Karandih Arson: रात के अंधेरे में खूनी साजिश, करनडीह के 'कार हॉस्पिटल' में आगजनी, धू-धू कर जलीं 3 गाड़ियां, लाखों का नुकसान
जमशेदपुर के करनडीह में अज्ञात तत्वों ने 'कार हॉस्पिटल' गैरेज को निशाना बनाकर तीन कारों को पूरी तरह खाक कर दिया है। मकर संक्रांति की छुट्टी और कड़ाके की ठंड के बीच अंजाम दी गई इस खौफनाक आगजनी की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर में सक्रिय इस 'आगजनी गैंग' के अगले निशाने से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 17 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीधे निशाना बना रहे हैं। करनडीह मेन रोड स्थित प्रसिद्ध 'कार हॉस्पिटल' गैरेज में शुक्रवार की देर रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने आगजनी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। मकर संक्रांति के उत्सव और कड़ाके की ठंड का फायदा उठाते हुए अपराधियों ने गैरेज में खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में तीन कारें लोहे के कंकाल में तब्दील हो गईं, जबकि चौथी कार को भी भारी नुकसान पहुँचा है। संचालकों ने इसे एक गहरी साजिश करार दिया है, जिससे पूरे इलाके के व्यापारियों में दहशत का माहौल है।
छुट्टी का फायदा और आग का तांडव: खाक हुईं ये गाड़ियां
यह वारदात उस वक्त हुई जब पूरा शहर मकर संक्रांति के जश्न और ठंड की वजह से घरों में दुबका था।
-
सुनियोजित हमला: गैरेज के पार्टनर वैद्यनाथ महतो और मंगल कुजूर ने बताया कि पर्व के कारण कर्मचारी छुट्टी पर थे। रात में केवल एक स्टाफ मौजूद था, जो कड़ाके की ठंड के कारण अंदर कमरे में सोया हुआ था।
-
नष्ट हुई गाड़ियां: आग की लपटों ने सबसे पहले डस्टर (JH10AB 4439) को अपनी चपेट में लिया, जिसके बाद टाटा नैनो (JH05L 4648) और मारुति अल्टो (OR02BK 1670) भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
-
बाल-बाल बची चौथी कार: पास ही खड़ी मारुति 800 (JH05H 3419) का बंपर भी आग से झुलस गया, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से उसे पूरी तरह जलने से बचा लिया गया।
साजिश की बू: पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज
गैरेज संचालकों का कहना है कि यह कोई शॉर्ट सर्किट नहीं, बल्कि जानबूझकर लगाई गई आग है।
-
रात का सन्नाटा: अपराधियों को पता था कि गैरेज खाली है। उन्होंने सन्नाटे का फायदा उठाकर ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया और फरार हो गए।
-
लाखों का नुकसान: जलने वाली तीनों कारें ग्राहकों की थीं, जो मरम्मत के लिए आई थीं। अब संचालकों के सामने ग्राहकों को जवाब देने और लाखों के नुकसान की भरपाई की बड़ी चुनौती है।
-
पुलिस की दबिश: परसुडीह पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आसपास की दुकानों और घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लिया है। संदिग्धों की पहचान के लिए तकनीकी टीम की मदद ली जा रही है।
करनडीह आगजनी कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | कार हॉस्पिटल गैरेज, करनडीह मेन रोड |
| संचालक | वैद्यनाथ महतो एवं मंगल कुजूर |
| पूरी तरह जलीं गाड़ियां | डस्टर, टाटा नैनो, मारुति अल्टो |
| जांच का केंद्र | सीसीटीवी फुटेज और आपसी रंजिश |
| पुलिस स्टेशन | परसुडीह थाना, जमशेदपुर |
इतिहास का पन्ना: करनडीह का व्यापारिक विस्तार और बढ़ता अपराध
करनडीह ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर का एक महत्वपूर्ण द्वार रहा है, जो शहर को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ता है। 1960 और 70 के दशक में टाटा स्टील और अन्य उद्योगों के विकास के साथ करनडीह एक बड़ा ट्रांसपोर्ट और ऑटोमोबाइल हब बनकर उभरा। इतिहास गवाह है कि यहाँ के गैरेज और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें पूरे कोल्हान में प्रसिद्ध हैं। लेकिन पिछले 15 वर्षों में शहरीकरण के साथ-साथ यहाँ 'असामाजिक तत्वों' का जमावड़ा भी बढ़ा है। साल 2012 और 2019 में भी परसुडीह-करनडीह मार्ग पर स्थित गोदामों और दुकानों में आगजनी की संदिग्ध घटनाएं दर्ज हुई थीं, जिनमें अक्सर 'रंगदारी' या 'व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता' मुख्य कारण रही है। 2026 की यह घटना बताती है कि तकनीक बढ़ने के बावजूद, रात के अंधेरे में व्यापारियों की सुरक्षा आज भी एक बड़ा सवाल बनी हुई है।
व्यापारियों में भारी आक्रोश: "अगला नंबर किसका?"
इस घटना के बाद करनडीह के अन्य गैरेज मालिकों और दुकानदारों ने पुलिस सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
-
नाइट पेट्रोलिंग की मांग: व्यापारियों का कहना है कि मकर संक्रांति जैसे त्योहारों के दौरान जब दुकानें बंद होती हैं, तब पुलिस गश्त को बढ़ाया जाना चाहिए था।
-
साजिश का पर्दाफाश: संचालक वैद्यनाथ महतो ने मांग की है कि पुलिस जल्द से जल्द उन चेहरों को बेनकाब करे जिन्होंने न केवल गाड़ियां जलाईं, बल्कि उनकी रोजी-रोटी पर भी हमला किया है।
-
पुलिस का आश्वासन: परसुडीह थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि अपराधी चाहे जो भी हों, उन्हें कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।
सुलगते सवालों के बीच जांच
'कार हॉस्पिटल' में लगी यह आग केवल कारों को नहीं जलाई है, बल्कि इसने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को भी झुलसा दिया है। जब तक सीसीटीवी फुटेज से कोई ठोस सुराग नहीं मिलता, तब तक करनडीह के व्यापारी डर के साये में जीने को मजबूर रहेंगे।
What's Your Reaction?


