Chaibasa Blaze: झींकपानी स्वास्थ्य केंद्र के पास खेतों में भड़की भीषण आग, ग्रामीणों ने बाल्टियों से लड़ी मौत की जंग, टला बड़ा हादसा

चाईबासा के झींकपानी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास खेतों में लगी भीषण आग और ग्रामीणों द्वारा बाल्टियों व पाइपों से इसे बुझाने के साहसी कारनामे की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस खौफनाक आगजनी और लोगों की एकजुटता की सबसे बड़ी मिसाल से अनजान रह जाएंगे।

Feb 13, 2026 - 19:17
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Chaibasa Blaze: झींकपानी स्वास्थ्य केंद्र के पास खेतों में भड़की भीषण आग, ग्रामीणों ने बाल्टियों से लड़ी मौत की जंग, टला बड़ा हादसा
Chaibasa Blaze: झींकपानी स्वास्थ्य केंद्र के पास खेतों में भड़की भीषण आग, ग्रामीणों ने बाल्टियों से लड़ी मौत की जंग, टला बड़ा हादसा

चाईबासा/झींकपानी, 13 फरवरी 2026 – चाईबासा के झींकपानी क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के ठीक पास स्थित खेतों में अचानक आग धधक उठी। चिलचिलाती धूप और तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें देखते ही देखते विकराल हो गईं। धुएं का काला गुबार इतना घना था कि दूर-दूर तक आसमान काला पड़ गया। अगर ग्रामीण समय रहते मोर्चा नहीं संभालते, तो आग स्वास्थ्य केंद्र और पास की बस्तियों को अपनी चपेट में ले लेती, जिससे भारी जनहानि हो सकती थी।

खेतों से उठी लपटें और 'अग्निपरीक्षा': जब दमकल से पहले पहुंचे ग्रामीण

दोपहर के वक्त खेतों से अचानक उठी चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में तबाही का रूप ले लिया।

  • अफरा-तफरी का माहौल: शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य समझा, लेकिन जब आग की लपटें झींकपानी CHC की ओर बढ़ने लगीं, तो ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए।

  • जनप्रतिनिधि की सक्रियता: पूर्व पंचायत समिति सदस्य रघुनाथ गोप ने बिना वक्त गंवाए थाना प्रभारी राजीव रंजन मिश्रा और एसीसी (ACC) अडानी ग्रुप के प्रबंधन को सूचना दी।

  • बाल्टी और पाइप से जंग: दमकल की गाड़ी को पहुँचने में देरी होते देख ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार नहीं किया। युवाओं और बुजुर्गों ने घर से बाल्टियां और पानी के पाइप निकाले और आग पर पानी डालना शुरू किया। करीब 90 मिनट के कड़े संघर्ष के बाद 70 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया गया।

एसीसी दमकल ने किया 'ऑपरेशन क्लीन'

जब ग्रामीणों ने आग की तीव्रता को काफी हद तक कम कर दिया, उसी दौरान एसीसी अडानी ग्रुप की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची। दमकल कर्मियों ने शेष बची आग को पूरी तरह बुझाकर कूलिंग प्रक्रिया पूरी की। इस साहसी अभियान में दिनेश मुंडा, रामकिशन पूर्ती, चारकु मुंडा, अर्जुन मुंडा और जितेंद्र गोप जैसे दर्जनों युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग को घरों तक पहुँचने से रोका।

झींकपानी अग्निकांड: मुख्य विवरण (Incident Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
स्थान झींकपानी CHC के समीप, चाईबासा
समय शुक्रवार दोपहर
मुख्य बचावकर्ता स्थानीय ग्रामीण और एसीसी फायर ब्रिगेड
नुकसान खेतों की फसल और घास जलकर राख
संभावित कारण जांच जारी (शॉर्ट सर्किट या लापरवाही)

आग के कारणों पर सस्पेंस

झींकपानी थाना पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आखिर आग लगी कैसे? क्या यह किसी बिजली के तार में हुए शॉर्ट सर्किट का नतीजा था या किसी की छोटी सी लापरवाही (जैसे जलती बीड़ी या सिगरेट फेंकना) ने इतना बड़ा रूप लिया? फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

एकजुटता ने बचा ली कई जानें

झींकपानी के इन जांबाज ग्रामीणों ने साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों, तो मामूली संसाधनों से भी बड़ी से बड़ी आपदा को हराया जा सकता है। स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर इन लोगों ने सैकड़ों मरीजों की जान बचा ली।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।