Jamshedpur Hunt: यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की बड़ी कार्रवाई, अफशां अंसारी की तलाश तेज

यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की टीम ने अनुज कन्नौजिया के एनकाउंटर के बाद मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी की तलाश तेज कर दी है। जानें पूरी खबर।

Apr 1, 2025 - 13:19
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Jamshedpur Hunt: यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की बड़ी कार्रवाई, अफशां अंसारी की तलाश तेज
Jamshedpur Hunt: यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की बड़ी कार्रवाई, अफशां अंसारी की तलाश तेज

उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के शूटर अनुज कन्नौजिया को हाल ही में यूपी एसटीएफ द्वारा झारखंड के जमशेदपुर में मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद अब यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की संयुक्त टीम अफशां अंसारी, मुख्तार अंसारी की पत्नी की तलाश में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार, अफशां अंसारी के जमशेदपुर में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

गोलियों की तड़तड़ाहट और एक बड़ा खुलासा

शनिवार रात करीब 11.45 बजे गोविंदपुर के भूमिहार मेसन में यूपी एसटीएफ ने अनुज कन्नौजिया के साथ मुठभेड़ की। इस मुठभेड़ में डीएसपी डीके शाही भी घायल हो गए थे, लेकिन पुलिस ने पूरी मुस्तैदी से अनुज को मार गिराया। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस के हाथ कुछ अहम दस्तावेज़ और दो मोबाइल फोन लगे, जिनकी फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

अनुज कन्नौजिया के संपर्कों की पड़ताल

पुलिस अब अनुज कन्नौजिया के संपर्कों की गहन जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले दस्तावेजों और अनुज के मोबाइल फोन से कई संशयास्पद नंबर सामने आए हैं, जिनमें जमशेदपुर और उत्तर प्रदेश के कुछ संदिग्ध लोग शामिल हैं। इसके अलावा, अनुज के चालक राहुल सिंह राजपूत से हुई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। राहुल के माध्यम से यह भी पता चला है कि अनुज छह महीने से जमशेदपुर में रह रहा था और मानगो निवासी शशि शेखर ने उसे एक घर मुहैया कराया था।

राहुल और शशि शेखर से पूछताछ

राहुल से हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अनुज लंबे समय से जमशेदपुर में छिपकर रह रहा था। शशि शेखर जो कि अनुज का करीबी था, उसे न सिर्फ आश्रय देता था बल्कि समय-समय पर उसे मिलने भी जाता था। मुठभेड़ के बाद से शशि शेखर फरार हो गया है, लेकिन पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

सीसीटीवी डीवीआर से महत्वपूर्ण सुराग

पुलिस को घटनास्थल से एक डीवीआर भी मिला है, जिसमें अनुज कन्नौजिया और उसके संपर्क में आए लोगों के चेहरों की पहचान की जा रही है। पुलिस की फॉरेंसिक टीम इस डीवीआर के फुटेज की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि अनुज से मिलने कौन-कौन लोग आते थे और वह किससे संपर्क कर रहा था।

मोबाइल और व्हाट्सएप चैट्स की खंगाल

पुलिस ने अनुज के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट्स की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, साइबर सेल की मदद से पुलिस अब अनुज के संपर्कों की पूरी लिस्ट तैयार करने में जुटी है। पुलिस ने पहले ही राहुल सिंह राजपूत को हिरासत में ले लिया है और उसके माध्यम से कई और संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है।

मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी की तलाश

अब सवाल यह उठता है कि क्या अफशां अंसारी जो कि मुख्तार अंसारी की जेल में मौत के बाद से फरार हैं, वो जमशेदपुर में छिपी हुई हैं? पुलिस की संयुक्त टीम अफशां अंसारी की तलाश में गंभीर रूप से जुटी हुई है, और ये जांच दिन-प्रतिदिन तेज होती जा रही है।

इतिहास में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति

यह पहली बार नहीं है जब मुख्तार अंसारी और उनके गुर्गे उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच कड़ी तालमेल के साथ सक्रिय हैं। इससे पहले भी कई मुठभेड़ों और गिरफ्तारियों के दौरान मुख्तार अंसारी के गुर्गों के पकड़ने और उनके संपर्कों की जांच की जा चुकी है।

  • 2018 में भी यूपी एसटीएफ ने मुख्तार के एक और शूटर को पकड़ा था, जो जमशेदपुर में छिपा हुआ था।

  • 2019 में झारखंड पुलिस ने मुख्तार के एक और सहयोगी को गिरफ्तार किया था जो अवैध वसूली में शामिल था।

आखिरकार पुलिस कार्रवाई कब होगी निर्णायक?

हालांकि एसटीएफ और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई से पुलिस को अहम सुराग मिल रहे हैं, लेकिन अब यह देखना होगा कि क्या पुलिस अफशां अंसारी और अन्य कुख्यात अपराधियों तक जल्दी पहुंच सकती है।
क्या आने वाले दिनों में अफशां अंसारी के खिलाफ भी कोई बड़ी कार्रवाई होगी?

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Nihal Ravidas निहाल रविदास, जिन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई की है, तकनीकी विशेषज्ञता, समसामयिक मुद्दों और रचनात्मक लेखन में माहिर हैं।