Mango Celebration: बड़ी धूम, मानगो में गूँजा गुरु गोविंद सिंह जी का जयकारा, पूर्व विधायक कुणाल षडंगी ने गुरुघर में टेका माथा

मानगो के संतकुटिया गुरुद्वारा साहिब में दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 359वें प्रकाश पर्व पर आयोजित भव्य कीर्तन दरबार की पूरी कवरेज यहाँ देखें। पूर्व विधायक कुणाल षडंगी द्वारा गुरु महाराज के सिद्धांतों और सिख समाज की अटूट सेवा भावना पर दिए गए प्रेरक संदेश की पूरी रिपोर्ट विस्तार से दी गई है वरना आप इस पावन उत्सव की आध्यात्मिक झलक से चूक जाएंगे।

Dec 27, 2025 - 17:12
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Mango Celebration: बड़ी धूम, मानगो में गूँजा गुरु गोविंद सिंह जी का जयकारा, पूर्व विधायक कुणाल षडंगी ने गुरुघर में टेका माथा
Mango Celebration: बड़ी धूम, मानगो में गूँजा गुरु गोविंद सिंह जी का जयकारा, पूर्व विधायक कुणाल षडंगी ने गुरुघर में टेका माथा

जमशेदपुर (मानगो), 27 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर आज आध्यात्मिक आभा से सराबोर है। अवसर है दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व का। मानगो स्थित संतकुटिया गुरुद्वारा साहिब में शनिवार को आयोजित भव्य कीर्तन दरबार में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। इस पावन मौके पर बहरागोड़ा के पूर्व विधायक और झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षडंगी ने गुरुद्वारा साहिब पहुँचकर माथा टेका और गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने इस दौरान समानता, निस्वार्थ सेवा और अन्याय के खिलाफ खड़े होने के सिख सिद्धांतों को आज के युग की सबसे बड़ी जरूरत बताया।

कीर्तन दरबार में उमड़ी संगत: भाई हरिंदर सिंह ने किया निहाल

प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा परिसर को फूलों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था।

  • अखंड पाठ की समाप्ति: सुबह सर्वप्रथम गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ की समाप्ति हुई, जिसके बाद पूरा माहौल 'वाहेगुरु' के जप से गूँज उठा।

  • मधुर कीर्तन: कदमा वाले भाई हरिंदर सिंह और भाई हरमनदीप सिंह के रागी जत्थों ने अपने शबद कीर्तन से संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्त्री सत्संग सभा की बीबियों ने भी गुरु महिमा का गायन कर संगत को निहाल किया।

  • लंगर की सेवा: अरदास के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया, जिसमें हर वर्ग के हजारों लोगों ने बिना किसी भेदभाव के एक पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।

कुणाल षडंगी का संबोधन: "साहस की प्रेरणा हैं गुरु महाराज"

गुरुद्वारा कमेटी द्वारा शाल ओढ़ाकर सम्मानित किए जाने के बाद कुणाल षडंगी ने संगत को संबोधित किया।

  1. अन्याय के खिलाफ आवाज़: कुणाल ने कहा, "गुरु गोविंद सिंह जी ने हमें सिखाया कि जब बात स्वाभिमान और धर्म की रक्षा की हो, तो पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका जीवन साहस और बलिदान की अमर गाथा है।"

  2. सिख समाज का योगदान: उन्होंने जमशेदपुर के विकास और सामाजिक सेवा में सिख समुदाय की भूमिका की जमकर सराहना की।

  3. युवाओं को संदेश: उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे दशमेश पिता के बताए गए समानता और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलें।

संतकुटिया गुरुद्वारा प्रकाश पर्व: मुख्य विवरण (Event Snapshot)

विवरण जानकारी
अवसर श्री गुरु गोविंद सिंह जी का 359वां प्रकाश पर्व
स्थान संतकुटिया गुरुद्वारा साहिब, मानगो
मुख्य अतिथि कुणाल षडंगी (पूर्व विधायक)
कीर्तन जत्था भाई हरिंदर सिंह (कदमा) और भाई हरमनदीप सिंह
आयोजक गुरुद्वारा कमेटी मानगो और सिख नौजवान सभा

इतिहास की झलक: क्यों कहलाते हैं 'दशमेश पिता'?

सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म 1666 में पटना साहिब में हुआ था। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर एक ऐसी कौम तैयार की जो संत भी थी और सिपाही भी। उन्होंने अपना सर्वस्व—माता-पिता और चारों साहिबजादे—देश और धर्म की रक्षा के लिए न्योछावर कर दिए। यही कारण है कि उन्हें 'सरबंस दानी' भी कहा जाता है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में गुरु महाराज के प्रकाश पर्व का आयोजन यहाँ की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करता है।

उपस्थित गणमान्य और सेवादार

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में गुरुद्वारा कमेटी के मीत प्रधान कमलजीत सिंह, सिख नौजवान सभा के मलविंदर सिंह, प्रभदीप सिंह दीपू और सरबजोत सिंह की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम में युवा समाजसेवी इंद्रजीत सिंह, झामुमो नेता सिमरन भाटिया, हरजिंदर सिंह, सुखविन्द्र सिंह, राजपाल सिंह और स्त्री सत्संग सभा की प्रधान शरणजीत कौर समेत कई सेवादार उपस्थित थे।

सेवा और भक्ति का महाकुंभ

मानगो में आयोजित यह कीर्तन दरबार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे का प्रतीक बनकर उभरा। कुणाल षडंगी की उपस्थिति और उनके ओजस्वी विचारों ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। जैसे-जैसे शाम ढली, दीपों की रोशनी और गुरु की वाणी ने पूरे मानगो क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।