Jamshedpur Rescue: डीसी ऑफिस की दीवार पर अचानक निकला 6 फीट लंबा विशाल अजगर, मची भारी अफरा-तफरी, देखें कैसे हुआ रेस्क्यू

जमशेदपुर डीसी ऑफिस की बाउंड्री पर 6 फीट लंबा अजगर दिखने से हड़कंप मच गया है। स्नेक सेवर चंदन पाठक द्वारा किए गए इस हैरतअंगेज रेस्क्यू और वन्यजीवों के शहर में घुसने की असली वजह की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी वीआईपी इलाके में उपजे इस खतरे की हकीकत जानने से चूक जाएंगे।

Jan 19, 2026 - 15:46
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Jamshedpur Rescue: डीसी ऑफिस की दीवार पर अचानक निकला 6 फीट लंबा विशाल अजगर, मची भारी अफरा-तफरी, देखें कैसे हुआ रेस्क्यू
Jamshedpur Rescue: डीसी ऑफिस की दीवार पर अचानक निकला 6 फीट लंबा विशाल अजगर, मची भारी अफरा-तफरी, देखें कैसे हुआ रेस्क्यू

जमशेदपुर, 19 जनवरी 2026 – लौहनगरी के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण इलाके यानी डीसी ऑफिस (उपायुक्त कार्यालय) परिसर में सोमवार को उस वक्त सन्नाटा खिंच गया, जब बाउंड्री वॉल पर एक विशालकाय अजगर रेंगता हुआ दिखाई दिया। लगभग 6 फीट लंबे इस भारी-भरकम सांप को देखते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और काम के सिलसिले में आए लोगों के बीच भगदड़ मच गई। जमशेदपुर के प्रशासनिक केंद्र में वन्यजीव की इस मौजूदगी ने सुरक्षा और पर्यावरण दोनों ही पहलुओं पर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, समय रहते विशेषज्ञों को सूचना दिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।

दीवार पर 'विशाल' मेहमान: जब कांप उठे लोग

सोमवार की दोपहर डीसी ऑफिस में आम दिनों की तरह गहमागहमी थी। तभी अचानक बाउंड्री वॉल के पास मौजूद किसी व्यक्ति की नजर झाड़ियों से निकलकर दीवार पर चढ़ते अजगर पर पड़ी।

  • दहशत का माहौल: देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। लोग अपने मोबाइल कैमरों में इस नजारे को कैद करने लगे, लेकिन अजगर की लंबाई और फुर्ती देखकर कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

  • तत्काल सूचना: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन स्नेक रेस्क्यू टीम को फोन किया गया। प्रशासन की ओर से भी परिसर को खाली कराने की कोशिश की गई ताकि कोई सांप को नुकसान न पहुँचाए।

चंदन पाठक का 'सटीक' रेस्क्यू: बिना चोट पहुँचाए काबू

सूचना मिलते ही स्नेक रेस्क्यू टीम जमशेदपुर के निदेशक और विख्यात सर्प मित्र चंदन पाठक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे।

  1. पेशेवर अंदाज: चंदन पाठक ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू गियर के साथ अजगर के पास पहुँचने का साहस दिखाया।

  2. सुरक्षित बचाव: पूरी सावधानी बरतते हुए उन्होंने करीब 6 फीट लंबे अजगर को बाउंड्री वॉल से नीचे उतारा। राहत की बात यह रही कि रेस्क्यू के दौरान न तो अजगर को कोई खरोंच आई और न ही वहां मौजूद किसी व्यक्ति को सांप ने कोई नुकसान पहुँचाया।

  3. जागरूकता का संदेश: रेस्क्यू के बाद चंदन पाठक ने लोगों को समझाया कि सांप हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। इन्हें मारना अपराध है और पर्यावरण के लिए घातक भी।

डीसी ऑफिस अजगर रेस्क्यू: मुख्य विवरण (Quick Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
स्थान डीसी ऑफिस बाउंड्री वॉल, जमशेदपुर
सांप की प्रजाति इंडियन रॉक पाइथन (अजगर)
लंबाई लगभग 6 फीट
रेस्क्यूअर चंदन पाठक (स्नेक रेस्क्यू टीम निदेशक)
परिणाम सुरक्षित रेस्क्यू और वन्य क्षेत्र में रवानगी

इतिहास का पन्ना: जमशेदपुर के 'दलमा' और शहर के बीच का पुराना नाता

जमशेदपुर का इतिहास केवल लोहे और इस्पात से नहीं, बल्कि घने जंगलों और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व से भी जुड़ा है। 1900 के दशक में जब साकची के जंगलों को काटकर टाटा स्टील की नींव रखी जा रही थी, तब यह पूरा क्षेत्र हाथियों और अजगरों का प्राकृतिक आवास हुआ करता था। इतिहास गवाह है कि डीसी ऑफिस के पास का इलाका दलमा वन्यजीव अभयारण्य के बफर जोन से काफी करीब है। 1975 में दलमा अभयारण्य की स्थापना के बाद वन्यजीवों का शहर में प्रवेश कम हुआ, लेकिन जुबिली पार्क और मरीन ड्राइव के रास्ते आज भी सांप और अन्य जीव रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। साल 2012 और 2019 में भी डीसी ऑफिस और कोर्ट परिसर में अजगर मिलने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। यह दिखाता है कि आधुनिक जमशेदपुर आज भी अपनी प्राकृतिक जड़ों से पूरी तरह अलग नहीं हुआ है।

सांपों का शहर में आना: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अजगर जैसे बड़े सांपों का डीसी ऑफिस जैसे व्यस्त इलाके में मिलना बढ़ते शहरीकरण की ओर इशारा करता है।

  • आवास का संकट: चंदन पाठक के अनुसार, जैसे-जैसे झाड़ियां और पुराने पेड़ कट रहे हैं, सांप भोजन (चूहों और छोटे जीवों) की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं।

  • ठंड का असर: कड़ाके की ठंड के बाद जब धूप खिलती है, तो सांप अक्सर गर्म पत्थरों या दीवारों पर 'सनबाथिंग' (धूप सेंकने) के लिए बाहर आते हैं। संभवतः यह अजगर भी तापमान का संतुलन बनाने के लिए दीवार पर चढ़ा था।

  • अपील: वन्यजीव प्रेमियों ने शहरवासियों से अपील की है कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं और न ही उन्हें मारें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचित करें।

सुरक्षा और संरक्षण की जीत

जमशेदपुर डीसी ऑफिस में हुआ यह रेस्क्यू इस बात का प्रमाण है कि जागरूकता से हम वन्यजीवों और मनुष्यों के बीच के संघर्ष को कम कर सकते हैं। चंदन पाठक द्वारा सुरक्षित तरीके से पकड़े गए इस अजगर को अब वन विभाग की देखरेख में दलमा के घने जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।