Jamshedpur Tragedy: तीसरी मंजिल से गिरकर पेंटर की दर्दनाक मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़!
जमशेदपुर के ज्योतिनगर में तीसरी मंजिल से गिरकर पेंटर की दर्दनाक मौत! हादसे के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, जानिए पूरा मामला।

जमशेदपुर: शहर के टेल्को थाना क्षेत्र के ज्योतिनगर में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां पेंटिंग का काम कर रहे 37 वर्षीय पेंटर विश्वजीत राय की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। हादसे के बाद आनन-फानन में उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कैसे हुआ हादसा? मिनटों में मौत के आगोश में समा गया मजदूर!
गुरुवार सुबह करीब 9 बजे विश्वजीत राय ज्योतिनगर में सतेंद्र साहू के घर में पेंटिंग का काम कर रहे थे। वह सीढ़ी पर चढ़कर ऊंचाई पर दीवार पेंट कर रहे थे, लेकिन अचानक दीवार से पकड़ छूट गई और वह संतुलन खो बैठे। देखते ही देखते वह तीसरी मंजिल से सीधे नीचे गिर गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला था विश्वजीत राय
विश्वजीत राय का संबंध ओडिशा से था, लेकिन वह लंबे समय से जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में अपने ससुराल में रह रहे थे। उनकी शादी के बाद वह यहीं बस गए थे और पिछले 10 सालों से ठेकेदार कप्पू गोंडल के तहत पेंटिंग का काम कर रहे थे।
चार बच्चों का था पिता, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक के चार छोटे बच्चे हैं, जिनकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी पर आ गई है। हादसे की खबर सुनते ही पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
मुआवजा देने का किया वादा, लेकिन क्या होगा इंसाफ?
घटना के बाद मकान मालिक ने मृतक के परिजनों को 1 लाख रुपये देने का वादा किया है, वहीं ठेकेदार ने भी 1.70 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या इतनी राशि परिवार के लिए पर्याप्त होगी? क्या मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे?
मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल!
भारत में हर साल हजारों मजदूर निर्माण कार्य के दौरान हादसों का शिकार होते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से मजदूर सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन नहीं होता। ठेकेदार और मालिक अक्सर सुरक्षा उपायों की अनदेखी करते हैं, जिसका नतीजा ऐसे दर्दनाक हादसों के रूप में सामने आता है।
पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
क्या प्रशासन लेगा कोई एक्शन?
अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करेगा या फिर यह भी एक ऐसा हादसा बनकर रह जाएगा, जिसे कुछ दिनों में लोग भूल जाएंगे। मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल ठेकेदारों और मकान मालिकों की ही नहीं, बल्कि प्रशासन की भी है।
विश्वजीत राय की मौत ने एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे ने उनके परिवार को संकट में डाल दिया है। प्रशासन को इस मामले में सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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