Jehanabad Horror: इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में भीषण आग, आधा दर्जन छात्र झुलसे, मची भारी चीख-पुकार, एक की हालत नाजुक
जहानाबाद के हुलासगंज इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। आधा दर्जन छात्रों के झुलसने और कैंपस में मची भगदड़ की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी भविष्य के इंजीनियरों के साथ हुए इस खौफनाक हादसे की असली वजह जानने से चूक जाएंगे।
जहानाबाद, 19 जनवरी 2026 – बिहार के जहानाबाद जिले से एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। हुलासगंज प्रखंड स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास (हॉस्टल) में सोमवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते हॉस्टल के कमरों से काला धुआं निकलने लगा और पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में करीब आधा दर्जन छात्र बुरी तरह झुलस गए हैं। छात्रों के बीच मची भगदड़ और आग के तांडव ने कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शॉर्ट सर्किट बना काल: कमरों में फंसे रह गए छात्र
हादसा सोमवार की सुबह उस वक्त हुआ जब हॉस्टल में छात्र अपनी कक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।
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अचानक भड़की लपटें: आग एक कमरे से शुरू हुई और बिजली के तारों के सहारे तेजी से दूसरे कमरों तक फैल गई। प्लास्टिक के सामान और किताबों ने आग में घी का काम किया।
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मची भगदड़: हॉस्टल के गलियारों में घना धुआं भर जाने के कारण छात्रों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था। घबराए छात्र खिड़कियों और दरवाजों की ओर भागे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
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झुलसे छात्र: इसी अफरा-तफरी में 6 छात्र आग की चपेट में आ गए। एक छात्र की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सदर अस्पताल, जहानाबाद रेफर कर दिया गया है। अन्य छात्रों का इलाज हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
सूझबूझ ने बचाई जान: स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
दमकल विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन लपटें इतनी डरावनी थीं कि फायर ब्रिगेड के पहुँचने का इंतजार करना जानलेवा साबित हो सकता था।
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कॉलेज स्टाफ की पहल: कॉलेज के स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए आग बुझाने के उपकरण और पानी की मदद से मोर्चा संभाला।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: धुएं के बीच फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों की इसी सूझबूझ के कारण एक बड़ी सामूहिक त्रासदी टल गई।
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डॉक्टरों की रिपोर्ट: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती छात्रों की स्थिति अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
इंजीनियरिंग कॉलेज अग्निकांड: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| घटनास्थल | इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल, हुलासगंज (जहानाबाद) |
| हादसे का कारण | बिजली का शॉर्ट सर्किट (संभावित) |
| घायल छात्र | 06 (एक गंभीर रूप से रेफर) |
| राहत कार्य | स्थानीय लोग, कॉलेज स्टाफ और पुलिस |
| वर्तमान स्थिति | आग पर काबू, जांच के आदेश जारी |
इतिहास का पन्ना: जहानाबाद की शैक्षणिक प्रगति और सुरक्षा की चुनौतियां
जहानाबाद जिला ऐतिहासिक रूप से मगध साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जो अपनी बौद्धिक और क्रांतिकारी विचारधारा के लिए जाना जाता है। 1986 में गया से अलग होकर जिला बनने के बाद, जहानाबाद ने शिक्षा के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। हुलासगंज में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। इतिहास गवाह है कि बिहार के सरकारी शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचे और बिजली की वायरिंग का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। साल 2015 और 2021 में भी बिहार के अन्य छात्रावासों में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं हो चुकी हैं, जो घटिया निर्माण सामग्री की ओर इशारा करती हैं। 2026 की यह घटना एक बार फिर उन ऐतिहासिक गलतियों की याद दिलाती है, जहाँ आधुनिक भवन तो खड़े कर दिए गए लेकिन सुरक्षा मानकों (Fire Safety) की अनदेखी की गई।
छात्रों का आक्रोश: "सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति"
घटना के बाद से कॉलेज परिसर में तनाव और दहशत का माहौल है। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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हॉस्टल की सुरक्षा पर सवाल: छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में बिजली के तारों की कभी सही से ऑडिट नहीं की गई। अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) भी पर्याप्त मात्रा में काम नहीं कर रहे थे।
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जांच के आदेश: कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यदि शॉर्ट सर्किट की पुष्टि होती है, तो वायरिंग करने वाली संबंधित एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सुरक्षा ऑडिट: पुलिस और अग्निशमन विभाग अब पूरे कैंपस की बिजली व्यवस्था की जांच करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लापरवाही की कीमत चुका रहे छात्र
जहानाबाद की यह घटना एक सबक है कि तकनीकी संस्थानों में केवल डिग्री देना काफी नहीं है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है। एक होनहार छात्र की गंभीर हालत ने पूरे बिहार के हॉस्टल सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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