Ulidih Cyber Crime : एआई का खतरनाक खेल, स्कूली छात्रा की तस्वीर बनाई आपत्तिजनक, इंस्टाग्राम पर वायरल
जमशेदपुर के उलीडीह में एक जूनियर छात्र ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी ही स्कूल की सीनियर छात्रा की गरिमा को तार-तार कर दिया है। 18 दिसंबर को स्कूल परिसर में खींची गई फोटो को एडिट कर इंस्टाग्राम पर फैलाने वाले इस छात्र के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका है। तकनीक के इस भयावह दुरुपयोग और पुलिस की सख्त कार्रवाई की पूरी कहानी यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 19 दिसंबर 2025 – तकनीक जब गलत हाथों में पड़ती है, तो वह मासूम जिंदगियों के लिए काल बन जाती है। जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने साइबर सुरक्षा और स्कूलों में बच्चों की गतिविधियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक नाबालिग छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेकर अपनी ही स्कूल की एक छात्रा की तस्वीर को बेहद आपत्तिजनक रूप में बदलकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस डिजिटल हमले ने छात्रा और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इतिहास: फोटो मॉर्फिंग से एआई डीपफेक तक का सफर
साइबर अपराध के इतिहास में तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करना कोई नया तरीका नहीं है। $2000$ के दशक की शुरुआत में फोटोशॉप ($Photoshop$) जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर चेहरे बदले जाते थे। लेकिन $2023$ के बाद से एआई (AI) तकनीक ने इसे और भी आसान और घातक बना दिया है। आज 'डीपफेक' ($Deepfake$) तकनीक इतनी एडवांस हो गई है कि असली और नकली का फर्क करना मुश्किल है। उलीडीह की यह घटना साबित करती है कि अब अपराधी शारीरिक रूप से नहीं बल्कि डिजिटल तरीके से बच्चों के भविष्य को निशाना बना रहे हैं।
18 दिसंबर: स्कूल परिसर में बुना गया जाल
घटना की शुरुआत 18 दिसंबर 2025 को स्कूल परिसर के भीतर हुई। जानकारी के अनुसार, आरोपी छात्र जो कि पीड़िता का जूनियर है, उसने चुपके से छात्रा की एक साधारण फोटो खींची।
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तकनीक का दुरुपयोग: छात्र ने उसी दिन एआई टूल्स का इस्तेमाल कर उस फोटो को 'मॉर्फ' (एडिट) किया और उसे एक आपत्तिजनक रूप दे दिया।
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सोशल मीडिया पर वार: आरोपी ने अपनी इस घटिया हरकत को अंजाम देने के बाद तस्वीर को इंस्टाग्राम (Instagram) पर वायरल कर दिया। जैसे ही छात्रा को इस बात की भनक लगी, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
परिजनों का गुस्सा और पुलिस की दबिश
पीड़िता ने बिना देरी किए इस बात की जानकारी अपने घर वालों को दी। उग्र और डरे हुए परिजन तुरंत छात्रा को लेकर उलीडीह थाना पहुँचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
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आईटी एक्ट के तहत मामला: छात्रा की मां के आवेदन पर पुलिस ने आईटी एक्ट 2000 की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
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किशोर न्याय अधिनियम: चूंकि आरोपी छात्र नाबालिग है, इसलिए पुलिस 'जुवेनाइल जस्टिस एक्ट' के तहत पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है।
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पहचान की गोपनीयता: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रा की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी गई है।
मामले का ताज़ा अपडेट
| विवरण | जानकारी |
| आरोपी | स्कूल का ही एक जूनियर छात्र (नाबालिग) |
| प्लेटफॉर्म | इंस्टाग्राम (Instagram) |
| इस्तेमाल की गई तकनीक | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) |
| पुलिस थाना | उलीडीह, जमशेदपुर |
| जांच का स्तर | आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज |
क्या इसके पीछे कोई मास्टरमाइंड है?
उलीडीह पुलिस अब इस मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह जांच की जा रही है कि क्या नाबालिग छात्र ने यह सब खुद किया या उसे किसी ने उकसाया था। क्या स्कूल के ही किसी अन्य व्यक्ति या किसी बाहरी मास्टरमाइंड ने उसे एआई टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया? पुलिस आरोपी छात्र के मोबाइल और उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस तरह की हरकतों के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए चेतावनी
यह घटना जमशेदपुर के हर माता-पिता और स्कूल प्रबंधन के लिए एक खतरे की घंटी है। तकनीक जितनी फायदेमंद है, उतनी ही खतरनाक भी। बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट देते समय उनकी गतिविधियों पर नजर रखना अब अनिवार्य हो गया है। उलीडीह पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की घिनौनी हरकत करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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