Sonari Tragedy: इकलौता चिराग बुझा, सोनारी में पिज्जा डिलीवरी बॉय को रौंदकर भागे बाइक सवार, तड़प-तड़पकर गई अंशु की जान

जमशेदपुर के सोनारी में पिज्जा डिलीवरी देने जा रहे 21 वर्षीय अंशु ठाकुर की एक सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई है। तीन बहनों के इकलौते भाई के लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़े रहने और आरोपी के साथी को लेकर भागने की पूरी झकझोर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी रात के सन्नाटे में छिपे इस 'हिट एंड रन' के खौफनाक सच को नहीं जान पाएंगे।

Dec 27, 2025 - 18:47
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Sonari Tragedy: इकलौता चिराग बुझा, सोनारी में पिज्जा डिलीवरी बॉय को रौंदकर भागे बाइक सवार, तड़प-तड़पकर गई अंशु की जान
Sonari Tragedy: इकलौता चिराग बुझा, सोनारी में पिज्जा डिलीवरी बॉय को रौंदकर भागे बाइक सवार, तड़प-तड़पकर गई अंशु की जान

जमशेदपुर (सोनारी), 27 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर की रात एक बार फिर एक मासूम की जान की दुश्मन बन गई। सोनारी थाना क्षेत्र के आदर्शनगर (आशियाना गार्डेन) के पास बीती रात करीब 12:30 बजे एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। डोमिनोज पिज्जा के डिलीवरी बॉय अंशु ठाकुर (21 वर्ष) को एक तेज रफ्तार बाइक ने कुचल दिया। दिल दहला देने वाली बात यह रही कि टक्कर मारने वाले युवक घायल अंशु की मदद करने के बजाय अपने साथी को उठाकर मौके से फरार हो गए। सड़क पर अकेले तड़पते हुए अंशु ने दम तोड़ दिया। वह अपने घर का इकलौता बेटा था और तीन बहनों की उम्मीदें उससे जुड़ी थीं।

आधी रात का शिकार: पिज्जा पहुँचाने निकला था अंशु

अंशु ठाकुर सोनारी के जाहिरा कॉलोनी निवासी जुगनू ठाकुर का बेटा था। वह मेहनत कर अपने परिवार का हाथ बंटा रहा था।

  • अंतिम ऑर्डर: बीती रात वह पंचवटी नगर में एक ग्राहक को पिज्जा पहुँचाने जा रहा था।

  • भीषण टक्कर: आदर्शनगर के पास विपरीत दिशा से आ रही एक बाइक पर सवार दो युवकों ने उसकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।

  • संवेदनहीनता की हद: टक्कर के बाद दोनों गाड़ियों के सवार सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, दूसरी बाइक पर सवार एक युवक उठा और उसने अपने चोटिल साथी को उठाया और मोटरसाइकिल लेकर वहां से भाग निकला। उन्होंने एक बार भी पीछे मुड़कर लहूलुहान अंशु को नहीं देखा।

सन्नाटे में मौत: राहगीर की सूचना पर पहुँची पुलिस

हादसे के बाद काफी देर तक अंशु सड़क पर पड़ा रहा। रात के सन्नाटे और ठंड के कारण सड़क पर आवाजाही कम थी।

  1. देर से मिली मदद: काफी समय बीतने के बाद एक राहगीर की नजर उस पर पड़ी और उसने पुलिस को सूचित किया।

  2. मौके पर मौत: जब तक पुलिस की टीम पहुँची और उसे अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब तक अत्यधिक खून बह जाने के कारण अंशु की सांसें थम चुकी थीं।

  3. घर में कोहराम: तीन बहनों के बीच वह इकलौता भाई था। इस खबर ने पूरे परिवार को ऐसा जख्म दिया है जिसे शायद समय भी न भर पाए।

सोनारी 'हिट एंड रन' केस: मुख्य विवरण (Death Report Snapshot)

विवरण जानकारी
नाम अंशु ठाकुर (21 वर्ष)
पिता जुगनू ठाकुर, सोनारी
पेशा डिलीवरी बॉय (डोमिनोज पिज्जा)
स्थान आदर्शनगर, सोनारी
परिवार तीन बहनों का इकलौता भाई
स्थिति आरोपी फरार, मुआवजे की मांग जारी

इतिहास और सामाजिक संदर्भ: डिलीवरी वर्कर्स का जोखिम

जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों में 'गिग इकोनॉमी' (Gig Economy) ने युवाओं को रोजगार तो दिया है, लेकिन उनकी सुरक्षा आज भी एक बड़ा सवाल है। रात के अंधेरे में टारगेट पूरा करने और समय पर डिलीवरी देने के दबाव में ये वर्कर्स अक्सर 'सॉफ्ट टारगेट' बन जाते हैं। सोनारी की यह घटना उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है, जहाँ शहर की सड़कों पर रात के वक्त तेज रफ्तार बाइकिंग (Stunt Biking) करने वाले युवक बेकसूरों की जान ले रहे हैं और कानून की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।

थाने पर प्रदर्शन: मुआवजे और न्याय की मांग

शनिवार सुबह से ही अंशु के परिजन और स्थानीय लोग सोनारी थाने में डटे हुए हैं।

  • मुआवजे पर वार्ता: परिजनों ने कंपनी से उचित मुआवजे और न्याय की मांग की है। पुलिस और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच फिलहाल वार्ता चल रही है।

  • आरोपियों की तलाश: पुलिस आदर्शनगर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस बाइक और फरार युवकों की पहचान की जा सके।

  • भारी आक्रोश: स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आरोपियों ने मानवता दिखाई होती और समय पर अंशु को अस्पताल पहुँचाया होता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

सिस्टम और समाज पर सवाल

अंशु ठाकुर की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक संवेदनहीनता का परिणाम है। एक युवक अपने साथी को लेकर भाग गया और दूसरा युवक सड़क पर दम तोड़ गया—यह समाज के लिए खतरे की घंटी है। पुलिस को चाहिए कि वे फरार आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजें। फिलहाल, सोनारी की गलियों में सन्नाटा है और एक मां की आँखें अपने इकलौते बेटे की लाश देखकर पथरा गई हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।