Ranchi Seize: मुरी रेलवे स्टेशन पर लावारिस बैग से आरपीएफ ने 4 किलो गांजा जब्त किया, मालिक सामने क्यों नहीं आया
रांची रेल मंडल में 'ऑपरेशन नारकोस' के तहत बड़ी सफलता मिली है। मुरी रेलवे स्टेशन पर एक लावारिस पिट्ठू बैग से करीब 4 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 40,000 रुपये है। आरपीएफ ने प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर संदिग्ध बैग क्यों पाया? बैग का मालिक कौन है जो पूछताछ के बाद भी सामने नहीं आया? जानिए आरपीएफ ने गांजा तस्करों के खिलाफ क्या बड़ी कार्रवाई शुरू की है और जीआरपी ने क्या मामला दर्ज किया है।
रांची, 6 नवंबर 2025 – झारखंड में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, रांची रेल मंडल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन नारकोस' के दौरान मुरी रेलवे स्टेशन पर लगभग 4 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 40,000 रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई एक बार फिर से रेल मार्गों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए होने की गंभीर चिंता को जाहिर करती है।
देर शाम चला अभियान: लावारिस बैग में मिला खजाना
यह घटना 5 नवंबर की देर शाम की है। आरपीएफ की टीम मुरी स्टेशन पर सघन जांच अभियान चला रही थी।
-
टीम लीड: आरपीएफ की फ्लाइंग टीम और पीसी मुरी के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
-
संदिग्ध वस्तु: इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर बोकारो दिशा की ओर पुराने गुड्स शेड के पास एक ब्लू रंग का पिट्ठू बैग लावारिस हालत में मिला।
-
मालिक लापता: आरपीएफ टीम ने तुरंत स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन कोई भी व्यक्ति बैग का मालिक बनकर सामने नहीं आया।
चार बड़े पैकेट: जांच में हुई गांजे की पुष्टि
बैग के मालिक का पता न चलने पर आरपीएफ को शक हुआ और उन्होंने उसकी जांच करने का फैसला किया।
-
पैकेजिंग: शक के आधार पर जब बैग को खोला गया तो उसमें चार बड़े पैकेट मिले, जो भूरे रंग के प्लास्टिक में पूरी तरह से सील थे।
-
पुष्टि: गांजा होने की आशंका पर आरपीएफ ने तुरंत इसकी सूचना एएससी आरपीएफ रांची को दी। आधिकारिक परीक्षण के बाद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि की गई।
-
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ: ऑपरेशन नारकोस अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी को रोकने के वैश्विक प्रयासों का एक हिस्सा है, जो अब भारतीय रेल नेटवर्क पर भी सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है।
जीआरपी को सौंपा गया मामला: जांच शुरू
कानूनी कार्रवाई के बाद आरपीएफ टीम ने जब्त किए गए गांजे को आगे की प्रक्रिया के लिए जीआरपी मुरी को सौंप दिया।
-
एनडीपीएस के तहत मामला: जीआरपी मुरी ने इस संबंध में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गांजा तस्करों के नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
-
यात्रियों से अपील: आरपीएफ लगातार यात्रियों से अपील कर रही है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को देखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें।
What's Your Reaction?


