Jamshedpur Protest: सरकार को युवाओं की चिंता क्यों नहीं? पूर्णिमा साहू ने उठाए सवाल
पूर्णिमा साहू ने सरकार पर लगाया बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप! जमशेदपुर प्रोफेशनल कॉलेज 5 साल से तैयार, फिर भी बंद। युवाओं का भविष्य अधर में! जानिए पूरी खबर।

जमशेदपुर: जमशेदपुर प्रोफेशनल कॉलेज का मुद्दा एक बार फिर विधानसभा में गूंजा, जब पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू ने सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि "सरकार की प्राथमिकता में ना तो रोजगार है और ना ही शिक्षा।"
पांच साल से कॉलेज तैयार, फिर भी ताला बंद!
2019 में भव्य उद्घाटन के बाद भी जमशेदपुर प्रोफेशनल कॉलेज में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। इसका कारण? बुनियादी ढांचे की कमी! पांच साल से छात्र इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार मौन है। इस मुद्दे को लेकर विधायक पूर्णिमा साहू ने सरकार से सवाल किया कि आखिर कब तक युवा बेरोजगारी का दंश झेलेंगे?
सरकार ने दिया गोलमोल जवाब
मंत्री जी ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि कॉलेज अभी भी "प्रक्रियाधीन" है, लेकिन उन्होंने कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। इस पर विधायक पूर्णिमा साहू ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर कॉलेज शुरू हो जाता, तो हजारों युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर मिलते।
युवाओं को क्यों नहीं मिल रहा रोजगार?
झारखंड में लगातार युवाओं के पलायन की स्थिति बनी हुई है। एक समय था जब जमशेदपुर को "औद्योगिक नगरी" कहा जाता था, लेकिन अब यहां रोजगार के अवसर घटते जा रहे हैं। जमशेदपुर में टाटा स्टील और अन्य बड़े उद्योगों के बावजूद युवाओं को सरकारी नौकरियों और स्थानीय रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
क्या सरकार का ध्यान सिर्फ राजनीति पर है?
पूर्णिमा साहू का कहना है कि सरकार केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित है। 2019 में कॉलेज का उद्घाटन सिर्फ दिखावा था, लेकिन असल में छात्रों का भविष्य अंधकार में छोड़ दिया गया।
झारखंड में बेरोजगारी की स्थिति
झारखंड में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बेरोजगारी दर 10% से ज्यादा है, जबकि देशभर में यह औसतन 7% है। इसका मुख्य कारण सरकारी लापरवाही और विकास योजनाओं का सही क्रियान्वयन न होना है।
क्या सरकार जवाब देगी?
पूर्णिमा साहू ने विधानसभा में सरकार से स्पष्ट समयसीमा देने की मांग की है कि आखिर कब तक कॉलेज में पढ़ाई शुरू होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है।
युवाओं का भविष्य या सिर्फ वादे?
सरकार को जल्द से जल्द इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लेना होगा, वरना युवा नौकरी और शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर होंगे। सवाल यह है कि क्या सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए गंभीर है, या फिर यह मुद्दा भी सिर्फ राजनीति का हिस्सा बनकर रह जाएगा?
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