Koderma Stone Pelting Incident: महिलाओं पर पत्थरबाजी से क्षेत्र में तनाव, क्या है इसके पीछे की साजिश?
झारखंड के कोडरमा में महिलाओं पर पत्थरबाजी की घटना, इलाके में तनाव। प्रशासन ने जांच शुरू की, पत्थरबाजी के कारणों का पता लगाने की कोशिश।

झारखंड के कोडरमा जिले के चेचाई में एक चौकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें महिलाओं पर पत्थरबाजी की गई। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है। मंगलवार की सुबह जब महिलाएं यज्ञ कलश लेकर सात गांवों की झोली यात्रा पर निकलीं, तो अचानक चेचाई के छतरबर में उन्हें असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी का शिकार बना लिया। इस हमले से क्षेत्र में तनाव फैल गया और अब प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
यात्रा पर हमला: क्या है इसके पीछे का कारण?
यह घटना उस समय घटी जब 50-60 महिलाएं कलश लेकर झोली यात्रा पर निकली थीं, जो 9 से 17 अप्रैल तक चलने वाले यज्ञ महोत्सव का हिस्सा थी। इनमें 10-11 महिलाएं प्रमुख थीं, जो यज्ञ कलश लेकर गांवों में भिक्षा मांगने के लिए निकलीं थीं। जब ये महिलाएं छतरबर इलाके से गुजर रही थीं, तो अचानक कुछ लोगों ने उन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पत्थरबाजी में महिलाओं के कलश टूट गए, जिससे यह यात्रा रुक गई और घटना ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी।
प्रशासन की सक्रियता: क्या सच में किसी ने साजिश रची थी?
जैसे ही इस घटना की सूचना प्रशासन को मिली, एसडीओ रिया सिंह, एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, और कोडरमा थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान ड्रोन निगरानी के माध्यम से आसपास के इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जांच में यह सामने आया कि जिस घर से पत्थरबाजी की गई थी, वहां की छत पर पत्थरों का ढेर पड़ा हुआ था, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह हमला पूर्व नियोजित था। प्रशासन अब इस मामले में सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
क्या कारण था हमला?
मूल रूप से यह झोली यात्रा धार्मिक भावना से जुड़ी हुई थी, और ऐसे में इस प्रकार का हमला होना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह घटना धार्मिक टकराव का परिणाम है, या फिर यह किसी साजिश का हिस्सा थी? इस हमले के बाद इलाके में धार्मिक तनाव बढ़ गया है, और अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस हमले के पीछे कोई शरारत थी, या फिर यह सिर्फ एक संयोग था।
महिला श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
घटना के बाद महिलाओं ने इसे आत्मसंतुष्टि की बजाय गहरी चोट के रूप में महसूस किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि धार्मिक यात्रा पर जाने वाली महिलाओं पर पत्थर फेंके जाएंगे। महिलाओं ने इस हमले को खेदजनक और अत्याचार करार दिया है और मांग की है कि हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। एक महिला श्रद्धालु ने कहा, "हम तो धार्मिक विश्वास के साथ यात्रा पर निकले थे, लेकिन हमें हिंसा का शिकार बनाना अत्यंत निंदनीय है।"
सुरक्षा और पुलिस तैनाती
इस घटना के बाद, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की अराजकता से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यज्ञ और यात्रा: क्यों महत्वपूर्ण है ये धार्मिक आयोजन?
इस घटना की धार्मिक पृष्ठभूमि को समझना भी अहम है। झोली यात्रा आम तौर पर एक धार्मिक आयोजन होता है, जिसमें महिलाएं कलश लेकर गांवों में यात्रा करती हैं और इस यात्रा के दौरान भिक्षा मांगती हैं। यह प्रथा बहुत पुरानी है और इसे एक धार्मिक कर्तव्य के रूप में माना जाता है। इस तरह की घटनाओं से न केवल धार्मिक मान्यताओं को चोट पहुंचती है, बल्कि समाज में भी अवैध तनाव पैदा होता है।
What's Your Reaction?






