Holi-Dahan Confusion: होलिका दहन:,2 या 3 मार्च? चंद्रग्रहण ने बिगाड़ा खेल, भद्रा और सूतक के बीच जानें पूजा का सबसे सटीक मुहूर्त

साल 2026 में होलिका दहन की तारीख और समय को लेकर भारी कन्फ्यूजन है। भद्रा काल और साल के पहले चंद्रग्रहण के कारण होली की तारीख बदल गई है। शास्त्रों के अनुसार दहन और रंग वाली होली का सही समय यहाँ मौजूद है।

Mar 2, 2026 - 16:27
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Holi-Dahan Confusion: होलिका दहन:,2 या 3 मार्च? चंद्रग्रहण ने बिगाड़ा खेल, भद्रा और सूतक के बीच जानें पूजा का सबसे सटीक मुहूर्त
Holi-Dahan Confusion: होलिका दहन:,2 या 3 मार्च? चंद्रग्रहण ने बिगाड़ा खेल, भद्रा और सूतक के बीच जानें पूजा का सबसे सटीक मुहूर्त

नई दिल्ली/वाराणसी, 2 मार्च 2026 – रंगों का त्योहार होली दहलीज पर है, लेकिन इस बार 'होलिका दहन' की तारीख को लेकर देशभर के पंडितों और आम लोगों के बीच जबरदस्त माथापच्ची चल रही है। कोई 2 मार्च को सही मान रहा है, तो कोई 3 मार्च की दलील दे रहा है। इस उलझन को और गहरा कर दिया है साल के पहले चंद्रग्रहण ने। अगर आप भी असमंजस में हैं कि आखिर लकड़ी कब जलानी है और गुलाल कब उड़ाना है, तो ज्योतिष और शास्त्रों के इस सटीक गणित को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।

तारीख का पेंच: 2 मार्च को क्यों है असमंजस?

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 18 मिनट से शुरू हो रही है। शास्त्रों का नियम है कि होलिका दहन 'निशाव्यापिनी पूर्णिमा' (रात में रहने वाली पूर्णिमा) में ही होना चाहिए, जो 2 मार्च को मिल रही है।

  • भद्रा की एंट्री: 2 मार्च को पूर्णिमा के साथ ही भद्रा भी लग रही है। हिंदू धर्म में भद्रा काल को अत्यंत अशुभ माना जाता है। खासकर भद्रा के 'मुख काल' में होलिका दहन करना वर्जित है।

  • सही मुहूर्त: भद्रा के मुख काल को त्यागकर, इसकी 'पूंछ' के समय यानी रात 12 बजकर 50 मिनट से रात 2 बजकर 02 मिनट के बीच दहन करना ही शास्त्रसम्मत होगा।

इतिहास और परंपरा: क्यों डरते हैं लोग भद्रा से?

होलिका दहन का इतिहास भक्त प्रह्लाद और उनकी बुआ होलिका की कथा से जुड़ा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं जलेगी, लेकिन अधर्म का साथ देने के कारण वह भस्म हो गई। ज्योतिष शास्त्र में भद्रा को शनि देव की बहन माना गया है, जिसका स्वभाव क्रूर है। प्राचीन काल से ही यह मान्यता रही है कि भद्रा में किया गया कोई भी शुभ कार्य विनाशकारी परिणाम ला सकता है। यही कारण है कि 2026 की होली पर भद्रा का साया विद्वानों को चिंता में डाल रहा है।

होलिका दहन और होली 2026: क्विक गाइड

कार्यक्रम सही तारीख शुभ समय / विवरण
होलिका दहन 2 मार्च 2026 रात 12:50 से 02:02 के बीच (भद्रा मुक्त)
चंद्रग्रहण 3 मार्च 2026 दोपहर 03:21 से शाम 06:46 तक
सूतक काल 3 मार्च 2026 सुबह 06:20 से शुरू
रंग वाली होली 4 मार्च 2026 बुधवार (ग्रहण के शुद्धिकरण के बाद)

3 मार्च और चंद्रग्रहण का तगड़ा झटका

कई लोग 3 मार्च को दहन की सोच रहे थे, लेकिन इसी दिन साल का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है।

  1. सूतक का साया: ग्रहण का सूतक काल 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से ही शुरू हो जाएगा। सूतक में किसी भी प्रकार की पूजा-पाठ या मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।

  2. ग्रहण का समय: दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शाम 6 बजकर 46 मिनट तक चलने वाला यह ग्रहण भारत के साथ-साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी दिखेगा।

  3. होली पर ब्रेक: ग्रहण और सूतक के चलते 3 मार्च को रंग खेलना संभव नहीं होगा, क्योंकि इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव माना जाता है।

रंगभरी होली: कब मनेगा असली जश्न?

ज्योतिषाचार्यों, जिनमें हरिद्वार के पंडित मनोज त्रिपाठी भी शामिल हैं, का स्पष्ट मत है कि इस बार रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी। 3 मार्च को ग्रहण खत्म होने के बाद शुद्धिकरण होगा और अगले दिन सूर्योदय के साथ चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि में धुलेंडी यानी रंग वाली होली खेली जाएगी।

परंपरा और विज्ञान का तालमेल

इस बार की होली धैर्य और शास्त्र सम्मत नियमों के पालन की परीक्षा है। 2 मार्च की आधी रात को दहन और 4 मार्च को रंगों का उत्सव—यही 2026 का सही फॉर्मूला है। भद्रा और ग्रहण के इस दुर्लभ संयोग ने इस त्योहार को और भी खास और चर्चा का विषय बना दिया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।