Patamda Tragedy : पटमदा में पालतू भैंसे ने मालिक को उतारा मौत के घाट, सींग में फंसा कमर का बेल्ट और फिर शुरू हुआ खूनी खेल
जमशेदपुर के पटमदा में एक पालतू भैंसे ने अपने ही मालिक युगल महतो को पटक-पटक कर मार डाला है। कमर के बेल्ट में सींग फंसने के कारण हुए इस हृदयविदारक हादसे की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/पटमदा, 17 अप्रैल 2026 – लौहनगरी से सटे पटमदा थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना घटी है, जिसने इंसान और बेजुबान जानवर के भरोसे के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार की रात एक पालतू भैंसे ने अपने ही मालिक, 45 वर्षीय युगल महतो पर जानलेवा हमला कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह हादसा इतना भयावह था कि भैंसे के चंगुल से निकलने की हर कोशिश नाकाम रही और अंततः घटनास्थल पर ही पशुपालक की सांसें थम गईं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र के पशुपालकों को गहरे सदमे और दहशत में डाल दिया है।
बेल्ट बना काल: जब सींगों में फंस गई मालिक की जान
बुधवार शाम करीब 6 बजे युगल महतो अपने दो भैंसों को चराने के लिए घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एकाशिया बागान ले गए थे।
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अचानक हुआ हमला: चरागाह में एक भैंसा अचानक उग्र हो गया। युगल महतो कमर दर्द की वजह से एक 'सपोर्ट बेल्ट' पहने हुए थे। जैसे ही भैंसे ने हमला किया, उसका नुकीला सींग उस बेल्ट में बुरी तरह फंस गया।
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पटक-पटक कर मारा: सींग फंसने की वजह से युगल महतो खुद को अलग नहीं कर पाए। उग्र भैंसा उन्हें लगातार जमीन पर पटकता रहा। चीख-पुकार सुनकर पास के तालाब पर मौजूद लोग जब बचाने दौड़े, तो भैंसे ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की।
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दहशत का मंजर: काफी देर तक वह खूंखार जानवर शव के पास ही डटा रहा। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद उसे काबू किया, लेकिन इस दौरान उसने एक अन्य व्यक्ति को भी घायल कर दिया।
अंतिम विदाई और फिर 'सजा': एक लाख में बिका हमलावर भैंसा
देर रात गमगीन माहौल में युगल महतो का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन असली चर्चा गुरुवार सुबह हुई एक कार्रवाई की है।
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हाट में बिक्री: जिस भैंसे ने अपने मालिक का खून बहाया, परिवार और ग्रामीणों ने उसे घर में रखना मुनासिब नहीं समझा। गुरुवार सुबह उस हमलावर भैंसे को लायाडीह साप्ताहिक हाट ले जाया गया।
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भारी कीमत: बाजार में उस खूंखार भैंसे को एक लाख रुपये में बेच दिया गया। हालांकि, यह रकम उस परिवार के लिए कोई मायने नहीं रखती जिसने अपना मुखिया खो दिया है।
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पशुपालकों में खौफ: सुंदरपुर और आसपास के गांवों में भैंसा पालने वाले लोग अब डरे हुए हैं। वे अपने मवेशियों के व्यवहार को लेकर अब अधिक सतर्क हो गए हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी: क्यों उग्र हो जाते हैं पालतू जानवर?
पशु चिकित्सकों के अनुसार, पालतू मवेशियों के उग्र होने के पीछे कई मनोवैज्ञानिक और शारीरिक कारण हो सकते हैं।
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गर्मी और चिड़चिड़ापन: अप्रैल की बढ़ती गर्मी और पानी की कमी जानवरों के व्यवहार में बदलाव ला सकती है।
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हार्मोनल बदलाव: प्रजनन काल के दौरान नर भैंसे अक्सर अधिक हिंसक और अनियंत्रित हो जाते हैं।
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बेल्ट और कपड़े: विशेषज्ञों का मानना है कि चमकीले रंग या शरीर पर बंधे बेल्ट जैसी चीजों को देखकर जानवर उसे खतरा या चुनौती समझ सकते हैं, जो युगल महतो के मामले में सच साबित हुआ।
पटमदा के सुंदरपुर गांव की यह घटना एक सबक है कि बेजुबान जानवरों के साथ व्यवहार करते समय सावधानी कितनी जरूरी है। युगल महतो का 'कमर दर्द का बेल्ट' उनकी सुरक्षा के लिए था, लेकिन नियति ने उसे ही उनकी मौत का फंदा बना दिया। एक लाख रुपये में भैंसे को बेचकर परिवार ने उस खौफनाक याद को दूर करने की कोशिश तो की है, लेकिन युगल महतो की कमी कभी पूरी नहीं हो पाएगी। प्रशासन और पशुपालन विभाग को अब ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। फिलहाल, पूरा सुंदरपुर इस दर्दनाक हादसे के शोक में डूबा हुआ है।
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