Jamshedpur Accident: साबुन पाउडर से लदा ट्रक पलटा, मंजर देख लोगों की सांसें अटकी!
चाकुलिया में बड़ा हादसा! साबुन पाउडर से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, चालक केबिन में फंसा। जानिए कैसे ग्रामीणों ने बचाई जान और हादसे की वजह।

चाकुलिया: झारखंड के जमशेदपुर ग्रामीण क्षेत्र में एक खौफनाक हादसा हुआ, जिसने सड़क पर गुजर रहे लोगों की सांसें रोक दीं! गुरुवार की सुबह धालभूमगढ़ – पश्चिम बंगाल मुख्य सड़क पर एक तेज रफ्तार 12-चक्का ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक में साबुन पाउडर भरा था और यह कोलकाता के शालीमार रेल यार्ड से झारखंड के चाकुलिया की एक फैक्ट्री की ओर जा रहा था।
हादसा चाकुलिया पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां ट्रक संतुलन खो बैठा और सड़क किनारे पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रक चालक भीम पांडेय (निवासी: सिवान, बिहार) केबिन में बुरी तरह फंस गए और घायल हो गए। गनीमत रही कि स्थानीय ग्रामीणों ने समय रहते राहत कार्य शुरू किया और चालक को किसी तरह बाहर निकाल लिया।
कैसे हुआ हादसा? क्या थी वजह?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक तेज गति में था और जैसे ही उसने पेट्रोल पंप के पास एक मोड़ लिया, वह अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि या तो ब्रेक फेल हो गया था या फिर सड़क की स्थिति सही नहीं थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धालभूमगढ़-पश्चिम बंगाल रोड पर अक्सर भारी वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
चाकुलिया: ट्रकों के लिए ब्लैक स्पॉट?
चाकुलिया इलाका झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है, जहां हर दिन सैकड़ों ट्रक गुजरते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में इस मार्ग पर हादसों की संख्या बढ़ी है।
- 2023 में इसी इलाके में एक सीमेंट लदा ट्रक पलट गया था।
- 2022 में एक कोयला लदे ट्रक ने स्कूटी सवार को टक्कर मार दी थी।
- 2021 में भी एक टैंकर पलटने से बड़ा रिसाव हुआ था।
इससे साफ है कि यह इलाका बड़े ट्रकों के लिए "ब्लैक स्पॉट" बनता जा रहा है।
ग्रामीणों की मदद से बची जान
हादसे के बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में जमा हो गए। उन्होंने बिना किसी देरी के ट्रक में फंसे चालक को निकालने में मदद की। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद चालक दर्द से कराह रहे थे, लेकिन उनकी जान को कोई गंभीर खतरा नहीं हुआ।
थाना प्रभारी रविंद्र पांडेय भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने घायल चालक से बातचीत की। प्राथमिक उपचार के बाद चालक को आराम करने की सलाह दी गई।
क्या होना चाहिए समाधान?
- सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
- ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए सीसीटीवी और स्पीड ब्रेकर लगाने चाहिए।
- ट्रकों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि ब्रेक फेल जैसी घटनाएं रोकी जा सकें।
क्या यह हादसा एक चेतावनी है?
झारखंड में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे सरकार और प्रशासन के लिए एक चेतावनी हैं। अगर समय रहते सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले समय में ये हादसे और भी बढ़ सकते हैं।
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