocker: सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 45 वर्षीय भागीरथी महतो की मौके पर ही मौत हो गई।

रात 11 बजे तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर

घटना बड़ाकाकड़ा स्थित उषा कॉलेज मोड़ के पास करीब रात 11 बजे हुई। एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि भागीरथी महतो ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया

मृतक मानसिक रूप से बीमार था, रात में सड़कों पर घूमता था

मृतक की पहचान बड़ाकाकड़ा निवासी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भागीरथी महतो की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह अक्सर रात के समय सड़कों पर घूमते रहते थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान वह किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, CCTV फुटेज खंगाल रही

घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात वाहन और चालक की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

स्थानीय लोगों ने रात में गश्त बढ़ाने की मांग की

इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रात के समय गश्त बढ़ाने, सड़कों पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था करने और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से नियंत्रण लगाने की मांग की है।

सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल

यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। रात के अंधेरे में मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति का सड़क पर घूमना और तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आना एक ऐसी त्रासदी है जिसे टाला जा सकता था – यदि सड़कों पर बेहतर रोशनी होती और पुलिस गश्त सक्रिय होती।

आपकी राय क्या है – क्या रात के समय सड़कों पर बेहतर रोशनी और पुलिस गश्त से हादसों को कम किया जा सकता है? कमेंट में बताएं।
इस खबर को शेयर करें, ताकि लोग रात के समय सड़क पर चलने वाले असहाय लोगों की सुरक्षा के लिए जागरूक हो सकें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।