Palamu Strike: बड़ी खैप, पलामू के माधुरी जंगल में ब्राउन शुगर का काले कारोबारी ढेर, सासाराम से जुड़े तस्करी के तार
पलामू के माधुरी जंगल में पुलिस ने छापेमारी कर एक शातिर ड्रग तस्कर को 64.3 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दबोच लिया है। सासाराम और गढ़वा से संचालित हो रहे इस मौत के नेटवर्क और 2700 रुपये वाली एक पुड़िया का पूरा सच यहाँ दिया गया है वरना आप भी झारखंड के इस नशे के सबसे बड़े सिंडिकेट से बेखबर रह जाएंगे।
पलामू, 2 जनवरी 2026 – पलामू पुलिस ने 'नशा मुक्त झारखंड' अभियान के तहत साल की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है। पड़वा थाना क्षेत्र के घने माधुरी जंगल को अपना सेफ जोन समझने वाले एक शातिर तस्कर को पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा है। पकड़े गए आरोपी के पास से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है। एसपी रिष्मा रमेशन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने पलामू और डालटनगंज के उन नशा माफियाओं की नींद उड़ा दी है जो सासाराम से खेप लाकर स्थानीय युवाओं की रगों में जहर घोल रहे थे।
माधुरी जंगल में आधी रात का ड्रामा: घेराबंदी और गिरफ्तारी
पलामू पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि माधुरी जंगल के आसपास एक बड़ा सौदा होने वाला है।
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सटीक सूचना: एसपी के निर्देश पर पड़वा पुलिस ने जंगल में जाल बिछाया। जैसे ही एक युवक पुलिस की रडार पर आया, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
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तस्कर की पहचान: गिरफ्तार युवक का नाम मुमताज खान है, जो गढ़वा के साई मोहल्ला का रहने वाला है।
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बरामदगी: तलाशी के दौरान मुमताज के पास से दो पैकेटों में 'ढेले' के रूप में 64.3 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इसमें एक पैकेट 54 ग्राम और दूसरा 9.5 ग्राम का था।
सासाराम कनेक्शन: ₹2700 में बिकती थी 'मौत की एक पुड़िया'
मुमताज खान कोई छोटा-मोटा खिलाड़ी नहीं, बल्कि पिछले 6 महीनों से इस धंधे का मुख्य सप्लायर बना हुआ था।
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सप्लाई चेन: पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह बिहार के सासाराम और गढ़वा से थोक में माल लाकर पड़वा, डालटनगंज और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था।
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महंगा नशा: मुमताज ने स्वीकार किया कि वह ब्राउन शुगर की एक छोटी सी पुड़िया को 2700 रुपये में बेचता था।
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कैश और मोबाइल: पुलिस ने उसके पास से ₹1200 नकद और एक स्मार्टफोन जब्त किया है, जिसमें कई बड़े तस्करों के नंबर और डील्स के सबूत मिले हैं।
पलामू ड्रग रेड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| गिरफ्तार तस्कर | मुमताज खान (गढ़वा निवासी) |
| बरामद ब्राउन शुगर | 64.3 ग्राम (ढेले के रूप में) |
| अनुमानित कीमत | ₹1,20,000 (बाजार भाव) |
| नेटवर्क का केंद्र | सासाराम (बिहार) और पलामू |
| ऑपरेशन की कमान | एसपी रिष्मा रमेशन |
इतिहास और भूगोल: क्यों पलामू के जंगलों को चुन रहे हैं तस्कर?
ऐतिहासिक रूप से पलामू का भूगोल ऊबड़-खाबड़ और घने जंगलों से भरा रहा है, जो कभी उग्रवादियों की पनाहगाह था। लेकिन बदलते समय के साथ, अब ड्रग तस्कर इन सुनसान रास्तों का इस्तेमाल 'ट्रांजिट रूट' के तौर पर कर रहे हैं। बिहार के सासाराम से झारखंड के सीमावर्ती जिलों (गढ़वा और पलामू) में नशीले पदार्थों की तस्करी का पुराना रिकॉर्ड रहा है। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में ब्राउन शुगर की खपत में 20% का इजाफा हुआ है, जिसमें सासाराम सिंडिकेट का नाम बार-बार सामने आता है। माधुरी जंगल जैसे इलाके पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करों की पहली पसंद बन रहे हैं।
एसपी की चुनौती: "बड़े मछली" पर है नजर
एसपी रिष्मा रमेशन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि मुमताज की गिरफ्तारी सिर्फ एक शुरुआत है।
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पहचान बदलने का खेल: एसपी ने बताया कि जैसे ही कोई छोटा तस्कर पकड़ा जाता है, सिंडिकेट के 'बड़े आका' अपनी पहचान और लोकेशन बदल लेते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।
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रडार पर मास्टरमाइंड: पुलिस अब मुमताज के मोबाइल डेटा के जरिए उन बड़े तस्करों को चिन्हित कर रही है जो सासाराम से इस पूरी खेप को फाइनेंस करते हैं।
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युवाओं को बचाने की जंग: पलामू पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें, क्योंकि तस्करों का मुख्य शिकार छात्र और बेरोजगार युवा ही बन रहे हैं।
नशा माफियाओं पर अंतिम प्रहार
पड़वा पुलिस की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि पलामू में नशा माफियाओं के दिन अब गिनती के रह गए हैं। मुमताज खान का जेल जाना उस बड़े नेटवर्क की एक कड़ी का टूटना है जो सासाराम से डालटनगंज तक फैला है।
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