Jharkhand Weather : भीषण कोहरा, झारखंड बना सफेद रेगिस्तान, लोहरदगा में पारा 3.4 डिग्री, अगले 48 घंटे बेहद खतरनाक
झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लोहरदगा में पारा गिरकर 3.4 डिग्री पर पहुँच गया है और कोहरे के कारण विजिबिलिटी शून्य के करीब है। मौसम विभाग द्वारा जारी अगले 48 घंटों के रेड अलर्ट की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है वरना आप भी इस जानलेवा ठंड की तैयारी करने से चूक जाएंगे।
रांची/जमशेदपुर, 5 जनवरी 2026 – झारखंड इस वक्त बर्फीली हवाओं और घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। पूरे राज्य में ठंड का 'टॉर्चर' शुरू हो चुका है, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। लोहरदगा जिला इस वक्त राज्य का सबसे ठंडा इलाका बन गया है, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजधानी रांची से लेकर औद्योगिक शहर जमशेदपुर तक, सूरज और बादलों की लुकाछिपी के बीच शीतलहर ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भीषण शीतलहर (Cold Wave) और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है, जो यातायात से लेकर स्वास्थ्य तक के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
लोहरदगा में 'कुल्फी' जमी: विजिबिलिटी हुई शून्य
सोमवार की सुबह जब लोग सोकर उठे, तो खिड़की के बाहर केवल सफेद धुंध का पहरा था।
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विजिबिलिटी का संकट: रांची और डालटेनगंज में विजिबिलिटी गिरकर मात्र 300 मीटर रह गई है। देवघर में 650 मीटर और जमशेदपुर में 700 मीटर रिकॉर्ड की गई। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं।
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पारे की चाल: लोहरदगा के बाद गुमला 4.1 डिग्री और लातेहार 5.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडे रहे। रांची का पारा भी गोता लगाकर 6.6 डिग्री पर आ गया है, जिससे कनकनी बढ़ गई है।
इन 8 जिलों में 'रेड अलर्ट': घर से बाहर निकलना होगा मुश्किल
मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक झारखंड के 8 जिले भीषण शीतलहर की चपेट में रहेंगे।
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प्रभावित जिले: गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा और गुमला।
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घना कोहरा: सोमवार और मंगलवार को संताल परगना के देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ सहित गिरिडीह में 'जीरो विजिबिलिटी' जैसे हालात बन सकते हैं।
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जमशेदपुर की राहत: राहत की बात केवल जमशेदपुर के लिए है, जहाँ सोमवार को मौसम साफ रहा और तापमान 11 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
झारखंड मौसम डायरी: आज का तापमान (Temperature Snapshot)
| जिला | न्यूनतम तापमान (°C) | स्थिति |
| लोहरदगा | 3.4° | भीषण शीतलहर |
| गुमला | 4.1° | कड़ाके की ठंड |
| डालटेनगंज | 6.3° | घना कोहरा |
| रांची | 6.6° | कनकनी जारी |
| हजारीबाग | 7.1° | ठिठुरन |
| जमशेदपुर | 11.0° | मौसम साफ |
इतिहास का पन्ना: जब रांची बना था 'शिमला'
झारखंड की ठंड का अपना एक गौरवशाली और कभी-कभी डरावना इतिहास रहा है। पुराने जानकार बताते हैं कि 1960 और 70 के दशक में रांची का तापमान अक्सर 2 से 3 डिग्री के बीच रहता था और सुबह के वक्त खेतों में ओस की बूंदें बर्फ की परत जैसी जमी दिखती थीं। इसी कारण रांची को 'बिहार की ग्रीष्मकालीन राजधानी' और 'छोटा नागपुर की रानी' कहा जाता था। हालांकि, बढ़ते शहरीकरण और पेड़ों की कटाई ने इस जादुई ठंड को कम कर दिया था, लेकिन 2026 की यह शीतलहर एक बार फिर उन पुराने दिनों की याद दिला रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के कारण झारखंड में यह 'ड्राई कोल्ड' (शुष्क ठंड) का असर बढ़ गया है।
स्वास्थ्य और सावधानी: प्रशासन की अपील
कड़ाके की इस ठंड में हार्ट और अस्थमा के मरीजों के लिए खतरा बढ़ गया है।
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अलाव की मांग: रांची और आसपास के चौक-चौराहों पर नगर निगम ने अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू की है, लेकिन बढ़ती ठंड को देखते हुए यह नाकाफी साबित हो रही है।
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यातायात की चेतावनी: कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें और बसें अपने निर्धारित समय से 3 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं। एनएच-33 पर चलने वाले ट्रक ड्राइवरों को 'फॉग लाइट' का अनिवार्य इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
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पशुधन का ध्यान: कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे पालतू पशुओं को ठंड से बचाएं और फसलों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करें।
अभी और गिरेगा पारा!
मौसम विभाग के अनुसार, अभी राहत की उम्मीद कम है। अगले 48 घंटे झारखंड के लिए 'अग्निपरीक्षा' जैसे होंगे, जहाँ पारा और नीचे गिर सकता है। यदि आप इन जिलों में रहते हैं या सफर की योजना बना रहे हैं, तो गर्म कपड़ों के साथ-साथ कोहरे के अपडेट पर नजर जरूर रखें।
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