Seraikela Accident: खूनी रफ्तार, ईचागढ़ में अज्ञात काल ने दो को रौंदा, साले-जीजा की मौत, बच्चा लड़ रहा मौत से जंग

सरायकेला के ईचागढ़ में शनिवार शाम एक बेकाबू अज्ञात वाहन ने साले और जीजा को अपनी चपेट में लेकर मौत की नींद सुला दिया है। पाटपुर के पास हुई इस रोंगटे खड़े कर देने वाली टक्कर और घायल बच्चे की हालत से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अंधेरे में सड़कों पर छिपे इस 'अज्ञात मौत' के कहर को कभी नहीं जान पाएंगे।

Jan 3, 2026 - 20:57
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Seraikela Accident: खूनी रफ्तार, ईचागढ़ में अज्ञात काल ने दो को रौंदा, साले-जीजा की मौत, बच्चा लड़ रहा मौत से जंग
Seraikela Accident: खूनी रफ्तार, ईचागढ़ में अज्ञात काल ने दो को रौंदा, साले-जीजा की मौत, बच्चा लड़ रहा मौत से जंग

सरायकेला/ईचागढ़, 3 जनवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार की शाम एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। डुमटांड़–ईचागढ़ केनाल रोड पर पाटपुर के समीप एक 'हिट एंड रन' मामले ने दो परिवारों की खुशियाँ हमेशा के लिए उजाड़ दीं। शाम करीब साढ़े छह बजे, जब चारों ओर धुंध और अंधेरा पसर रहा था, एक अज्ञात काल (तेज रफ्तार वाहन) ने तीन लोगों को बेरहमी से रौंद दिया। इस भीषण टक्कर में साले और जीजा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक 13 वर्षीय मासूम बच्चा जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

मिलन चौक से शुरू हुआ मौत का सफर

चीतरी गांव के रहने वाले 22 वर्षीय शंकर सिंह और उनके 55 वर्षीय जीजा रथु सिंह अपने परिवार के छोटे बच्चे के साथ मिलन चौक से घर लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि घर की दहलीज तक पहुँचने से पहले ही मौत उनका रास्ता रोक कर खड़ी है।

  • भीषण टक्कर: जैसे ही वे पाटपुर के पास पहुँचे, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शंकर और रथु ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

  • अज्ञात वाहन का फरार होना: अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी चालक वाहन लेकर मौके से रफूचक्कर हो गया। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी और चश्मदीदों के जरिए उस 'खूनी वाहन' की तलाश कर रही है।

परिजनों का विलाप: उजड़ गया हसंता-खेलता संसार

हादसे की खबर जैसे ही चीतरी गांव पहुँची, पूरे गांव में कोहराम मच गया।

  1. मातम की चीखें: मृतक शंकर सिंह अभी युवा थे और परिवार की बड़ी उम्मीद थे, वहीं रथु सिंह की मौत ने उनकी बहन और बच्चों को बेसहारा कर दिया है।

  2. घायल बच्चे की स्थिति: 13 साल के बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। ग्रामीण और परिजन उसके लिए दुआएं मांग रहे हैं।

  3. मुआवजे की मांग: स्थानीय उप मुखिया संतोष सिंह ने मौके पर पहुँचकर शोक व्यक्त किया और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है।

ईचागढ़ सड़क हादसा: मुख्य विवरण (Incident Snapshot)

विवरण जानकारी
मृतकों के नाम शंकर सिंह (22) और रथु सिंह (55)
निवासी ग्राम चीतरी, ईचागढ़
घटना स्थल पाटपुर, केनाल रोड (ईचागढ़)
वजह अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर (Hit & Run)
पुलिस कार्रवाई शव पोस्टमार्टम हेतु भेजे गए, जांच जारी

इतिहास और जोखिम: ईचागढ़ केनाल रोड का 'डेथ ट्रैक'

सरायकेला जिले का ईचागढ़ और चांडिल बेल्ट ऐतिहासिक रूप से औद्योगिक गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। डुमटांड़-ईचागढ़ केनाल रोड का निर्माण सिंचाई और स्थानीय संपर्क के लिए किया गया था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह 'शॉर्टकट' रास्ता भारी वाहनों के लिए मुख्य मार्ग बन गया है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो इस खंड पर शाम के समय रोशनी की कमी और संकरी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ 20% बढ़ा है। शनिवार की यह घटना भी उसी लापरवाही का नतीजा है जहाँ 'स्पीड' और 'लैक ऑफ मॉनिटरिंग' ने दो जानें ले लीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद इन सड़कों पर रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

पुलिस की कार्रवाई: थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे।

  • शवों का पोस्टमार्टम: पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।

  • जांच की दिशा: बजरंग महतो ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सीमावर्ती थानों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि फरार वाहन और चालक को दबोचा जा सके।

  • सुरक्षा अलर्ट: पुलिस ने अपील की है कि केनाल रोड पर शाम के समय पैदल या बाइक से चलने वाले लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें और रिफ्लेक्टर का इस्तेमाल करें।

कब थमेगी सड़कों पर खून की होली?

ईचागढ़ की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि हमारी सड़कें कितनी असुरक्षित हो गई हैं। शंकर और रथु की मौत ने एक बार फिर प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। अब देखना यह है कि क्या फरार चालक को सजा मिल पाती है या यह मामला भी फाइलों में दब कर रह जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।