Ranchi Action: बड़ा हथौड़ा, रांची नगर निगम ने हिंदपीढ़ी का सामुदायिक भवन किया सील, 10 साल से चल रहा था अवैध कब्जा, पार्षद की भूमिका पर उठे सवाल

रांची के हिंदपीढ़ी में सरकारी सामुदायिक भवन को निजी संपत्ति बनाकर 'अमन कम्युनिटी हॉल' के नाम से चलाने वाले माफियाओं पर नगर निगम ने कड़ा एक्शन लिया है। 10 साल से चल रहे इस अवैध खेल, पार्षद की संदिग्ध चुप्पी और निगम की सीलिंग कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जे के इस बड़े सच को नहीं जान पाएंगे।

Dec 29, 2025 - 19:54
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Ranchi Action: बड़ा हथौड़ा, रांची नगर निगम ने हिंदपीढ़ी का सामुदायिक भवन किया सील, 10 साल से चल रहा था अवैध कब्जा, पार्षद की भूमिका पर उठे सवाल
Ranchi Action: बड़ा हथौड़ा, रांची नगर निगम ने हिंदपीढ़ी का सामुदायिक भवन किया सील, 10 साल से चल रहा था अवैध कब्जा, पार्षद की भूमिका पर उठे सवाल

रांची, 29 दिसंबर 2025 – राजधानी रांची के सबसे सघन आबादी वाले क्षेत्र हिंदपीढ़ी (वार्ड संख्या 22) में सोमवार को नगर निगम ने भ्रष्टाचार और अवैध कब्जे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जनता के टैक्स के पैसे से बने जिस सामुदायिक भवन को गरीबों की शादी-ब्याह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होना चाहिए था, उसे रसूखदारों ने अपनी 'निजी जागीर' बना लिया था। नगर निगम की टीम ने आज सुबह छापेमारी करते हुए इस अवैध कम्युनिटी हॉल को पूरी तरह सील कर दिया है। इस कार्रवाई ने न केवल भू-माफियाओं, बल्कि पिछले एक दशक से चुप्पी साधे बैठे स्थानीय प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

अमन कम्युनिटी हॉल: सरकारी संपत्ति पर 'निजी' बोर्ड का सच

जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी साजिश से कम नहीं हैं। सरकारी फाइलों में जो भवन 'सामुदायिक' था, वह धरातल पर "अमन कम्युनिटी हॉल" के नाम से एक कमर्शियल वेन्यू बन चुका था।

  • निजी कब्जा: भवन के मुख्य गेट पर ताला लगाकर रखा जाता था ताकि आम जनता अंदर न जा सके।

  • व्यावसायिक खेल: अंदर अवैध निर्माण कर इसे लग्जरी लुक दिया गया और भारी-भरकम राशि लेकर निजी कार्यक्रमों और शादियों के लिए बुक किया जाने लगा।

  • नियमों की धज्जियां: नगर निगम अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति उपयोग नियमावली को पूरी तरह दरकिनार कर इसे एक प्राइवेट बिजनेस सेंटर की तरह चलाया जा रहा था।

10 साल की खामोशी और जर्जर इमारत: पार्षद पर गिरा गाज

निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पिछले 10 वर्षों से इस भवन के अवैध उपयोग और अनधिकृत निर्माण की कोई भी रिपोर्ट निगम को नहीं दी गई।

  1. गंभीर लापरवाही: वार्ड पार्षद द्वारा एक दशक तक इस अवैध संचालन पर मौन रहना निगम ने 'मिलीभगत' या 'घोर लापरवाही' माना है।

  2. जर्जर हालत: विडंबना देखिए कि निजी लाभ के लिए इस्तेमाल होने के बावजूद भवन की मरम्मत नहीं की गई। भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि वह कभी भी गिर सकता है।

  3. शौचालय की बदहाली: परिसर में स्थित शौचालय उपयोग के लायक नहीं पाए गए, जिससे स्पष्ट है कि केवल पैसा कमाने पर ध्यान दिया गया, जनहित पर नहीं।

हिंदपीढ़ी सीलिंग रिपोर्ट: मुख्य विवरण (Action Snapshot)

विवरण जानकारी
स्थान वार्ड संख्या 22, हिंदपीढ़ी (रांची)
अवैध नाम अमन कम्युनिटी हॉल
कार्रवाई की तिथि 29 दिसंबर 2025
कारण अवैध कब्जा, कमर्शियल उपयोग और जर्जर स्थिति
निर्देश अपर नगर आयुक्त, रांची नगर निगम

इतिहास और हिंदपीढ़ी का संघर्ष: सरकारी भवनों का भविष्य

हिंदपीढ़ी रांची का वह इलाका है जहाँ सड़कों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक की भारी कमी है। यहाँ सामुदायिक भवनों का निर्माण ऐतिहासिक रूप से उन गरीब परिवारों के लिए किया गया था जिनके पास अपने घरों में कार्यक्रम करने की जगह नहीं होती। लेकिन पिछले कुछ दशकों में रांची के कई वार्डों में सरकारी संपत्तियों पर स्थानीय 'बाहुबलियों' के कब्जे का इतिहास रहा है। यह कार्रवाई एक संदेश है कि सरकारी संपत्ति किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं हो सकती। नगर निगम अब शहर के अन्य 52 वार्डों में भी ऐसे भवनों की सूची तैयार कर रहा है जो फाइलों में तो 'जनता' के हैं, लेकिन हकीकत में 'निजी मुनाफे' के लिए चल रहे हैं।

अपर नगर आयुक्त का कड़ा संदेश

अपर नगर आयुक्त के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि सामुदायिक भवनों का उद्देश्य केवल सार्वजनिक हित है।

  • जवाबदेही तय होगी: पार्षद और संबंधित वार्ड अधिकारियों से जवाब मांगा गया है कि आखिर 10 साल तक यह मामला दबा कैसे रहा?

  • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा: निगम ने कहा कि जो लोग सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनसे हर्जाना भी वसूला जा सकता है।

जनता की संपत्ति, जनता को मिले

हिंदपीढ़ी में आज लगा यह सरकारी ताला दरअसल उन लोगों के लिए एक सबक है जो सार्वजनिक संसाधनों को अपनी कमाई का जरिया समझते हैं। नगर निगम की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने दबे स्वर में स्वागत किया है, क्योंकि अब उन्हें उम्मीद है कि यह भवन मरम्मत के बाद फिर से उनके सामाजिक कार्यों के लिए उपलब्ध होगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।