Jamshedpur Raid: अवैध शराब के खिलाफ एक्शन, चार भट्टियां ध्वस्त, तस्करों की उड़ी नींद
जमशेदपुर में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार भट्टियां ध्वस्त, 800 किलो महुआ और 35 लीटर शराब जब्त। जानिए कहाँ हुई यह छापेमारी।
जमशेदपुर: इस्पात नगरी में अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त उत्पाद के निर्देश पर गुरुवार को पश्चिम बंगाल चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार अवैध चुलाई शराब भट्टियों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। छापेमारी इतनी तेज थी कि भट्टी संचालकों के पास वहां से भागने के अलावा कोई चारा नहीं बचा।
कहाँ-कहाँ हुई यह बड़ी कार्रवाई?
प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई जमशेदपुर के दो प्रमुख थाना क्षेत्रों में हुई। कमलपुर थाना क्षेत्र के गोलकाटा में पहली भट्टी को ढहाया गया। वहीं बोड़ाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत डूंगरीडीह और दामोदरपुर में तीन अन्य अवैध भट्टियों पर बुलडोजर चलाया गया। कुल मिलाकर चार भट्टियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। प्रशासन का यह एक्शन इतना अचानक और तेज था कि अवैध शराब कारोबारियों के होश उड़ गए।
भट्टी संचालकों ने जंगलों में लगाई लुकाछिपी
जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, तो भट्टी संचालक वहां मौजूद थे। लेकिन जैसे ही उन्हें छापेमारी की भनक लगी, उन्होंने अपना सब कुछ छोड़ा और नजदीकी जंगलों का सहारा लेकर वहां से फरार हो गए। प्रशासन की टीम ने उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर वे बच निकले। हालांकि, प्रशासन ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब उनकी तलाश जारी है।
800 किलो महुआ नष्ट, 35 लीटर शराब जब्त
इस छापेमारी अभियान में भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की गई है। उत्पाद विभाग की टीम ने लगभग 800 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह महुआ ही वह कच्चा माल होता है जिससे अवैध चुलाई शराब बनाई जाती है। इसके अलावा, टीम ने करीब 35 लीटर पहले से तैयार अवैध चुलाई शराब भी जब्त की। यह शराब काफी खतरनाक मानी जाती है और इसके सेवन से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले सख्ती बढ़ी
इस बार प्रशासन ने पश्चिम बंगाल चुनाव के मद्देनजर अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चुनाव के दौरान अवैध शराब का इस्तेमाल वोटर्स को प्रभावित करने और अनैतिक गतिविधियों में किया जाता है। इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जा रही है। उत्पाद विभाग ने साफ कर दिया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
दर्ज हुआ मामला, तस्करों की तलाश जारी
प्रशासन ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें फरार भट्टी संचालकों की तलाश में जुटी हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कारोबार से जुड़े हर एक व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में राहत
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में राहत की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि इन अवैध भट्टियों के चलते उनके इलाके में अपराध बढ़ता था और युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते थे। उन्होंने प्रशासन से इस अभियान को जारी रखने की मांग की है।
जमशेदपुर की इस बड़ी कार्रवाई ने अवैध शराब कारोबारियों के होश उड़ा दिए हैं। क्या यह झारखंड में अवैध शराब के खिलाफ एक नई शुरुआत है? यह खबर पढ़कर आप भी जानिए कैसे प्रशासन ने चार भट्टियों को ध्वस्त कर बड़ा एक्शन लिया। इसे शेयर करें ताकि हर कोई जागरूक हो सके।
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