East Singhbhum PDS Inspection: पीडीएस दुकानों का औचक निरीक्षण, लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्देश
पूर्वी सिंहभूम जिले में पीडीएस दुकानों का औचक निरीक्षण, लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्देश। जानिए कैसे हुई कार्रवाई और क्या है पूरा मामला।

जमशेदपुर, झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार, सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारियों ने शनिवार को पांच-पांच पीडीएस दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लाभुकों को समय पर और बिना किसी कटौती के खाद्यान्न उपलब्ध हो।
क्यों हुआ निरीक्षण?
पूर्वी सिंहभूम जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की निगरानी और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शनिवार को नोडल पदाधिकारियों द्वारा प्रखंडों का भ्रमण किया जाता है। इसी क्रम में, जिला प्रशासन ने पीडीएस दुकानों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए औचक निरीक्षण की योजना बनाई।
निरीक्षण के दौरान, पदाधिकारियों ने खाद्यान्न उठाव और वितरण, राशन कार्डधारियों द्वारा खाद्यान्न का उठाव, स्टॉक में खाद्यान्न की स्थिति, आधार सीडिंग और अन्य सामग्री के वितरण की अद्यतन स्थिति की जांच की।
किन क्षेत्रों में हुआ निरीक्षण?
निरीक्षण अभियान में शामिल नोडल पदाधिकारियों ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में पीडीएस दुकानों का दौरा किया। इनमें शामिल हैं:
घाटशिला:** परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री दीपांकर चौधरी
बोड़ाम: एसडीएम धालभूम श्रीमती शताब्दी मजूमदार
पटमदा: अपर उपायुक्त श्री भगीरथ प्रसाद
धालभूमगढ़: एसओआर श्री राहुल आनंद
बहरागोड़ा:** एलआरडीसी घाटशिला श्री नीत निखिल सुरीन
पोटका:** एलआरडीसी धालभूम श्री गौतम कुमार
जे.एन.ए.सी:** जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्रीमती रिंकू कुमारी
डुमरिया:** जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री सलमान जफर खिजरी
जुगसलाई नगर परिषद:** डीटीओ श्री धनंजय
गुड़ाबांदा:** निदेशक एनईपी श्री संतोष गर्ग
निरीक्षण में क्या पाया गया?
निरीक्षण के दौरान, पदाधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि लाभुकों को समय पर और बिना किसी कटौती के खाद्यान्न उपलब्ध हो। साथ ही, उन्होंने पीडीएस दुकानों में खाद्यान्न के स्टॉक, आधार सीडिंग और अन्य सामग्री के वितरण की स्थिति की जांच की।
जांच प्रतिवेदन और आगे की कार्रवाई
निरीक्षण के बाद, सभी नोडल पदाधिकारियों को शाम 6 बजे तक जांच प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल ने बताया कि सभी नोडल पदाधिकारियों के साथ एक बैठक कर कमियों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद, लापरवाह पीडीएस संचालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की यह पहल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभुकों तक पहुंचे। पीडीएस दुकानों का औचक निरीक्षण न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि लाभुकों के अधिकारों की रक्षा भी करेगा। अगर आप इस मामले से जुड़ी ताजा अपडेट चाहते हैं, तो हमारे साथ जुड़े रहें।
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