Ranchi Payout: बड़ा धमाका, रांची की 3.91 लाख महिलाओं के खाते में आए ₹2500, मैयां सम्मान का नया साल गिफ्ट
रांची जिले की लाखों महिलाओं के लिए साल 2026 की शुरुआत खुशियों वाली रही है जहाँ मैयां सम्मान योजना के तहत कुल 97.89 करोड़ रुपये सीधे बैंक खातों में क्रेडिट कर दिए गए हैं। ₹2500 की इस सम्मान राशि और डीबीटी भुगतान की पूरी लिस्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अपने खाते में आए इस बड़े लाभ की जानकारी से चूक जाएंगे।
रांची, 3 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में साल 2026 का सूरज नई उम्मीदों और आर्थिक मजबूती के साथ उदय हुआ है। 'मुख्यमंत्री मैयां सम्मान योजना' के तहत जिले की लाखों महिलाओं के लिए नया साल खुशियों की सौगात लेकर आया है। प्रशासन ने रिकॉर्ड समय में 3,91,578 महिला लाभुकों के बैंक खातों में दिसंबर माह की सम्मान राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी है। आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए कुल 97 करोड़ 89 लाख 45 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे महिलाओं की मुट्ठी में पहुँची है। यह कदम न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि बिचौलियों के पुराने नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त कर चुका है।
₹2500 की शक्ति: घर की अर्थव्यवस्था को मिला सहारा
योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 2,500 रुपये की राशि भेजी गई है। यह राशि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि उन लाखों घरों के लिए एक बड़ा संबल है जो छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहते थे।
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बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य: इस राशि का उपयोग महिलाएं अपने बच्चों की स्कूल फीस, कॉपी-किताबों और परिवार के बेहतर पोषण के लिए कर रही हैं।
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आत्मनिर्भरता की ओर कदम: डीबीटी के कारण यह पैसा बिना किसी कटौती के सीधे लाभार्थियों तक पहुँचा है, जिससे महिलाओं का बैंकिंग प्रणाली पर भरोसा बढ़ा है।
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पारदर्शी व्यवस्था: रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल और सुरक्षित रही है, जिससे महिलाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है।
डीबीटी का जादू: झारखंड में बदलता वित्तीय परिदृश्य
मैयां सम्मान योजना की सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ इसकी तकनीकी सटीकता का है।
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आधार लिंकिंग: केवल उन्हीं महिलाओं के खातों में पैसा भेजा गया है जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है, जिससे किसी भी तरह के फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो गई।
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बिचौलिया मुक्त शासन: पहले कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचते-पहुँचते आधा हो जाता था, लेकिन अब ₹2500 का मतलब सीधा ₹2500 है।
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समय पर भुगतान: साल के शुरुआती हफ्ते में ही भुगतान होने से ग्रामीण क्षेत्रों में त्यौहार जैसा माहौल है।
मैयां सम्मान योजना: रांची जिले का रिपोर्ट कार्ड (Payment Snapshot)
| विवरण | सांख्यिकी (Data) |
| कुल महिला लाभुक | 3,91,578 |
| प्रति महिला राशि | ₹2,500 |
| कुल वितरित राशि | ₹97,89,45,000 |
| भुगतान का माध्यम | आधार आधारित DBT |
| महीना | दिसंबर 2025 (भुगतान जनवरी 2026) |
इतिहास और विकास: नारी शक्ति का बढ़ता सम्मान
झारखंड का सामाजिक ढांचा हमेशा से मातृसत्तात्मक प्रवृत्तियों वाला रहा है, जहाँ महिलाएं खेती-बाड़ी से लेकर घर चलाने तक में मुख्य भूमिका निभाती हैं। ऐतिहासिक रूप से देखें तो जल, जंगल और जमीन की लड़ाई में भी यहाँ की महिलाओं का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन आर्थिक स्वतंत्रता के मामले में वे अक्सर पीछे रह जाती थीं। 2026 में मैयां सम्मान योजना जैसी पहल ने उसी ऐतिहासिक गरिमा को आधुनिक आर्थिक सहारा दिया है। पहले की योजनाओं की तुलना में यह योजना अपनी 'यूनिवर्सल कवरेज' (व्यापक पहुँच) के कारण अलग है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री का कहना है कि प्रशासन का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिला को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वह स्वाभिमान के साथ अपना जीवन जी सके।
प्रशासन की चेतावनी: तकनीकी समस्या हो तो क्या करें?
योजना का लाभ मिल जाने के बाद भी कुछ महिलाओं को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने इसके लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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आधार अपडेशन: जिन महिलाओं को अभी तक राशि नहीं मिली है, उन्हें अपना आधार कार्ड और बैंक खाते की केवाईसी (KYC) तुरंत जांचनी चाहिए।
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मोबाइल अलर्ट: भुगतान होते ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) भेजा गया है। लाभार्थी अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या बैंक मित्र के पास जाकर भी अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं।
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सशक्तिकरण का संदेश: उपायुक्त ने साफ किया है कि यह योजना निरंतर जारी रहेगी और हर पात्र महिला को इसका लाभ मिलता रहेगा।
सशक्त महिला, सशक्त झारखंड
रांची जिले में 3.91 लाख महिलाओं के खातों में ₹2500 का पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि झारखंड अब 'डिजिटल क्रांति' के जरिए सीधे अपने नागरिकों की सेवा कर रहा है। नए साल में मिला यह आर्थिक तोहफा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंकने का काम करेगा और महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में बराबरी का स्थान दिलाएगा।
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