Telco Heist: बड़ी सेंधमारी, टाटा मोटर्स अधिकारी के घर से 25 लाख साफ, टेल्को कॉलोनी में हड़कंप, सुरक्षा को चुनौती

जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र में टाटा मोटर्स के अधिकारी भानु प्रताप सिंह के बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने 25 लाख रुपये के कैश और गहने उड़ा लिए हैं। पुलिस और टाटा मोटर्स की दोहरी सुरक्षा गश्त के बीच हुई इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कड़वी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी कंपनी क्षेत्र में अपनी सुरक्षा को लेकर बड़े धोखे में रह सकते हैं।

Dec 26, 2025 - 18:13
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Telco Heist: बड़ी सेंधमारी, टाटा मोटर्स अधिकारी के घर से 25 लाख साफ, टेल्को कॉलोनी में हड़कंप, सुरक्षा को चुनौती
Telco Heist: बड़ी सेंधमारी, टाटा मोटर्स अधिकारी के घर से 25 लाख साफ, टेल्को कॉलोनी में हड़कंप, सुरक्षा को चुनौती

जमशेदपुर (टेल्को), 26 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले टेल्को कॉलोनी इलाके में चोरों ने एक बड़ी और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर पुलिस और कंपनी सुरक्षा विभाग की नींद उड़ा दी है। टेल्को रोड नंबर 31 स्थित क्वार्टर संख्या K3-04 (टाटा मोटर्स अधिकारी भानु प्रताप सिंह का निवास) को निशाना बनाते हुए चोरों ने करीब 25 लाख रुपये की संपत्ति और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। यह चोरी उस इलाके में हुई है जहाँ चौबीसों घंटे पुलिस और टाटा मोटर्स के सुरक्षाकर्मियों की गश्त का दावा किया जाता है। इस घटना ने कॉलोनीवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर गहरा डर पैदा कर दिया है।

वारदात का मंजर: बंद घर में 'मिडनाइट' ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार, टाटा मोटर्स के अधिकारी भानु प्रताप सिंह सपरिवार घर से बाहर गए हुए थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर शातिर चोरों ने घर के ताले चटकाए और अंदर प्रवेश किया।

  • आसानी से हाथ साफ: चोरों ने घर के अलमीरा और लॉकर को बड़े ही आराम से खंगाला। सुबह जब स्थानीय पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला और ताला टूटा हुआ देखा, तब मामले का खुलासा हुआ।

  • 25 लाख की चपत: शुरुआती आकलन के अनुसार, सोने-चांदी के कीमती आभूषण और घर में रखे भारी-भरकम कैश को मिलाकर कुल 25 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।

  • अस्त-व्यस्त सामान: घर के अंदर का सारा सामान बिखरा हुआ था, जो इस बात की गवाही दे रहा था कि चोरों ने काफी समय लेकर एक-एक कोने की तलाशी ली थी।

सुरक्षा के दोहरे चक्रव्यूह में छेद

इस चोरी ने जमशेदपुर की 'कॉर्पोरेट सुरक्षा' पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। टेल्को कॉलोनी के इस जोन में सुरक्षा के दो स्तर होते हैं:

  1. टेल्को थाना पुलिस की गश्त: स्थानीय पुलिस की जिप्सी रात भर पेट्रोलिंग करती है।

  2. टाटा मोटर्स सिक्योरिटी: कंपनी का अपना सुरक्षा दल (Security Patrol) भी लगातार क्वार्टरों की निगरानी करता है।

    इसके बावजूद, चोरों ने इतनी बड़ी मात्रा में सामान पार कर दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गश्त प्रभावी होती, तो ताला तोड़ने की आहट या संदिग्ध गतिविधियां जरूर पकड़ में आतीं।

चोरी की वारदात का संक्षिप्त विवरण (Quick Snapshot)

विवरण जानकारी
लोकेशन रोड नंबर 31, क्वार्टर K3, टेल्को कॉलोनी
निशाना भानु प्रताप सिंह (अधिकारी, टाटा मोटर्स)
चोरी की कुल कीमत ₹25,00,000 (कैश और सामान)
सुरक्षा स्थिति पुलिस और कंपनी गश्त के बीच सेंधमारी
जांच की स्थिति सीसीटीवी फुटेज की हो रही है स्कैनिंग

पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी खंगालने में जुटी टीम

घटना की सूचना मिलते ही टेल्को थाना पुलिस मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू की।

  • टेक्निकल सर्विलांस: पुलिस ने कॉलोनी के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस यह देख रही है कि उस रात रोड नंबर 31 में किन संदिग्ध वाहनों या व्यक्तियों का प्रवेश हुआ था।

  • भेदिया होने का शक: जिस सफाई से बंद घर को निशाना बनाया गया है, उससे पुलिस को अंदेशा है कि इस वारदात में कोई ऐसा व्यक्ति शामिल हो सकता है जिसे अधिकारी के घर से बाहर जाने की सटीक जानकारी थी।

  • फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स: मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है ताकि चोरों के उंगलियों के निशान और अन्य सुराग जुटाए जा सकें।

दहशत में टेल्को के अधिकारी

टेल्को कॉलोनी में हुई इस 25 लाख की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था के दावों की हवा निकाल दी है। टाटा मोटर्स के अधिकारियों और उनके परिवारों में अब यह डर समा गया है कि शहर का सबसे 'पॉश' इलाका भी अब अपराधियों की नजरों से सुरक्षित नहीं है। अगर पुलिस ने जल्द ही इन हाई-प्रोफाइल चोरों को सलाखों के पीछे नहीं पहुँचाया, तो आने वाले समय में ये अपराधी और भी दुस्साहसी वारदातों को अंजाम दे सकते हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।