Jamshedpur Shock: बीटेक छात्र ने लगाई फांसी, बीमार मां का रांची में चल रहा था इलाज, बहन ने देखा लटकता शव
जमशेदपुर में 23 वर्षीय बीटेक छात्र अंकित शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बीमार मां का रांची में चल रहा था इलाज। जानिए पूरा मामला।
जमशेदपुर: इस्पात नगरी से एक बार फिर ऐसी दर्दनाक खबर आई है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। कदमा थाना क्षेत्र के रामनगर रोड नंबर 7 में एक 23 वर्षीय बीटेक छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। युवक अपनी बहन के साथ रह रहा था, जबकि उसकी बीमार मां का इलाज रांची में चल रहा था। घटना गुरुवार शाम की है, जब बहन ने खाना बुलाने जाकर यह भयानक नजारा देखा। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
बहन ने खिड़की से देखा लटकता शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम अंकित शर्मा (23) है। वह बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार शाम को उसकी बहन ने उसे खाना खाने के लिए बुलाया। लेकिन काफी देर तक जब अंकित ने दरवाजा नहीं खोला, तो बहन को चिंता हुई। उसने बाहर से आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर उसने खिड़की से झांककर देखा तो उसके होश उड़ गए। अंकित कमरे के अंदर पंखे से फंदे पर लटक रहा था। उसकी चीख सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए।
पड़ोसियों ने तोड़ा दरवाजा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी
बहन के शोर मचाने पर पड़ोसियों ने तुरंत मदद की। उन्होंने किसी तरह दरवाजा तोड़ा और अंकित को फंदे से नीचे उतारा। फिर उसे तुरंत टीएमएच (टाटा मुख्य अस्पताल) ले जाया गया। लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, फांसी लगाने के बाद काफी समय बीत चुका था, जिससे उसकी जान बचाना संभव नहीं था।
रांची में भर्ती है मां, दिमागी हालत ठीक नहीं
परिजनों ने बताया कि अंकित की मां की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उनका इलाज रांची के किसी अस्पताल में चल रहा है। मां के इलाज के चलते अंकित अपनी बहन के साथ कदमा के रामनगर रोड नंबर 7 में रह रहा था। वह पढ़ाई के साथ-साथ परिवार का सहारा भी था। परिवार के लोग पहले से ही मां की बीमारी से जूझ रहे थे और अब इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।
क्या है आत्महत्या की वजह? पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल अंकित शर्मा के आत्महत्या करने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। कदमा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बहन और अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने किसी तरह की एफआईआर दर्ज नहीं की है। घटनास्थल से पुलिस ने फंदा समेत अन्य सामान जब्त कर लिया है।
पड़ोसियों में शोक की लहर
अंकित की मौत की खबर सुनते ही पूरे रामनगर इलाके में शोक छा गया। पड़ोसी उसके बहुत अच्छे स्वभाव और मेहनती होने की तारीफ कर रहे हैं। एक पड़ोसी ने बताया, "अंकित बहुत शांत और पढ़ाकू लड़का था। वह अपनी मां की बीमारी से काफी परेशान रहता था, लेकिन कभी किसी से कुछ कहता नहीं था। उसने ऐसा कदम उठाया, यकीन नहीं होता।" कई लोगों का कहना है कि अगर समय रहते किसी ने उसकी मानसिक स्थिति को समझ लिया होता, तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता।
जमशेदपुर की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या हम अपने आसपास के लोगों को समझ पा रहे हैं? क्या हम उनके दर्द को पहचान पा रहे हैं? यह खबर पढ़कर आप भी सोचिए और इसे शेयर कीजिए ताकि कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे।
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