Oscars Award 2025: ऑस्कर कैसे बना दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म सम्मान और इसमें भारतीय सिनेमा का सफर कैसा रहा?
ऑस्कर अवॉर्ड्स का इतिहास क्या है? हॉलीवुड के इस सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड की शुरुआत कैसे हुई और इसमें भारतीय सिनेमा का सफर कैसा रहा? जानें पूरी कहानी इस खास रिपोर्ट में।

सिनेमा जगत का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड ऑस्कर (Academy Awards) हर साल दुनियाभर की फिल्मों को सम्मानित करता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत कब और कैसे हुई? भारत का इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से क्या कनेक्शन है? और अब तक कौन-कौन सी भारतीय फिल्में इस सम्मान तक पहुंच पाई हैं? आइए जानते हैं ऑस्कर अवॉर्ड के इतिहास से जुड़ी पूरी कहानी!
ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत कैसे हुई?
साल 1927 में अमेरिका के एमजीएम स्टूडियो के मालिक लुईस बी मेयर ने सबसे पहले इस अवॉर्ड के बारे में सोचा। उनका विचार था कि एक ऐसा अवॉर्ड शुरू किया जाए, जो फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे कलाकारों, निर्देशकों और लेखकों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित करे।
इसके बाद 16 मई 1929 को हॉलीवुड के रूजवेल्ट होटल में पहला अकादमी अवॉर्ड्स (Academy Awards) समारोह आयोजित किया गया। यह एक पेड इवेंट था, जहां आने के लिए 5 डॉलर की टिकट थी और इसमें केवल 270 लोग ही शामिल हुए थे।
सबसे खास बात यह थी कि पहला ऑस्कर समारोह सिर्फ 15 मिनट में खत्म हो गया था!
ऑस्कर ट्रॉफी का अनोखा डिजाइन
जब यह अवॉर्ड शुरू करने की योजना बनी, तो एक सवाल उठा—विजेताओं को क्या दिया जाएगा?
कई चर्चाओं के बाद, यह तय किया गया कि उन्हें एक अनोखी ट्रॉफी दी जाएगी।
इस ट्रॉफी का डिजाइन एमजीएम स्टूडियो के आर्ट डायरेक्टर सेड्रिक गिबन्स ने तैयार किया। इसमें एक योद्धा (Warrior) को तलवार पकड़े खड़ा दिखाया गया, जो फिल्म रील पर खड़ा होता है। यह ट्रॉफी आज भी ऑस्कर अवॉर्ड्स की पहचान बनी हुई है।
भारतीय सिनेमा और ऑस्कर अवॉर्ड्स
भारत के लिए ऑस्कर अवॉर्ड्स का सफर 1957 में शुरू हुआ, जब पहली बार महबूब खान की फिल्म 'मदर इंडिया' को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया। यह ऑस्कर जीतने से चूक गई, लेकिन भारतीय सिनेमा के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी।
इसके बाद कई भारतीय फिल्मों ने ऑस्कर तक का सफर तय किया, जिनमें शामिल हैं—
सलाम बॉम्बे! (1988) – मीरा नायर की यह फिल्म भी बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म के लिए नॉमिनेट हुई थी।
लगान (2001) – आमिर खान की इस फिल्म ने भी ऑस्कर नॉमिनेशन पाया था।
आरआरआर (2022) – एसएस राजामौली की इस फिल्म के गाने "नाटू-नाटू" ने बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर जीता।
इसके अलावा, सत्यजीत रे को 1992 में लाइफटाइम अचीवमेंट ऑस्कर से नवाजा गया था।
ऑस्कर में भारत की पिछली एंट्री कौन-सी थी?
भारत की पिछली ऑस्कर एंट्री फिल्म 'एवरीवन इज ए हीरो' (Everyone Is a Hero) थी।
इससे पहले, 2023 में गुजराती फिल्म "छेल्लो शो" (Last Film Show) को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की कैटेगरी में भेजा गया था।
ऑस्कर 2024 में भारत की उम्मीदें?
हर साल फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ऑस्कर में भारत की ओर से फिल्मों को भेजती है। इस बार कौन सी फिल्म ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी, यह देखने वाली बात होगी।
ऑस्कर अवॉर्ड्स सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए सम्मान की बात है। यह अवॉर्ड न केवल हॉलीवुड बल्कि दुनियाभर की फिल्मों को पहचान दिलाता है। भारतीय सिनेमा का ऑस्कर में सफर अब भी जारी है और उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी भारतीय फिल्में इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को जीतेंगी!
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