Jamshedpur Protest: बागबेड़ा के लोग पेयजल की गंभीर समस्या पर आंदोलन के मूड में, प्रदर्शन के बाद क्या होगा?
बागबेड़ा में पेयजल संकट पर प्रदर्शन, लोगों ने जलापूर्ति की मांग की, प्रशासन पर दबाव। जानें क्या होगी आगामी कार्रवाई।

जमशेदपुर के बागबेड़ा क्षेत्र में पेयजल संकट की समस्या ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मंगलवार को बागबेड़ा के स्थानीय लोगों ने बागबेड़ा महानगर विकास समिति के नेतृत्व में अपने गुस्से का इज़हार किया और कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने प्रशासन को सचेत किया है कि बागबेड़ा में जलापूर्ति की हालत अत्यंत गंभीर है। यह प्रदर्शन प्रमुख स्थानों जैसे रामनगर हनुमान मंदिर प्रांगण, गांधीनगर शाखा मैदान, पश्तो नगर मंदिर प्रांगण और हरहरगुट्टू तालाब के पास किया गया।
सरहुल के अवकाश के कारण प्रदर्शन स्थगित, अब समाहरणालय में होगा आंदोलन
हालांकि, प्रदर्शन सिर पर चढ़कर था, लेकिन सरहुल के अवकाश की वजह से बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने सभी प्रदर्शनकारियों से यह कहते हुए प्रदर्शन स्थगित करने की अपील की कि समाहरणालय में आंदोलन के लिए समय और जगह पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जताते हुए वहीँ के स्थानों पर प्रदर्शन किया और फिर अपने घरों को लौट गए।
लेकिन यह सिर्फ एक थोड़ा सा विराम था। अब तय किया गया है कि गुरुवार या शुक्रवार को समाहरणालय पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस बार यह आंदोलन कहीं से भी कमतर नहीं होगा, क्योंकि बागबेड़ा के लोग पेयजल आपूर्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बागबेड़ा की जलापूर्ति योजना की मांग
बागबेड़ा की महानगर विकास समिति की प्रमुख मांगों में शामिल है कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए। इसके अलावा, बागबेड़ा के हाउसिंग कॉलोनी के फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा किया जाए, ताकि इलाके के लोग साफ और शुद्ध पानी पा सकें। फिलहाल लोग टैंकरों के द्वारा पानी की आपूर्ति पर निर्भर हैं, जो स्थिति को स्थायी समाधान नहीं प्रदान कर सकता। यह समस्या विशेष रूप से गर्मियों में अधिक गंभीर हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है और टैंकरों की आपूर्ति में देरी हो जाती है।
इतिहास में बागबेड़ा की जल आपूर्ति समस्या
बागबेड़ा में जल संकट की समस्या कोई नई नहीं है। यह क्षेत्र लंबे समय से पेयजल की कमी से जूझ रहा है। पहले 2015 और 2018 में भी बागबेड़ा के निवासियों ने जल आपूर्ति की खराब स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन किए थे। समय-समय पर प्रशासन ने समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया। जल आपूर्ति के अभाव में इलाके में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ गई हैं, जिससे लोग कई बार प्रशासन से तंग होकर सड़क पर उतर आते हैं।
क्या प्रशासन करेगा कुछ ठोस कदम?
जमशेदपुर के बागबेड़ा क्षेत्र के लोग अब बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, और प्रशासन को यह समझ आ चुका है कि अगर अब भी बागबेड़ा में जलापूर्ति की स्थिति नहीं सुधरी, तो गुस्से का भूत पूरे जिले को प्रभावित कर सकता है। अब सवाल यह है कि क्या समाहरणालय में होने वाला प्रदर्शन प्रशासन के लिए एक संदेश बनकर सामने आएगा और प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर यह एक और प्रदर्शन रह जाएगा?
जल संकट की गहराई में झारखंड की स्थिति
झारखंड में पेयजल संकट का सामना करना एक सामान्य समस्या बन चुकी है। रांची, धनबाद, गिरिडीह, और जमशेदपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी जल आपूर्ति की समस्याएं रही हैं। हालांकि राज्य सरकार ने कुछ योजनाएं बनाई हैं, लेकिन अक्सर इन योजनाओं में कार्यवाही की कमी देखने को मिलती है। जब तक यह योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं होतीं, तब तक जल संकट खत्म होना मुश्किल है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन बागबेड़ा के आंदोलन को गंभीरता से लेगा और इसके समाधान के लिए कुछ करेगा, या यह सिर्फ एक और दिखावा बनेगा?
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