Jamadoba suicide case: इकलौते बेटे की अचानक मौत ने तोड़ा परिवार का मनोबल, सवालों में घिरी आत्महत्या
धनबाद के जामाडोबा को-ऑपरेटिव कॉलोनी में रहने वाले अमरजीत सिंह की संदिग्ध हालात में मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। आत्महत्या की वजह अभी अज्ञात, पुलिस कर रही है गहराई से जांच।

धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के जामाडोबा को-ऑपरेटिव कॉलोनी से शुक्रवार की शाम एक ऐसा मामला सामने आया जिसने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को हिला कर रख दिया। सतनाम सिंह के इकलौते बेटे अमरजीत सिंह उर्फ सन्नी (35) की अचानक मौत ने पूरे माहौल को शोकाकुल बना दिया है।
घटना के अनुसार, अमरजीत ने अपने घर के अंदर फंदे से लटककर जान दे दी। यह घटना तब सामने आई जब परिजनों ने उसे बार-बार आवाज दी और जवाब ना मिलने पर दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सब सन्न रह गए।
दिनचर्या थी सामान्य, पर शाम ने बदल दी कहानी
परिवार वालों ने बताया कि दोपहर का भोजन करने के बाद सन्नी अपने कमरे में सोने चला गया। शाम करीब 4 बजे उसकी मां चाय देने गईं, लेकिन कमरे से कोई आवाज नहीं आई। जब बार-बार खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो संदेह गहराया। दरवाजा तोड़ा गया और अमरजीत को फंदे से लटका देखा गया।
जल्दबाजी में उसे जामाडोबा टाटा मेन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्यों किया ऐसा? अनसुलझे हैं कई सवाल
घटना के बाद उसकी पत्नी ट्विंकल कौर, एक महीने का मासूम बेटा और माता-पिता सभी सदमे में हैं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि खुशमिजाज और जिम्मेदार अमरजीत ऐसा कदम उठा सकता है।
पुलिस के अनुसार, अब तक आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। न कोई सुसाइड नोट मिला और न ही कोई झगड़े या मानसिक दबाव के संकेत।
जोड़ापोखर थाना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सके।
अमरजीत सिंह: एक जिम्मेदार बेटे और पिता की अधूरी कहानी
अमरजीत एक शादीशुदा और जिम्मेदार युवक था, जो अपने माता-पिता का एकलौता सहारा था। हाल ही में वह एक बेटे का पिता बना था। परिवार और मोहल्ले के लोग उसे एक शांत और सहयोगी स्वभाव के इंसान के रूप में जानते थे।
इस असामयिक मौत ने सिर्फ परिवार को ही नहीं, पूरे इलाके को मौन कर दिया है। हर कोई यही सवाल कर रहा है—आखिर ऐसा क्या हुआ होगा जिसने अमरजीत को यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया?
मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ न करें
यह मामला फिर एक बार यह सोचने पर मजबूर करता है कि मानसिक तनाव या अवसाद किसी को भी अंदर से तोड़ सकता है, चाहे वह बाहर से कितना भी सामान्य क्यों न दिखे।
समाज में ऐसे मुद्दों पर संवाद जरूरी है। अगर आपके आस-पास कोई व्यक्ति अकेला महसूस करता है या असामान्य व्यवहार कर रहा है, तो उसे समझें, साथ दें और ज़रूरत हो तो मदद दिलाएं।
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