Jharkhand Winter: जमी बर्फ, खूंटी में 2.6 डिग्री का टॉर्चर, कांप रहा है पूरा झारखंड, जानें कब मिलेगी कनकनी से राहत

झारखंड के खूंटी में पारा गिरकर 2.6 डिग्री तक पहुँच गया है जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पछुआ हवाओं का सितम और अगले 72 घंटों में होने वाले बड़े बदलाव की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी मौसम विभाग की इस सबसे बड़ी राहत वाली खबर को जानने से चूक जाएंगे।

Jan 17, 2026 - 14:30
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Jharkhand Winter: जमी बर्फ, खूंटी में 2.6 डिग्री का टॉर्चर, कांप रहा है पूरा झारखंड, जानें कब मिलेगी कनकनी से राहत
Jharkhand Winter: जमी बर्फ, खूंटी में 2.6 डिग्री का टॉर्चर, कांप रहा है पूरा झारखंड, जानें कब मिलेगी कनकनी से राहत

रांची, 17 जनवरी 2026 – झारखंड इस वक्त भीषण शीतलहर (Cold Wave) की चपेट में है। राजधानी रांची समेत राज्य के लगभग सभी जिले कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है—खूंटी जिला इस वक्त 'झारखंड का साइबेरिया' बना हुआ है, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 2.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। सुबह और शाम के वक्त छाए घने कोहरे और हड्डियों को कंपा देने वाली पछुआ हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। हालांकि, कनकनी के इस दौर के बीच मौसम विभाग ने एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जो ठिठुरते झारखंड के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

खूंटी में 'टॉर्चर' वाली ठंड: 2.6 डिग्री ने तोड़ा रिकॉर्ड

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पारे की स्थिति कुछ ऐसी है कि शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है।

  • खूंटी का हाल: यहाँ 2.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड खतरे में डाल दिया है।

  • कोयलांचल और अन्य जिले: डाल्टनगंज में 4.7 डिग्री और लोहरदगा-बोकारो में पारा 5 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

  • रांची और जमशेदपुर: राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री और जमशेदपुर में 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

बड़ी राहत: 18 जनवरी से पलटेगा मौसम का मिजाज

अगर आप इस कड़ाके की ठंड से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर आने वाली है।

  1. तापमान में उछाल: मौसम विभाग के अनुसार, 18, 19 और 20 जनवरी को न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

  2. पछुआ हवाओं पर ब्रेक: उत्तर-पश्चिम से आ रही बर्फीली हवाओं की रफ्तार कम होने वाली है, जिससे कनकनी कम होगी।

  3. रांची का अनुमान: अगले पांच दिनों में रांची का पारा 10 से 13 डिग्री के बीच पहुँच सकता है, जो आम जनजीवन को पटरी पर लाने में मदद करेगा।

झारखंड का तापमान चार्ट: कहाँ कितनी ठंड? (Temperature Snapshot)

जिला न्यूनतम तापमान (°C) स्थिति
खूंटी 2.6° भीषण शीतलहर
डाल्टनगंज 4.7° अत्यधिक ठंडा
बोकारो 5.1° कड़ाके की ठंड
रांची 8.2° सामान्य से कम
चाईबासा 28.0° (Max) राज्य में सबसे गरम

इतिहास का पन्ना: रांची की वो ऐतिहासिक ठंड और 'छोटानागपुर' का बदलता मिजाज

रांची को कभी 'बिहार की ग्रीष्मकालीन राजधानी' कहा जाता था क्योंकि यहाँ का मौसम सालों भर सुहावना रहता था। इतिहास गवाह है कि 1960 और 70 के दशक में रांची और खूंटी के पठारी इलाकों में सर्दियों के दौरान घास पर ओस की बूंदें बर्फ की चादर की तरह जम जाया करती थीं। पुराने रिकॉर्ड्स बताते हैं कि 28 दिसंबर 2018 को रांची का पारा 3.2 डिग्री तक गिर गया था, जिसने पूरे राज्य को सुन्न कर दिया था। लेकिन 2026 की यह ठंड इसलिए अलग है क्योंकि खूंटी जैसे जिले अब रांची से भी ज्यादा ठंडे हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि छोटानागपुर के पठार पर वन क्षेत्र में आ रही कमी और कंक्रीट के बढ़ते जंगलों ने मौसम के चक्र को अनिश्चित बना दिया है, जिससे कभी अचानक गर्मी तो कभी 'जीरो डिग्री' जैसे हालात पैदा होने लगे हैं।

सावधान: कोहरे और 'कोल्ड स्ट्रेस' से बचाव जरूरी

भले ही 18 जनवरी से राहत की उम्मीद है, लेकिन अगले 24 घंटे अभी भी भारी हैं।

  • दृश्यता का संकट: कोहरे के कारण सुबह के समय हाईवे पर विजिबिलिटी काफी कम है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है।

  • स्वास्थ्य पर असर: डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को खास हिदायत दी है। अचानक बढ़ते-घटते तापमान से 'कोल्ड डायरिया' और सांस की तकलीफ बढ़ सकती है।

  • चाईबासा का विरोधाभास: जहाँ पूरा झारखंड कांप रहा है, वहीं चाईबासा में अधिकतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया है, जो राज्य के भीतर ही भौगोलिक विविधताओं को दर्शाता है।

ठंड की विदाई की शुरुआत?

खूंटी का 2.6 डिग्री तापमान इस सीजन का सबसे कठिन दौर माना जा रहा है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सटीक बैठता है, तो कल से झारखंड के लोगों को भारी जैकेटों और अलाव से थोड़ी राहत मिल सकती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।