Ranchi flag march: रांची तैयारियों ने बढ़ाई सुरक्षा उम्मीदें: रामनवमी पर सख्त निगरानी में जुलूस
रामनवमी को लेकर रांची पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। एसएसपी किशोर कौशल ने जुलूस के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। जानिए फ्लैग मार्च से लेकर पैदल गश्ती तक की पूरी तैयारी।

रांची: ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव रामनवमी को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रशासन इस बार पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड में है। जुलूस के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षा रणनीति बनाई है। शुक्रवार को एसएसपी किशोर कौशल की अगुवाई में विशेष ब्रीफिंग की गई, जिसमें टाइगर मोबाइल, पीसीआर वाहन और plain clothes में तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए।
जुलूस के इतिहास और महत्व की एक झलक
रामनवमी न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि रांची जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर में यह एक सामाजिक आयोजन का रूप भी ले लेता है। सदियों से यहां रामनवमी पर भव्य शोभायात्राएं निकलती हैं, जिनमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना प्रशासन के लिए हर वर्ष एक चुनौती होती है।
सुरक्षा के लिए सादी वेशभूषा में तैनाती
इस बार एक खास रणनीति के तहत पुलिसकर्मी सादी वेश में भीड़ में शामिल होकर निगरानी रखेंगे। इससे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी संदिग्ध हरकत दिखाई दे तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या संबंधित थाने को सूचित किया जाए।
फ्लैग मार्च और गश्ती का आयोजन
ब्रीफिंग के बाद एसएसपी किशोर कौशल और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के नेतृत्व में कदमा थाना से लेकर रानीकुदर और शास्त्रीनगर तक फ्लैग मार्च निकाला गया। इसका उद्देश्य जनता में सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम करना और असामाजिक तत्वों को चेतावनी देना था। इसके अतिरिक्त जिले के सभी थाना क्षेत्रों में शुक्रवार शाम को पैदल गश्ती भी की गई।
जनता से सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे रामनवमी के दौरान किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई जानकारी मिले तो सीधे 100 नंबर या स्थानीय थाना को सूचित करें। साथ ही, सभी धार्मिक संगठनों से सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई है।
तकनीकी निगरानी भी होगी सक्रिय
रांची पुलिस इस बार ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी निगरानी का भी उपयोग करने जा रही है। जुलूस मार्गों पर संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां विशेष बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा, कंट्रोल रूम को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
रांची प्रशासन की इस बार की तैयारी दर्शाती है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक शांति दोनों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जा रहा है। रामनवमी का यह पर्व श्रद्धा के साथ-साथ एक अनुशासित आयोजन भी बन सके, इसके लिए प्रशासन और आम जनता दोनों को साथ मिलकर कदम बढ़ाने होंगे।
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