Jamshedpur Snatching : राज्यपाल निवास के पास महिला से मंगलसूत्र की छिनतई, पुलिस अब तक नहीं कर पाई गिरफ्तारी
उड़ीसा के राज्यपाल के निवास से मात्र 150 मीटर की दूरी पर महिला से मंगलसूत्र की छिनतई का मामला। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जानिए पूरी कहानी।
उड़ीसा के राज्यपाल के निवास से मात्र 150 मीटर की दूरी पर एक और दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। 15 दिसंबर 2024 को एग्रीको ट्रांसपोर्ट मैदान में एक शादी समारोह के दौरान, दो उचक्कों ने एक महिला के गले से मंगलसूत्र झपट लिया और राज्यपाल के घर के इतने पास होने के बावजूद पुलिस अभी तक उन्हें पकड़ नहीं पाई है।
घटना का विवरण:
यह घटना रात के करीब 11:20 बजे की है, जब प्रकाश सिंह अपनी पत्नी बबीता सिंह, और बच्चों के साथ शादी समारोह में शामिल हुए थे। शादी के कार्यक्रम में नमदा बस्ती के निवासी अभी सिंह के परिवार ने आयोजन किया था। समारोह के दौरान, प्रकाश सिंह अपनी पत्नी और 10 वर्षीय बेटी को पंडाल के गेट के पास छोड़कर अपने बेटे के साथ पार्किंग में खड़ी कार लेने के लिए आगे बढ़े थे।
इसी दौरान, दो उचक्कों ने मौका देख कर, महिला के गले से मंगलसूत्र छिन लिया और तुरंत एक काले रंग की पल्सर बाइक पर फरार हो गए। घटना की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि यह घटना राज्यपाल के निवास से महज 150 मीटर की दूरी पर हुई थी। इसके बाद, एक आरोपी ने ही बाइक स्टार्ट की और फरार हो गया, जबकि उसका सहयोगी मफलर पहने हुए बाइक पर पीछे बैठा था।
महिला की पहल:
घटना के बाद, पीड़िता बबीता सिंह ने सिदगोडा थाना में शिकायत दर्ज कराई और साथ ही झपटमार का फोटो भी पुलिस को उपलब्ध कराया। यह फोटो उस समय खींची गई थी जब महिला और उनके परिजनों ने सेल्फी ली थी, और अनायास उस समय आरोपी की तस्वीर भी कैद हो गई थी। महिला ने पूरी घटना का विवरण पुलिस को दिया और अपराधी की तस्वीर भी मुहैया कराई।
पुलिस की चुप्पी और सवाल:
इस मामले को लेकर महिला और उसके परिवार के सदस्य काफी परेशान हैं, क्योंकि 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक अपराधी को गिरफ्तार नहीं किया है। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि जांच में लापरवाही बरती जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी में नकारात्मक रवैया दिखाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्यपाल के निवास के इतने पास इस प्रकार की घटना हुई, और पुलिस अब तक आरोपी को पकड़ने में नाकामयाब रही है।
स्थानीय पुलिस और अपराधी की पहचान:
सिदगोडा पुलिस ने इस मामले में आरोपी की पहचान के लिए जांच शुरू की है, लेकिन किसी भी गिरफ्तारी के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि वे आरोपियों को पकड़ने के लिए कई दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे हैं, लेकिन 48 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी अपराधी की गिरफ्तारी न हो पाई, जिससे आम जनता में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
क्या है इस घटना के पीछे का राज?
यह घटना न केवल महिला सुरक्षा के मामले में चिंता का विषय बन गई है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रही है। राज्यपाल के निवास से इतनी नजदीकी दूरी पर दिनदहाड़े इस प्रकार की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। इस घटना ने यह भी दर्शाया कि सुरक्षा के उपायों में और सुधार की आवश्यकता है, खासकर प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और राज्यपाल के घर जैसी संवेदनशील जगहों के पास।
सामाजिक सुरक्षा की जरूरत:
इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या केवल कानून और सुरक्षा इंतजामों के बावजूद भी ऐसी घटनाएं घटित होती रहेंगी? क्या महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास पर्याप्त हैं?
इसी प्रकार की घटनाओं के बढ़ने से उड़ीसा और अन्य राज्यों में महिला सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो रही हैं। पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर इस मामले का हल निकालने की आवश्यकता है, ताकि लोगों का विश्वास सुरक्षा व्यवस्था पर बना रहे।
यह घटना हम सभी को यह याद दिलाती है कि किसी भी स्थान पर सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बनाए रखना जरूरी है, खासकर जब हम राज्यपाल निवास जैसे स्थान के पास हों।
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