Ranchi Arrest : रांची के गेतलसूद शराब दुकान पर बरसाई थीं गोलियां, देव, गोल्डन और भोलू को पुलिस ने धर दबोचा
रांची के गेतलसूद स्थित शराब दुकान पर 5 राउंड फायरिंग करने वाले तीन शातिर अपराधियों को अनगड़ा पुलिस ने जोन्हा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार भी बरामद हुआ है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
रांची/अनगड़ा, 5 मार्च 2026 – राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में अपनी दहशत कायम करने की कोशिश कर रहे अपराधियों के मंसूबों पर अनगड़ा पुलिस ने पानी फेर दिया है। गेतलसूद स्थित कंपोजिट शराब दुकान पर सरेआम फायरिंग करने वाले तीन शातिर बदमाशों को पुलिस ने गुरुवार को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देव सिंह मुंडा उर्फ देवा, गोल्डेन यादव और भोलू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से वही अवैध हथियार भी बरामद कर लिया है जिससे उस रात गोलियां बरसाई गई थीं।
शराब के विवाद में 'गैंगस्टर' बनने की कोशिश
यह पूरी वारदात 3 मार्च की रात को शुरू हुई थी, जब गेतलसूद की वाइन शॉप में मामूली सी बात पर विवाद हुआ।
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5 राउंड फायरिंग: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शराब को लेकर हुए विवाद के बाद इन अपराधियों ने आपा खो दिया और अपनी धौंस जमाने के लिए दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
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दहशत का मंजर: आरोपियों ने करीब पांच राउंड गोलियां चलाईं। जिस वक्त गोलियां चल रही थीं, दुकान में कई ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे। गोलीबारी से वहां भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपने लगे। गनीमत यह रही कि इस अंधाधुंध फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ।
पुलिस की 'जोन्हा स्ट्राइक': ऐसे चढ़े हत्थे
वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन रांची पुलिस की पैनी नजर उन पर टिकी थी।
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त्वरित कार्रवाई: अनगड़ा थाना प्रभारी गौतम कुमार रजवार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
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घेराबंदी: तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने जोन्हा के पास घेराबंदी की और तीनों को दबोच लिया।
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हथियार बरामद: आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से वह अवैध देसी पिस्तौल और कारतूस मिले, जिनका इस्तेमाल 3 मार्च की रात किया गया था।
गेतलसूद का इतिहास और बदलती सुरक्षा स्थिति
गेतलसूद का इलाका न केवल अपनी जल विद्युत परियोजना और बांध के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह रांची का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी रहा है।
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पर्यटन और खतरा: गेतलसूद बांध के आसपास पिछले कुछ वर्षों में पिकनिक और पर्यटन गतिविधियों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। ऐसे में यहाँ शराब दुकानों पर होने वाली इस तरह की हिंसक घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं।
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ऐतिहासिक शांति: रांची के ग्रामीण अंचल कभी अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते थे, लेकिन हाल के वर्षों में नशे और छोटे हथियारों की सुलभता ने यहाँ की शांति में खलल डाला है। अनगड़ा पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि पर्यटन क्षेत्रों में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराधियों का प्रोफाइल: एक नजर में
| नाम | पहचान | गिरफ्तारी स्थल |
| देव सिंह मुंडा उर्फ देवा | मुख्य आरोपी | जोन्हा के पास |
| गोल्डेन यादव | सहयोगी | जोन्हा के पास |
| भोलू | सहयोगी | जोन्हा के पास |
| बरामदगी | अवैध हथियार एवं कारतूस | - |
आगे की कार्रवाई: खुलेंगे और भी राज
अनगड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए तीनों अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह इलाके में 'लेवी' या रंगदारी जैसे अन्य मामलों में भी शामिल हो सकता है। फिलहाल, तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस यह पता लगा रही है कि इन्हें अवैध हथियार किसने उपलब्ध कराए थे।
अपराधियों को कड़ा संदेश
गेतलसूद जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर फायरिंग करना पुलिस के इकबाल को चुनौती देने जैसा था। अनगड़ा पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजकर यह साबित कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अब स्थानीय दुकानदारों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली है।
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