Jamshedpur Firing: गैंग तैयार करने की थी प्लानिंग, पुलिस ने ऐसे किया भंडाफोड़!
जमशेदपुर के तुरियाबेड़ा में हवाई फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाने वाले दो अपराधी गिरफ्तार! गैंग बनाने की साजिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कर दिया खेल खत्म। जानिए पूरी कहानी।

जमशेदपुर: शहर में गैंगवार की तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने खेल बिगाड़ दिया! एमजीएम थाना क्षेत्र के तुरियाबेड़ा में 29 मार्च की रात हुई हवाई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों अपराधी अपने गैंग का दबदबा बनाने के लिए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन, पुलिस की मुस्तैदी ने इनकी पूरी साजिश नाकाम कर दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उलीडीह सुभाष कॉलोनी निवासी विश्वजीत सिंह उर्फ रॉकी सिंह (32) और राहुल कुमार सिंह उर्फ छोटू (28) के रूप में हुई है। दोनों पहले भी जेल जा चुके हैं और अब फिर से अपराध की दुनिया में लौटने की तैयारी कर रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा?
तुरियाबेड़ा में डीडब्ल्यूपीएस स्कूल के पास पुलिस को दो अपराधियों के अवैध हथियार के साथ घूमने की गुप्त सूचना मिली।
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सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी के निर्देश पर एक छापेमारी दल का गठन किया गया।
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पुलिस टीम को देखते ही दोनों बदमाश मोटरसाइकिल छोड़कर भागने लगे।
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लेकिन चारों तरफ से घेराबंदी कर पुलिस ने इन्हें धर दबोचा।
क्या-क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार बदमाशों की तलाशी के दौरान तीन पिस्तौल, जिंदा गोली, एक स्मार्टफोन और मोटरसाइकिल बरामद हुई।
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दो पिस्तौल और एक देसी कट्टा इनके पास से मिला।
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ये हथियार कहां से लाए, इसकी भी जांच जारी है।
क्यों की थी हवाई फायरिंग?
पुलिस की सख्ती के बाद दोनों ने कबूल किया कि 29 मार्च की रात को उन्होंने इलाके में हवाई फायरिंग की थी।
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इसका मकसद था लवकुश कुशवाहा नाम के युवक को डराना।
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ये दोनों किसी बड़े गैंग के साथ काम कर चुके थे, लेकिन अब खुद का गैंग खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे।
इतिहास में भी ऐसे गैंग सक्रिय रहे हैं!
अगर झारखंड के आपराधिक इतिहास पर नजर डालें, तो इससे पहले भी कई अपराधी अपने नाम और दबदबे के लिए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश करते रहे हैं।
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90 के दशक में कोल माफिया और अवैध वसूली गिरोहों ने भी इसी तरह फायरिंग कर अपनी पकड़ मजबूत की थी।
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अब नए अपराधी भी वही तरीका अपनाकर अपना गैंग जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
अब आगे क्या?
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क्या इस गैंग के और भी सदस्य पुलिस के निशाने पर हैं?
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क्या ये गैंग किसी बड़े अपराध की साजिश रच रहा था?
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गिरफ्तार अपराधियों को कितनी सख्त सजा मिलेगी?
फिलहाल, दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। लेकिन पुलिस अब इनके नेटवर्क की पूरी छानबीन कर रही है। जल्द ही इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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