Sakchi Political War: भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, जमशेदपुर की सड़कों पर भारी हंगामा

जमशेदपुर के साकची में आज राजनीतिक भूचाल आ गया जब भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही के विरोध में शुरू हुआ यह प्रदर्शन खूनी संघर्ष में बदलते-बदलते बचा। शहर के मुख्य केंद्र में मचे इस भारी उपद्रव और तनावपूर्ण माहौल की पूरी सच्चाई यहाँ दी गई है।

Dec 18, 2025 - 13:28
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Sakchi Political War: भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, जमशेदपुर की सड़कों पर भारी हंगामा
Sakchi Political War: भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, जमशेदपुर की सड़कों पर भारी हंगामा

जमशेदपुर, 18 दिसंबर 2025 – लौहनगरी के हृदय स्थली कहे जाने वाले साकची क्षेत्र में गुरुवार को लोकतंत्र के दो बड़े स्तंभ एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस भीषण झड़प ने पूरे शहर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हाथापाई की नौबत तक पहुंच गया, जिससे साकची बंगाल क्लब के समीप घंटों अफरा-तफरी मची रही।

ईडी की कार्यवाही और भड़का आक्रोश

विवाद** का मुख्य कारण केंद्रीय जांच एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे नेताओं को निशाना बना रही है। इसी के विरोध में कांग्रेसी नेता भाजपा के जिला मुख्यालय का घेराव करने के लिए निकले थे।

  • रणभूमि बना साकची: जैसे ही कांग्रेस का जत्था भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ा, भाजपा के कार्यकर्ता भी अपने झंडों के साथ सड़क पर उतर आए। दोनों पक्षों के बीच दूरी महज कुछ फिट की रह गई थी और वातावरण गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

जमशेदपुर का राजनीतिक इतिहास और साकची का महत्व

साकची** हमेशा से जमशेदपुर की राजनीति का केंद्र रहा है। इतिहास गवाह है कि टाटा स्टील की स्थापना के बाद से ही यहाँ मजदूर आंदोलन और राजनीतिक चेतना अत्यंत प्रबल रही है। बंगाल क्लब का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से वैचारिक बहस का अड्डा रहा है, किन्तु हाल के वर्षों में यहाँ दलों के बीच प्रत्यक्ष संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। जमशेदपुर की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस का द्वंद्व दशकों पुराना है, जहाँ शक्ति प्रदर्शन के लिए सड़कों का उपयोग एक परंपरा बन गई है।

पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

शहर** में बढ़ते तनाव को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने पहले ही घेराबंदी कर दी थी। प्रशासन को इस बात का अंदेशा था कि घेराव के दौरान टकराव हो सकता है।

पक्ष मुख्य मुद्दा प्रतिक्रिया
कांग्रेस ईडी की कार्यवाही का विरोध भाजपा कार्यालय का घेराव
भाजपा भ्रष्टाचार पर कार्यवाही का समर्थन जवाबी नारेबाजी और प्रदर्शन
पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखना सड़क की घेराबंदी और बीच-बचाव

आधे** घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान कई बार दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एक-दूसरे पर झपटने के लिए तैयार दिखे। पुलिस अधिकारियों ने मानवीय दीवार बनाकर दोनों गुटों को अलग रखा। अगर पुलिस वहाँ सक्रिय नहीं होती, तो यह विरोध प्रदर्शन गंभीर हिंसा में बदल सकता था।

आम जनता को हुई भारी असुविधा

इस** राजनीतिक खींचातानी का सबसे बुरा असर साकची बाजार आने वाले आम नागरिकों पर पड़ा। सड़क जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दुकानदारों में भी भय का माहौल था कि कहीं पथराव शुरू न हो जाए। प्रशासन ने देर शाम तक इलाके में अतिरिक्त बल तैनात रखा है।

अधिकारियों** ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वालों को चिह्नित किया जाएगा। फिलहाल, जमशेदपुर में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है और दोनों दल पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।