Gurugram Event: आध्यात्म का महासंगम! दुनिया के बड़े संत एक मंच पर, जानिए क्यों खास है यह आयोजन?
गुरुग्राम में 2 मार्च 2025 को खुलेगा भारत का पहला ‘वर्ल्ड पीस सेंटर’। बाबा रामदेव, श्री श्री रविशंकर और मोरारी बापू समेत देश के शीर्ष संत होंगे शामिल। जानिए इस आयोजन की खास बातें।

गुरुग्राम: अगर आप आध्यात्म और शांति की खोज में हैं, तो 2 मार्च 2025 की तारीख याद रखिए! हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर 39 में भारत का पहला ‘वर्ल्ड पीस सेंटर’ खुलने जा रहा है, जो न केवल भारत की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को नया रूप देगा, बल्कि पूरी दुनिया में शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने का काम करेगा।
प्रयागराज महाकुंभ के बाद सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन!
प्रयागराज महाकुंभ के समापन के बाद यह भारत में सबसे बड़ा आध्यात्मिक महासंगम होगा। इसमें भारत के शीर्ष संत, योगी और धर्मगुरु एक मंच पर एकत्र होंगे, जिससे यह आयोजन अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बन जाएगा।
इस आयोजन में योग गुरु बाबा रामदेव, श्री श्री रविशंकर, प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू और जैनाचार्य लोकेश मुनि जैसे आध्यात्मिक हस्तियों की उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस समारोह का हिस्सा बनेंगे।
‘वर्ल्ड पीस सेंटर’ क्यों है खास?
यह भारत का पहला आध्यात्मिक और विश्व शांति केंद्र होगा, जहां –
योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रमोट किया जाएगा।
युवाओं के व्यक्तित्व विकास और नैतिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
संयुक्त राष्ट्र (UN) और विश्व धर्म संसद के सहयोग से आध्यात्म पर शोध और प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
क्या कह रहे हैं आध्यात्मिक गुरु?
जैनाचार्य लोकेश मुनि, जो इस पहल के प्रमुख सूत्रधार हैं, का कहना है –
"यह केंद्र केवल एक इमारत नहीं, बल्कि शांति और अहिंसा का प्रतीक होगा, जहां पूरी दुनिया भारतीय अध्यात्म से जुड़ेगी।"
योग गुरु बाबा रामदेव ने इसे "योग और ध्यान को दुनिया तक पहुंचाने का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म" बताया है।
मोरारी बापू का कहना है कि – "यह आयोजन सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक धरोहर साबित होगा।"
इतिहास: भारत की शांति परंपरा से कैसे जुड़ा यह आयोजन?
भारत की आध्यात्मिक परंपरा हजारों वर्षों से शांति और अहिंसा का संदेश देती आई है।
- भगवान महावीर और गौतम बुद्ध ने अहिंसा और ध्यान का संदेश दिया।
- आदि शंकराचार्य ने पूरे भारत में वैदिक ज्ञान का प्रचार किया।
- स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो धर्म संसद में भारतीय आध्यात्म की शक्ति को दुनिया के सामने रखा।
आज, उसी परंपरा को गुरुग्राम में ‘वर्ल्ड पीस सेंटर’ के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
कैसे बने हिस्सा?
अगर आप इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो 2 मार्च 2025 को सुबह 10 बजे, सेक्टर 39, गुरुग्राम जरूर पहुंचें।
यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत को विश्व शांति और आध्यात्म का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है!
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