Kapali Raid: बड़ा एक्शन, जमशेदपुर में ब्राउन शुगर का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, महिला तस्कर धराई, आदित्यपुर सप्लायर फरार
जमशेदपुर के कपाली में पुलिस ने नशे के काले साम्राज्य के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक की है जहाँ ₹3.20 लाख की ब्राउन शुगर के साथ एक शातिर महिला पेडलर को दबोचा गया है। आदित्यपुर से कपाली तक फैले इस मौत के कारोबार और अंधेरे का फायदा उठाकर भागे सप्लायर की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर में फैले इस नशे के जाल को कभी नहीं समझ पाएंगे।
जमशेदपुर/कपाली, 5 जनवरी 2026 – स्टील सिटी जमशेदपुर और सरायकेला के सीमावर्ती इलाकों में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने 'जंग' छेड़ दी है। कपाली थाना पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए ब्राउन शुगर के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 16 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने न केवल मादक पदार्थ जब्त किए, बल्कि इस धंधे को ऑपरेट करने वाली एक महिला पेडलर को भी रंगे हाथों दबोच लिया है। हालांकि, मुख्य सप्लायर पुलिस को चकमा देकर अंधेरे में ओझल हो गया, जिसकी तलाश में अब पूरी जमशेदपुर पुलिस खाक छान रही है।
आधी रात को 'सर्जिकल स्ट्राइक': कपाली में पुलिस की घेराबंदी
कपाली थानेदार धीरंजन कुमार को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि आदित्यपुर का एक बड़ा सप्लायर कपाली के हासांडूंगरी इलाके में मौत का सामान (ब्राउन शुगर) खपाने आ रहा है।
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घेराबंदी और फरार सप्लायर: पुलिस ने जाल बिछाया, लेकिन आदित्यपुर निवासी मोहम्मद फिरदौस (27 वर्ष) अपनी स्कूटी (JH05DJ-2883) और एप्पल का महंगा आईफोन छोड़कर भागने में सफल रहा।
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बरामदगी: मौके से पुलिस को 16 ग्राम शुद्ध ब्राउन शुगर मिली, जो जमशेदपुर के युवाओं की रगों में जहर घोलने के लिए लाई गई थी।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हासांडूंगरी स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा और वहां से रेशमा परवीन (44 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
रेशमा और परवेज की 'क्राइम पार्टनरशिप': पति-पत्नी का खेल
पूछताछ के दौरान पकड़ी गई रेशमा परवीन ने जो राज उगले, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
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किराए का ठिकाना: रेशमा मूल रूप से आदित्यपुर की रहने वाली है, लेकिन पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने पिछले 3 महीनों से कपाली में किराए का मकान ले रखा था।
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सप्लाई चेन: रेशमा ने कबूल किया कि आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती (रोड नंबर एच) का फिरदौस उसे माल सप्लाई करता था, जिसे वह छोटे पैकेट बनाकर कपाली और मानगो के इलाकों में बेचती थी।
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पति भी संलिप्त: इस अवैध कारोबार में रेशमा का पति मोहम्मद परवेज अंसारी भी बराबर का भागीदार है। पुलिस अब परवेज और फिरदौस की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
कपाली ड्रग्स केस: कार्रवाई की मुख्य बातें (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| बरामद नशा | 16 ग्राम ब्राउन शुगर |
| बाजार मूल्य | ₹3,20,000 (लगभग) |
| गिरफ्तार आरोपी | रेशमा परवीन (महिला पेडलर) |
| फरार सप्लायर | मोहम्मद फिरदौस (आदित्यपुर) |
| जब्त सामान | एप्पल आईफोन और स्कूटी (JH05DJ-2883) |
इतिहास और रंजिश: आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती का 'ड्रग्स' कनेक्शन
जमशेदपुर और सरायकेला का आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए पुलिस की 'वाच लिस्ट' में रहा है। 90 के दशक में यहाँ छोटे स्तर पर गांजे का व्यापार होता था, लेकिन पिछले एक दशक में यहाँ 'ब्राउन शुगर' ने अपने पैर इतनी गहराई से जमा लिए हैं कि अब महिलाएं और युवा भी इसके पेडलर बन गए हैं। कपाली, जो कभी एक शांत इलाका हुआ करता था, अब आदित्यपुर के तस्करों के लिए एक 'सेफ हाउस' बनता जा रहा है। पुलिस का मानना है कि कपाली के किराए के घरों में रहकर ये तस्कर मानगो और जमशेदपुर शहर के कॉलेज छात्रों को निशाना बना रहे हैं।
नशा कारोबारियों में हड़कंप: टाइगर मोबाइल और सशस्त्र बल अलर्ट
कपाली थानेदार धीरंजन कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में टाइगर मोबाइल के जवान और सशस्त्र बल शामिल थे।
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इंटेलिजेंस नेटवर्क: पुलिस अब रेशमा के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि शहर के अन्य 'रिटेल पेडलर्स' का पता लगाया जा सके।
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सख्ती का संदेश: इस छापेमारी के बाद कपाली और हासांडूंगरी के अन्य किराएदारों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
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फरार आरोपियों पर शिकंजा: फिरदौस और परवेज अंसारी की पहचान हो चुकी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
नशे के खिलाफ पुलिस का कड़ा संदेश
कपाली पुलिस की यह सफलता केवल एक जब्ती नहीं है, बल्कि यह उस चेन को तोड़ने की कोशिश है जो आदित्यपुर से कपाली तक फैली हुई है। ₹3.20 लाख की ब्राउन शुगर का पकड़ा जाना तस्करों के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इस नेटवर्क के मुख्य सरगना तक पहुँच पाती है।
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